Spiritual & Religious Quotes in hindi

अगर दो खुश रहने वाले व्यक्ति कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ भगवान के खिलाफ खड़े हो जाए तो भगवान् भी उनके सामने असहाय हो जाता है।
~ Maxwell Anderson
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भगवान ऐसे लोगों को अभय कर देते हैं, जो उनमें विश्वास रखते हैं।
~ Mahatma Gandhi
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दुख स्वयं भोग का अंतिम रूप है।
~ Tom Robbins
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कर्म करने मे ही अधिकार है, फल मे नही।
~ Bhagavad Gita
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आस्था वो पक्षी है जो सुबह अँधेरा होने पर भी उजाले को महसूस करती है।
~ Rabindranath Tagore
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जहाँ आप अपने आप को बार-बार पा सकें वही आपका पवित्र स्थान है।
~ Joseph Campbell
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कभी भी अपने पास रखे तीन संसाधनों को मत भूलिए: प्रेम, प्रार्थना और क्षमा।
~ Jackson Brown
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हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं, अगर हम उसे अपने इस दिल में नहीं ढूंढ सकते।
~ Swami Vivekananda
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ईश्वर को आसमान में न ढूंढें; अपने भीतर ढूंढें।
~ Osho
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अपने सच्चे मन के साथ जुड़ना आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
~ Tom Hopkins
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प्रकृति एक प्रभाव का नाम है, जिसका कारण भगवान है।
~ William Cowper
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जब भगवान तुम्हारा कल्याण करने का फैंसला कर लेता है तो कोई और कितनी भी कोशिश करे लेकिन भगवान हालात को तुम्हारे पक्ष में ला खड़ा कर देता है।
~ Christie Joyner
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इस संसार में जन्म, जरा और मरण के दुःख से ग्रस्त जीव को कोई सुख नहीं है। अत: मोक्ष ही एक उपादेय है।
~ Mahavira
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भगवान हमें ढूंढता है जहाँ हम होते हैं और फिर हमें वहाँ ले जाता है जहाँ हमें होना चाहिए।
~ Deepak Chopra
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ईश्वर को आसमान में न ढूंढें; अपने भीतर ढूंढें।
~ Osho
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आस्था और आशावाद संक्रामक हैं।
~ Author Unknown
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संयोग भगवान का एक बचा हुआ गोपनीय रास्ता है।
~ Albert Einstein
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बिना चाभी के आज तक कोई ताला नहीं बना, इसी तरह भगवान ने बिना हल के कोई समस्या नहीं बनाई।
~ Author Unknown
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जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है।
~ Swami Vivekananda
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जब शरीर अहंकार और स्वार्थ से भरा होता है, तो जन्म और मृत्यु का चक्र खत्म नहीं होता।
~ Sri Guru Granth Sahib
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आप जितनी प्रार्थना करते हैं ईश्वर भी उतना ही सुनता है।
~ Author Unknown
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मनुष्य की आत्मा उसके भाग्य से अधिक बड़ी होती है।
~ Arvind Katoch
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अंतर्ज्ञान दर्शन की एक मात्र कसौटी है।
~ Sivananda Saraswati
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अपने कान को अपनी अंतर आत्मा पे लगाओ और ध्यान से सुनो।
~ Anne Sexton
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मैं भगवान में विश्वास करता हूँ बस मैं इसे प्रकृति का नाम देता हूँ।
~ Frank Lloyd Wright
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भगवान हमें ढूंढ़ता है जहाँ हम होते हैं और फिर हमें वहां ले जाता है जहाँ हमें होना चाहिए।
~ Deepak Chopra
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ध्यान एक फूल है और दया इसकी खुशबू।
~ Osho
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आस्था और आशावाद संक्रामक हैं।
~ Author Unknown
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आस्था वह पक्षी है जो सुबह अँधेरा होने पर भी उजाले को महसूस करती है।
~ Rabindranath Tagore
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ध्यान में अचेत नहीं होते, सचेत होते हैं। पहले से अधिक सचेत।
~ Osho
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आस्था वो पक्षी है जो सुबह अँधेरा होने पर भी उजाले को महसूस करती है।
~ Rabindranath Tagore
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इस संसार में जन्म, जरा और मरण के दुःख से ग्रस्त जीव को कोई सुख नहीं है। अत: मोक्ष ही एक उपादेय है।
~ Mahavira
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प्रार्थना विश्वास की अभिव्यक्ति का प्राकृतिक रूप है जैसे साँस लेना जीवन का।
~ Jonathan Edwards
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हम जो भी हैं वो हमारे विचारों का नतीजा है।
~ Lord Gautama Buddha
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आस्था से पहाड़ों को भी हिलाया जा सकता है बस आपको इनको धकेलकना पड़ता है जब आप प्रार्थना कर रहे हों।
~ Mason Cooley
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ध्यान जीवन के सभी रहस्यों की सुनहरी कुंजी है।
~ Osho
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दूसरों के साथ धैर्य प्यार है, स्वयं के साथ धैर्य आशा है कि है, भगवान के साथ धैर्य विश्वास है।
~ Adel Bestavros
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ध्यान, अहंकार का विकास नहीं है, बल्कि यह इसका अंत है।
~ Osho
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आस्था परमात्मा से नहीं मिलाती। आस्था परमात्मा को संभव बनाती है।
~ Deepak Chopra
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यदि भगवान का अस्तित्व न होता, तो उसके आविष्कार की आवश्यकता पड़ती।
~ Voltaire
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प्रार्थनाः दिन की कुंजी तथा रात का ताला होती है।
~ Dr. Thomas Fuller
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जिसने अपने आप को वश में कर लिया है, उसकी जीत को देवता भी हार में नहीं बदल सकते।
~ Lord Gautama Buddha
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ईश्वर को आसमान में न ढूंढें; अपने भीतर ढूंढें।
~ Osho
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जब तक आप आंतरिक रूप से शांति नहीं खोज पाते तो इसे अन्यत्र खोजने से कोई लाभ नहीं है।
~ L. A. Rouchefolicauld
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हर सुबह मैं पंद्रह मिनट अपने मस्तिष्क में प्रभु की भावनाओं को समाहित करता हूं; और इस प्रकार से चिंता के लिए इसमें कोई स्थान रिक्त नहीं रहता है।
~ Howard Chandler Christy
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हम जो हैं वह हमें ईश्वर की देन है, हम जो बनते हैं वह परमेश्वर को हमारी देन है।
~ Eleanor Powell
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दुनिया ऐसे लोगों से भरी पड़ी है जो असाधारण सुख की आस में संतोष को ताक पर रख देते हैं।
~ Doug Larson
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हालांकि कोई भी व्यक्ति अतीत में जाकर नई शुरुआत नहीं कर सकता है, लेकिन कोई भी व्यक्ति अभी शुरुआत कर सकता है और एक नया अंत प्राप्त कर सकता है।
~ Carl Bard
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इस संसार में जन्म, जरा और मरण के दुःख से ग्रस्त जीव को कोई सुख नहीं है। अत: मोक्ष ही उपादेय है।
~ Mahavira
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धार्मिक वृत्ति बनाये रखने वाला व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता और धार्मिक वृत्ति को खोने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता।
~ Acharya Tulsi
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भगवान मूर्तियों में नहीं है। आपकी अनुभूति आपका ईश्वर है। आत्मा आपका मंदिर है।
~ Chanakya
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किसी के साथ किसी भी प्रतियोगिता की कोई जरूरत नहीं है। जेसे तुम हो , आप वही हो।और आप पूरी तरह से ठीक हो .. आप अपने आपको स्वीकार करो।
~ Osho
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हममें से कोई नहीं जानता कि अगले क्षण क्या होगा, फिर भी हम आगे बढ़ते हैं। क्योंकि हम भरोसा करते हैं। क्योंकि हमारे अंदर आस्था है।
~ Paulo Coelho
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जो सचमुच दयालु है, वही सचमुच बुद्धिमान है, और जो दूसरों से प्रेम नहीं करता उस पर ईश्वर की कृपा नहीं होती।
~ Home
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पूजा करते समय शरीर की मुद्रा नहीं, बल्कि ह्रदय की प्रवृत्ति मायने रखती है।
~ Billy Graham
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जब तक तुम स्वयं अपने में विश्वास नहीं करते, परमात्मा में तुम विश्वास नहीं कर सकते।
~ Swami Vivekananda
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भगवान ऐसे लोगों को अभय कर देते हैं, जो उनमें विश्वास रखते हैं।
~ Mahatma Gandhi
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दान-पुण्य केवल परलोक में सुख देता है पर योग्य संतान सेवा द्वारा इहलोक और तर्पण द्वारा परलोक दोनों में सुख देती है।
~ Kalidas
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रामायण समस्त मनुष्य जाति को अनिर्वचनीय सुख और शांति पहुँचाने का साधन है।
~ Madan Mohan Malviya
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पीड़ा से दृष्टि मिलती है, इसलिए आत्मपीड़न ही आत्मदर्शन का माध्यम है।
~ Mahavira
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आत्मिक शक्ति ही वास्तविकता शक्ति है।
~ Sivananda Saraswati
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जिस प्रकार मैले दर्पण में सूरज का प्रतिबिंब नहीं पड़ता उसी प्रकार मलिन अंत:करण में ईश्वर के प्रकाश का प्रतिबिंब नहीं पड़ सकता।
~ Ramakrishna Paramahansa
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आत्मा का घात नहीं होता, आत्मा का नाश नहीं होता, आत्मा तो अज़र अमर है।
~ Mahavira
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दूसरे धर्मो की निंदा करना गलत है। सच्चा व्यक्ति वह है जो दूसरे धर्मो की भी हर उस बात का सम्मान करता है जो सम्मान के लायक है।
~ Ashoka
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जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है।
~ Valmiki
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लगातार पवित्र विचार करते रहें। बुरे संस्कारों को दबाने लिए एकमात्र समाधान यही है।
~ Swami Vivekananda
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तुम अपनी अंत:स्थ आत्मा को छोड़ किसी और के सामने सिर मत झुकाओ। जब तक तुम यह अनुभव नहीं करते कि तुम स्वयं देवों के देव हो, तब तक तुम मुक्त नहीं हो सकते।
~ Swami Vivekananda
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आस्था वो पक्षी है जो भोर के अँधेरे में भी उजाले को महसूस करता है।
~ Rabindranath Tagore
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प्रभु से यह मत कहो कि समस्या विकट है;
बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे प्रभु मेरे निकट हैं।
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ऐ माँ नवाज दे उन्हें तू तेरी महर से,
जिन्होंने देखा नहीं दुनिया को दुनिया की नजर से,
जिनके चहरे की मासूमियत तेरे वजूद की गवाह है,
जिनको रहती है उम्मीद बस तेरे ही दर से।
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मेरी दीवानगी का उधार 'श्याम' तुझे चुकाने की जरुरत नही है,
मैं तुझे देखता हूँ और किश्तें अदा हो जाती है।
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कन्हैया इतना प्यार भी ना करो कि बिखर जाऊँ मैं;
थोड़ा रूठा भी करो कि सुधर जाऊँ मैं;
अगर हो जाये खता तो हो जाना खफा;
पर इतना भी ना होना कि मर ही जाऊँ मैं।
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आत्मा को निरंतर साफ करते रहें,
दुनिया को निरंतर माफ़ करते रहें,
परमात्मा को निरंतर याद करते रहें।
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कैसे शुक्र करूँ तेरी रहमतों का ए खुदा,
मुझे माँगने का सलीका नही हैं, पर तू देने की हर अदा जानता है।
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ज़िन्दगी हसीन है ज़िन्दगी से प्यार करो,
हो रात तो सुबह का इंतज़ार करो,
वो पल भी आएगा, जिस पल का इंतज़ार है आपको,
बस रब पे भरोसा और वक़्त पे ऐतबार करो।
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दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;
सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;
दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;
मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।
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भगवान कहते हैं,
'तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में, अगर तेरे दिल में नहीं तो कहीं नहीं हूँ मैं।'
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कान्हा तेरे वादे तू ही जाने, मेरा तो आज भी वही कहना है,
जिस दिन साँस टूटेगी, उस दिन ही तेरी आस छूटेगी।
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'श्याम' से मोहब्बत कोई बारिश का नाम नहीं
जो बरसे और थम जाए।
'श्याम' से मोहब्बत सूरज भी नहीं
जो चमके और डूब जाए।
'श्याम' से मोहब्बत तो नाम है सांस का
जो चले तो जिदंगी चले और रूके तो मौत बन जाए।
जय जय श्री राधे - हरे कृष्णा!
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मुझे अक्ल उतनी ही देना मेरे साहिब,
कि कभी दखल ना कर सकूँ तेरी रज़ा में।
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सुख मै बहु संगी भए दुख मै संगि न कोई।।
कहु नानक हरि भजु मना अंति सहाई होई।।
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तू नहीं तेरे अंदर बैठे रब्ब से मोहब्बत है मुझे,
तू तो बस एक जरिया है मेरी इबादत का।
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तेरी मोहब्बत में साँवरे एक बात सीखी है,
तेरी भक्ति के बिना ये सारी दुनिया फीकी है,
तेरा दर ढूंढ़ते - ढूंढ़ते ज़िन्दगी की शाम हो गयी,
जब तेरा दर देखा मेरे साँवरे तो ज़िंदगी ही तेरे नाम हो गयी।
बोलो राधे राधे!
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सतगुरु हैं तो बसंत है;
सतगुरु नहीं तो बस अंत है।
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आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ;
तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ;
एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक;
कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।
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उम्र और ज़िंदगी में फर्क बस इतना है जो गुरु बिन बीती वो उम्र,
जो गुरु के साथ बीती वो ज़िंदगी।
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बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोये।
जो मन खोजा आपना, तो मुझसे बुरा न कोये।।
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भीगने का अगर शौक हो तो आकर वाहेगुरू के चरणों में बैठ जाना,
ये बादल तो कभी कभी बरसते हैं, मगर मेरे वाहेगुरू की कृपा हर पल बरसती है।
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हे मेरे दाता हम अगर वो न कर सके जो आप चाहते हैं,
तो कम से कम हमें इतनी समझ ज़रूर देना,
कि हम वो तो कतई न करें जो आप कभी नहीं चाहते हैं।
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धनगुरु नानक रखी लाज,
किसी दे ना होविये मोहताज़,
सानु बस तेरी ही आस,
सतगुरु रखना चरना दे पास।
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इंसान मायूस इसलिए होता है क्योंकि वह परमात्मा को राज़ी करने की बजाये लोगों को राज़ी करने में लगा रहता है।
वह भूल जाता है कि रब राज़ी तो सब राज़ी।
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साधू कहावन कठिन है, लम्बा पेड़ खजूर।
चढ़े तो चखे प्रेम रस, गिरे तो चकनाचूर।
~Sant Kabir Das
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ज़रूरी नहीं कि हर समय लबों पर भगवान का नाम आये,
वो लम्हा भी भक्ति से कम नहीं जब इंसान इंसान के काम आये।
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स्वर्ग का सपना छोड़ दो,
नरक का डर छोड़ दो,
कौन जाने क्या पाप, क्या पुण्य,
बस किसी का दिल न दुखे अपने स्वार्थ के लिए,
बाक़ी सब कुदरत पर छोड़ दो।
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हे प्रभु,
मनुष्य होना मेरा भाग्य है -
पर आप से जुड़े रहना मेरा सौभाग्य है।
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भगवान के नाम पर काम शुरू करो।
भगवान की मदद के साथ काम करो।
भगवान को धन्यवाद के साथ काम संपूर्ण करो।
क्योंकि भगवान ही फैसला करता है, वही सब कुछ देता है और आपके जीवन में सब कुछ संभव बना देता है।
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ज़रूर कोई तो लिखता होगा कागज़ और पत्थर का भी नसीब;
वरना यह मुमकिन नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई पत्थर भगवान बन जाये,
और कोई कागज़ रद्दी और कोई कागज़ गीता और कुरान बन जाये।
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सेवा करनी है तो, घड़ी मत देखो !
लंगर छ्कना है तो, स्वाद मत देखो !
सत्संग सुनाना है तो, जगह मत देखो !
बिनती करनी है तो, स्वार्थ मत देखो !
समर्पण करना है तो, खर्चा मत देखो !
रहमत देखनी है तो, जरूरत मत देखो !!
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बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी बात नही।
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"दु:ख" और "तकलीफ" भगवान की बनाई हुई वह प्रयोगशाला है,
जहां आपकी काबलियत और आत्मविश्वास को परखा जाता है।
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गोपाल सहारा तेरा है,
नंदलाल सहारा तेरा है,
तू मेरा है मैं तेरा हूँ,
मेरा और सहारा कोई नहीं,
तू माखन चुराने वाला है,
तू चित को चुराने वाला है,
तू गौयें चराने वाला है,
तू बंसी बजाने वाला है,
तू रास रचाने वाला है।
तेरे बिन मेरा और सहारा कोई नहीं।
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वो अक्सर मुझे अपने दर पर बुलाते हैं,
कभी चुपके से अपने दर्शन दे जाते हैं,
कैसे करूँ शुक्राना उस रब का,
जो माँगने से पहले झोलियाँ भर जाते हैं।
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जरूरी नहीं कि लब पर हर समय परमात्मा का नाम आये,
वो समय भी भक्ति का होता है जब इंसान इंसान के काम आये।
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जो केवल अपना भला चाहता है वो दुर्योधन है, जो अपनों का भला चाहता है वो युधिष्ठिर है, और जो सबका भला चाहता है वो श्री कृष्ण हैं। कर्म के साथ साथ भावनायें भी महत्त्व रखती हैं।
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रात को मैं उठ न सका "साँवरे" दरवाजे पर किसी की दस्तक से,
सुबह होते ही बहुत रोई मैं, "कन्हैया" तेरे पैरों के निशान देख कर।
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किसी को भी ना तूँ सतगुरु उदास रखना;
सबको अपने चरणो के दाता पास रखना;
गम ना आयेँ किसी को भी मेरे सतगुरु,
तूँ नजरे-करम सब पर ही खास रखना।
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जहाँ निरंकार है, वहाँ अहंकार नहीं,
और जहाँ अहंकार है वहाँ निरंकार नहीं होता,
अपने आप को मिटने जैसी कोई जीत नहीं,
और अपने आप को सब कुछ समझने जैसी हार नहीं।
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पता नहीं क्या जादू है गुरु के चरणों में,
जितना झुकता हूँ उतना ही ऊपर जाता हूँ।
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कर दिया है बेफिक्र तूने फ़िक्र अब मैं कैसे करूँ;
फ़िक्र तो यह है कि तेरा शुक्र कैसे करूँ!
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ढूंढा सारे संसार में पाया पता तेरा नहीं;
जब पता तेरा लगा, अब पता मेरा नहीं।
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इश्क़ और इबादत में इतना ही अंतर है कि एक की याद तकलीफ देती है और दूसरे की याद तकलीफ में ही आती है।
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जैसे दूध में चावल मिलाने से खीर बनती है,
वैसे ही सतगुरु के चरणों में झुकने से तक़दीर बनती है।
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खुशियाँ मिलती नहीं मांगने से;
मंजिल मिलती नहीं राह पे रूकने से;
हमेशा भरोसा रखना उस ऊपर-वाले पर;
वो हर नयामत देता है, सही वक़्त आने पर।
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कल रात मेरी आँख से आँसू निकल पडा।
मैंने पूछा, "तू बाहर क्यों आया?"
उसने कहा, "तेरी आँखों में सतगुरु इस कदर समाये हैं कि मैं अपनी जगह ना बना पाया।"
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प्रार्थना और ध्यान इंसान के लिए बहुत ज़रूरी हैं;
प्रार्थना में भगवान आपकी बात सुनते हैं,
और ध्यान में आप भगवान की बात सुनते हैं।
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जहाँ बस्ता है खुशियों का संसार;
जहाँ मिलता है सबको एक जैसा प्यार;
जहाँ होती है मुक्ति के द्वार की शुरुआत;
वो कुछ और नहीं, वो है हमारे प्यारे सतगुरु का दरबार।
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मेरी औकात से बढ़ कर मुझे कुछ ना देना मेरे मालिक,
क्योंकि रौशनी भी अगर ज़रूरत से ज्यादा हो तो इंसान को अँधा बना देती है।
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दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;
सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;
दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;
मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।
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तेरी रज़ा में सतगुरु रहना आ जाये;
दुनिया जो भी कहे सहना आ जाये;
ऐसी दो शक्ति हमें ऐ मालिक;
खुद चिराग बन कर जलना अ जाये।
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नींद नहीं आती अपने गुनाहों के डर से "अल्लाह",
फिर सुकून से सो जाता हूँ ये सोच कर कि तेरा एक नाम "रहीम" भी तो है।
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तेरी मेहर पर शक नहीं है मेरे सतगुरु,
मैं तेरे रहम के काबिल हूँ, इस बात पर शक है मुझे।
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भगवान से यह मत कहो कि समस्या विकट है;
बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे भगवान मेरे निकट हैं।
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दिल कभी ना लगाना दुनिया से दर्द पाओगे,
बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
करना ही है तो करो सत्संग, सेवा और सिमरन,
हमेशा उम्मीद से दोगुना पाओगे।
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कौन कहता है कि परमात्मा नज़र नहीं आता,
एक वही तो नज़र आता है जब कुछ नज़र नहीं आता।
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ज़मीन पे सुकून की तलाश है;
मालिक तेरा बंदा कितना उदास है;
क्यों खोजता है इंसान राहत दुनिया में;
हर मसले का हल तेरी अरदास है।
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आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ;
तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ;
एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक;
कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।
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कर दिया है बेफिक्र तूने, फ़िक्र अब मैं कैसे करूँ;
फ़िक्र तो यह है कि तेरा शुक्र कैसे करूँ।
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ज़रूर कोई तो लिखता होगा कागज़ और पत्थर का भी नसीब;
वरना यह मुमकिन नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई पत्थर भगवान बन जाये,
और कोई कागज़ रद्दी और कोई कागज़ गीता और कुरान बन जाये।
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जीवन में पीछे देखो 'अनुभव' मिलेगा;
जीवन में आगे देखो तो 'आशा' मिलेगी;
दायें - बायें देखो तो 'सत्य' मिलेगा;
स्वयं के अंदर देखो तो 'परमात्मा' और 'आत्मविश्वास' मिलेगा।
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जो कुछ भी मैंने खोया वह मेरी नादानी थी,
और जो कुछ भी मैंने पाया वह रब की मेहरबानी थी।
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हम और हमारे ईश्वर दोनों एक जैसे हैं।
जो रोज़ भूल जाते हैं...
वो हमारी गलतियों को, हम उसकी मेहरबानियों को।
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सतगुरु के पास प्यार का खज़ाना है,
पर कर्मों का हिसाब तो चुकाना है;
सतगुरु का सिमरन भूलना ना कभी,
क्योंकि सिमरन के जरिये ही सतगुरु को पाना है।
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तुझे क्या कहूँ मेरे शहंशाह तेरे सामने मेरा हाल है,
तेरी एक निगाह की बात है, मेरी ज़िन्दगी का सवाल है।
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जय श्री कृष्णा,
दुनिया से हर बाज़ी जीत कर मशहूर हो गए,
इतना मुस्कुराये कि आँसू दूर हो गए,
हम काँच थे दुनिया ने हमको फेंक दिया था,
मगर बिहारी जी के चरणों में आये तो कोहिनूर हो गए।
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कोई तो है मेरे 'अंदर' मुझे संभाले हुए,
'बेकार' सा रह कर भी 'बरक़रार' हूँ।
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दीर्घ आयु के लिए खुराक आधी करें,
पानी दोगुना करें,
व्यायाम तिगुना करें,
हँसना चौगुना करें,
और भगवान का ध्यान सौगुना करें।
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जिस दिन हमारा मन परमात्मा को याद करने और उसमे दिलचस्पी लेना शुरू कर देगा,
उस दिन हमारी परेशानियां हम में दिलचस्पी लेना बंद कर देंगी।
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जो बिगड़ी गाड़ियाँ सुधारे, वो मैकेनिक;
जो बिगड़ी मशीनें संवारे, वो इंजीनियर;
जो बिगड़े शरीरों को सुधारे, वो डॉक्टर;
जो बिगड़े मुक़द्दर संवारे, वो परमात्मा।
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मैं हर बार आजमाता हूँ कि ईश्वर है कि नहीं,
पर उसने एक बार भी सबूत नहीं माँगा कि मैं इन्सान हूँ कि नहीं।
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श्रद्धा और विश्वास ऐसी जड़ी बूटियाँ हैं कि जो एक बार घोल कर पी लेता है वह चाहने पर मृत्यु को भी पीछे धकेल देता है।
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बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी बात नही।
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क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो देखते हुए खुद को "आईने" में;
कुछ वक़्त बैठो प्रभु के सामने खूबसूरत हो जाओगे सही "मायने" में।
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जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है, मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
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जब दुआ और कोशिश से बात ना बने,
तो फैसला भगवान पर छोड़ दो, भगवान अपने बन्दों के बारे में बेहतर फैसला करते हैं।
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परमात्मा का सिमरन ज़ुबान की हरकत ही नहीं रूह की पुकार भी है।
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भग़वान कहते हैं,
"तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में अगर तेरे दिल में नहीं हूँ तो कहीं नहीं हूँ मैं।"
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जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है;
ऐ मेरे मालिक मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि;
हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
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किसी ने ईश्वर से कहा, "मैं ज़िन्दगी से घृणा करता हूँ।"
ईश्वर ने कहा, "तुमसे किसने कहा कि ज़िन्दगी से प्यार करो। तुम तो बस उसे चाहो जो तुम्हें चाहता हो, ज़िन्दगी अपने आप खूबसूरत हो जाएगी।"
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प्रार्थना और ध्यान इंसान के लिए बहुत ही ज़रूरी है,
प्रार्थना में भगवान आपकी सुनते हैं और ध्यान में आप भगवान की बात सुनते हैं।
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जीवन में पीछे देखो, अनुभव मिलेगा
जीवन में आगे देखो तो, आशा मिलेगी
दायें-बायें देखो तो, सत्य मिलेगा
स्वंय के अंदर देखो तो परमात्मा और आत्मविश्वास मिलेगा।
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मेरे ईश्वर! हज़ारों ऐब हैं मुझमे, नहीं कोई हुनर बेशक;
मेरी खामी को तू मेरी खूबी को तब्दील कर देना;
मेरी हस्ती है एक खारे समंदर सी मेरे दाता;
तू अपनी रहमतों से इसको मीठी झील कर देना।
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मुश्किल राहें भी आसान हो जाती हैं;
हर राह पर पहचान हो जाती है;
जो कहते हैं मुस्कुरा कर 'शुक्र है मालिक';
किस्मत उनकी गुलाम हो जाती है।
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इतिहास कहता है कि कल सुख था,
विज्ञान कहता है कि कल सुख होगा,
लेकिन धर्म कहता है कि,
अगर मन सच्चा और दिल अच्छा है तो हर रोज़ सुख होगा।
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ना ऊंच-नीच में रहूँ ना जात पात में रहूँ;
तू मेरे दिल में रहे मौला और मैं औकात में रहूँ;
तेरी हर रजा दिल से कबूल हो मुझे;
शुकराना करता रहूँ तेरा जिस भी हालत में रहूँ।
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आँसू पोंछ कर हँसाया है मुझे;
मेरी गलती पर भी सीने से लगाया है मुझे;
ऐसे गुरु पर कैसे प्यार ना हो;
जिस गुरु ग्रंथ साहिब जी ने जीना सिखाया है मुझे।
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सुख भी बहुत हैं, परेशानियां भी बहुत हैं,
ज़िन्दगी में लाभ हैं, तो हानियां भी बहुत हैं,
क्या हुआ जो प्रभु ने हमें थोड़े गम दे दिए,
उस की हम पर मेहरबानियाँ भी बहुत हैं।
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इंसान जीवन में रिश्ते नातों को निभाता चला गया;
जीवन की इस दौड़ में खुद को भुलाता चला गया;
बंदगी भी ना कर पाया उस खुदा की रहमतों की;
खाली हाथ आया था और मुठी बंद कर चला गया।
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प्रभु के आगे जो झुकता है वो सबको अच्छा लगता है;
लेकिन, जो सबके आगे झुकता है वो प्रभु को अच्छा लगता है।
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दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;
वाहेगुरू के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया; दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे वाहेगुरू का;
मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।
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सिमरन कर लोगे तुम जितना, उतना ही अज्ञान मिटेगा;
सुख-दुःख तुमको एक लगेंगे, जब सच्चा वो ज्ञान मिलेगा;
जब औरों के काम आओगे. तब-तब जीवन सफल रहेगा;
उससे मिलना फिर मुमकिन है, जब औरों का ध्यान रहेगा।
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हिम्मत ना हारिये, उस मालिक को न बिसारिये;
मुश्किलों और कठिनाइयों का अगर करना है खात्मा;
तो हर वक़्त कहते रहो तेरा शुक्र है परमात्मा, तेरा शुक्र है परमात्मा।
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मैं रोज़ गुनाह करता हूँ और खुदा मुझे माफ़ कर देता है;
मैं मज़बूर आदत से हूँ और वो मज़बूर अपनी रेहमत से है।
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तकदीर पे लिखे पर शिकवा न कर;
तू अभी इतना समझदार नहीं कि रब के इरादे समझ सके।
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इस दश्त के सेहरा को समंदर कर दे;
या मेरी आँख के हर अश्क को पत्थर कर दे;
या खुदा मैं और कुछ नहीं मांगता तुझ से;
मेरी चादर मेरे पैरों के बराबर कर दे।
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प्रभु से यह मत कहो कि समस्या विकट है;
बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे प्रभु मेरे निकट हैं।
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जब तेरी ररहमतों पर मेरी नज़र जाती है;
ऐ खुदा! मेरी ये दो आँखें फिर भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे हर चीज़ इस कदर;
कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
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को काहू को मित्र नहीं, शत्रु काहू को नाय;
अपने ही गुण दोष से, शत्रु मित्र बन जाय।

संसार का एक ही नियम है, आप जिसके लिए उपयोगी हैं वो आप को मित्र मानेगा। जिस को आप के कारण नुक्सान हो रहा होगा, वो आप का शत्रु हो जायेगा।
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मुझे इतना नीचे भी मत गिराना हे ईश्वर! कि मैं पुकारूँ और तू सुन ना पाये;
और इतना ऊँचा भी मत उठाना कि तू पुकारे और मैं सुन ना पाऊं।
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ऐ खुदा तू भी अपना जलवा दिखा दे;
हर किसी की ज़िंदगी तू अपने नूर से सज़ा दे;
जो हैं बैठे खामोश से इस समय;
उनकी ज़िंदगी भी तू अपने कर्म से रौशन कर दे।
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खूबसूरत तालमेल है मेरे और उसके बीच में;
ज्यादा मैं माँगता नहीं, कम वो देता नहीं।
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सब का मालिक वो एक कुल परमात्मा है,
उस का अपना कोई नाम नहीं है पर सारे नाम उसकी के हैं,
उसको किसी भी नाम से पुकारो वो ज़रूर जवाब देता है।
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खाली हाथ आए और खाली हाथ चले। जो आज तुम्हारा है, कल और किसी का था, परसों किसी और का होगा। इसलिए जो कुछ भी तू करता है, उसे भगवान के अर्पण करता चल।
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शिवाय विष्णु रुपाय
शिव रुपाय विष्णवे
शिवस्य हृदयं विष्णुः
विष्णोश्च हृदयं शिव:
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मैं आँधियों से क्यों डरूँ जब मेरे अंदर ही तूफ़ान है;
मैं मंदिर मस्जिद क्यों जाऊं जब मेरे अंदर ही भगवान है।
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हज़ारों ऐब हैं मुझमे, नहीं कोई हुनर बेशक;
मेरी खामी को तू मेरी खूबी में तब्दील कर देना;
मेरी हस्ती है एक खारे समंदर सी मेरे दाता;
तू अपनी रहमतों से इसको मीठी झील कर देना।
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जब हम कठिन परिस्थितियों से गुज़र रहे होते हैं और प्रभु को मौन पाते हैं तो;
याद रखना कि परीक्षा के दौरान शिक्षक हमेशा मौन रहते हैं।
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सुख भी बहुत हैं, परेशानियां भी बहुत हैं;
ज़िंदगी में लाभ बहुत हैं तो हानियां भी बहुत हैं;
क्या हुआ जो थोड़े ग़म मिले ज़िंदगी में;
खुदा की हम पर मेहरबानियाँ बहुत हैं।
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मेरी औकात से बाहर मुझे कुछ न करने देना मालिक;
क्योंकि ज़रूरत से ज्यादा रौशनी भी इंसान को अँधा कर देती है।
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किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर;
'ईश्वर' बैठा है, तू हिसाब ना कर।
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ज़मीन पे सुकून की तालाश है, मालिक तेरा बंदा कितना उदास है;
क्यों खोजता है इंसान राहत दुनिया में, जबकि हर मसले का हल तेरी अरदास है।
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साईं कहते हैं;
उदास न हो मैं तेरे साथ हूँ;
सामने नहीं आस-पास हूँ;
पलकों को बंद करके दिल से याद करना;
मैं और कोई नहीं तेरा विश्वास हूँ।
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इबादतें हों कुछ इस तरह से तेरे नाम के साथ;
कि दिन गुज़र जाये तेरी रहमतों के साथ।
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जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती वैसे ही मनुष्य भी ---------- जीवन के बिना नहीं जी सकता।
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जानना ही है तो उस खुदा को जानो, मेरी क्या हस्ती है;
इन अनजान अजनबियों के बीच, अनजान मेरी मिट्टी है।
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जब मुझे यकीन है कि खुदा मेरे साथ है;
तो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन कौन मेरे खिलाफ है।
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जब अपने लिए दुआ करो तो दूसरों को भी याद किया करो;
क्या पता, किसी के नसीब की खुशी आपकी एक दुआ के इंतज़ार में हो।
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संगीत सुनकर ज्ञान नहीं मिलता;
मंदिर जाकर भगवान् नहीं मिलता;
पत्थर तो लोग इसीलिए पूजते हैं;
क्योंकि विश्वास के लायक इंसान नहीं मिलता।
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एक एक कर इतनी कमियां निकाली लोगों ने 'मुझमें';
कि अब बस 'खुबियां' ही रह गई हैं मुझमें!
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जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है - मेरे रब जी, मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है!
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कहते है:
ज़िंदगी का आखिरी 'ठिकाना' ईश्वर का घर है।
कुछ अच्छा कर लें, मुसाफिर! किसी के घर 'खाली' हाथ नहीं जाते!
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कभी आप दूसरों के लिए मांग कर देखो;
तुम्हें कभी अपने लिए मांगने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
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प्यार करो तो धोखा मत देना;
प्यार को आंसुओं का तोहफा मत देना;
दिल से रोए कोई तुम्हें याद करके;
ऐसा किसी को मौका मत देना।
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तू इस कदर इंसान को बेबस ना बना ऐ मेरे खुदा, कि तेरा बंदा तुझसे पहले किसी और के आगे झुक जाए!
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जब दुआ और कोशिश से बात ना बने, तो फैसला भगवान पर छोड़ दो, भगवान अपने बन्दों के बारे में बेहतर फैसला करते हैं।
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अगर ख़ुदा नहीं तो उसका ज़िक्र क्यों और अगर वो है तो फ़िक्र क्यों।
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जब ऊपर वाला आपसे कुछ वापिस लेता है तो, यह मत सोचो कि उसने आपको कोई दंड दिया है;
हो सकता है, उसने आपका हाथ खाली किया हो, पहले से बेहतर कुछ देने के लिए!
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तू अगर मुझे नवाजे तो तेरा करम है मालिक;
वरना तेरी रहमतों के काबिल मेरी बंदगी नहीं।
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मनुष्य बड़ा अज़ीब है, प्रार्थना करते वक़्त समझता है कि भगवान बहुत नज़दीक है;
और गुनाह करते वक़्त यह समझता है कि भगवान बहुत दूर है।
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इंसान प्यार करने के लिए होते हैं और पैसे इस्तेमाल करने के लिए;
पर दर्द तब होता है, जब लोग पैसों से प्यार और इंसानों का इस्तेमाल करते हैं!
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समय, सत्ता, संपति और शरीर सदा साथ नहीं देते।
परन्तु
स्वभाव, समझदारी, सत्संग और सच्चे संबंध सदा साथ देते हैं।
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नेकियाँ कर के, जो दरिया में डाल दोगे अभी;
वही तूफानों में कश्तियाँ बन कर साथ देंगी कभी।
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आँसू हर ख़ुशी और ग़म में इंसान का साथ देते हैं;
आँसू बहने से दिल का बोझ हल्का होता है;
आँसू ख़ुशी के मौके पर भी निकलते हैं और ख़ुशी का इज़हार करते हैं;
आँसू दोस्त बिछड़ने पर आँखों से मोतीयों की तरह बहने लगते हैं;
आंसुओं से प्यार करो क्योंकि यह बिन मांगे मिल जाते हैं।
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ज़िंदगी में क़ामयाब होने के 2 असूल;
1. कभी किसी को पूरी बात मत बताओ।
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..
...
....
.....
2. ?????
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..
...
....
क्या ढूंढ रहे हो?
मुझे भी क़ामयाब होना है।
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जीवन मिलना भाग्य की बात है;
मृत्यु आना समय की बात है;
पर मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रहना;
ये कर्मों की बात है।
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जब तेरी इनायत पर मेरी नज़र जाती है मेरे मालिक;
मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर;
कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती हैं।
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बात किरदार में होती है;
वरना क़द में साया भी इंसान से बड़ा होता है।
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मूर्खों से तारीफ़ सुनने से बुद्धिमान की डांट सुनना ज्यादा बेहतर है।
आचार्य चाणक्य
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एक व्यक्ति ने स्वामी जी से पूछा: सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या है?
स्वामी ने जवाब दिया: "वो उम्मीद खोना जिसके भरोसे पर हम सब कुछ पा सकते हैं।"
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जीवन में कभी भी कठिन हालत में अपनी आस्था को कम न होने दें;
क्योंकि;
भगवान जिसे सच्चे मन से प्यार करते हैं उन्हें ही अग्नि परीक्षाओं से होकर गुजारते हैं।
"जय श्री कृष्ण"
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बुराई से असहयोग करना मानव का पवित्र कर्तव्य है।
जो हाथ सेवा के लिए उठते हैं, वे प्रार्थना करते होंठों से पवित्र हैं।
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मेरा-तेरा;
छोटा-बड़ा;
अपना-पराया;
मन से मिटा दो;
फिर सब तुम्हारा है और तुम सबके हो।
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प्रभु के सामने जो झुकता है, वह सबको अच्छा लगता है;
लेकिन;
जो सबके सामने झुकता है वो प्रभु को अच्छा लगता है।
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इंसानियत इंसान को इंसान बना देती है;
लगन हर मुश्किल को आसान बना देती है;
वर्ना कौन जाता मंदिरों में पूजा करने;
आस्था ही पत्थरों को भगवान बना देती है।
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साईं वाणी:
जीवन मिलना भाग्य की बात है;
मृत्यु आना समय की बात है;
पर मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित रहना;
ये 'कर्मों' की बात है।
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संत की जाती नहीं होती;
आकाश का घुमाव नहीं होता;
भूमि का तौल नहीं होता और;
पारस का कोई मोल नहीं होता।
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धर्म न कोई करने की वस्तु है और न ही कोई पूजा पाठ का तरीका है;
धर्म तो मात्र सात्विक, कर्तव्य और अकर्तव्य है;
जो हमें अपने जीवन में उन्नति की ओर तथा;
सत्य एवं परमात्मा की ओर ले जाता है।
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सतगुरु अपनी वाणी से परमात्मा का सन्देश;
दर्शन से परमात्मा की अनुभूति;
और आशीर्वाद से परमात्मा की कृपाओं का अमृत बरसाते हैं।
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प्रार्थना ऐसी करनी चाहिए जैसा कि;
सब कुछ ईश्वर पर ही निर्भर है;
और काम ऐसे करने चाहिए जैसे;
कि सब कुछ हम पर निर्भर है।
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जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते;
तब तक आप भगवान पर भी विश्वास नहीं कर सकते।
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जो पुण्य करता है वह देवता बन जाता है;
जो पाप करता है वह पशु बन जाता है;
किन्तु जो प्रेम करता है वह आदमी बन जाता है।
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पवन पुत्र श्री हनुमान की जय;
मेरे तन में राम हैं;
मेरे रोम रोम में राम हैं;
मेरे मन में भी;
राम का ही नाम है।
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तेज स्वर में की गई प्रार्थना, ईश्वर तक पहुंचे यह आवश्यक नहीं, किन्तु सच्चे मन से की गई प्रार्थना, जो भले ही मौन रह कर की गई हो; वह प्रार्थना ईश्वर तक अवश्य पहुंचती है।
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मनुष्य अपने विश्वास में निर्मित होता है;
जैसा वह विश्वास करता है, वह वैसा बन जाता है!
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'खुशियाँ' चंदन की तरह होती हैं दूसरे के माथे पर लगाओ फिर भी अपनी उँगलियाँ खुद ही महक जाती हैं।
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ईश्वर से कुछ मांगने पर न मिले तो उससे नाराज मत होना;
क्योंकि;
ईश्वर वह नहीं देता जो आपको अच्छा लगता है;
बल्कि वह देता है जो आपके लिए अच्छा होता है।
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प्यार और विश्वास को हो सके तो कभी ना खोयें;
क्योंकि प्यार हर किसी से होता नहीं;
और;
विश्वास हर किसी पे होता नहीं;
ये दोनों ही जीवन के बहुमूल्य तथ्य हैं।
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है फिर भी सुकून कि 'तलाश' है;
मालिक तेरा बंदा कितना 'उदास' है;
क्यों खोजता है इंसान 'राहत';
जब कि दुनिया में सारे 'मसलों' का हल है तेरी 'अरदास' में!
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को काहू को मित्र नहीं, शत्रु काहू को नाय;
अपने ही गुण दोष से, शत्रु मित्र बन जाय।
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बोली माहि कठोरता, प्रभु को नाहि सुहाय;
सोई जीभ माही हड्डी, प्रभु ने दीन्ही नाय।
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यदि तुम अपनी इच्छा से नहीं, भगवान की इच्छा से ही चल रहे हो तो;
सैकड़ों जन्म-मृत्युओं में जाना भी तुम्हारे लिये सौभाग्य और परमानन्द है।
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हमने हर शाम चिरागों से सजा रखी है;
मगर शर्त हवाओं से लगा रखी है;
न जाने कौन सी राह से मेरे साईं आ जाएँ;
हमने हर राह फूलों से सजा रखी है।
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मेरी औक़ात से बाहर मुझे कुछ ना देना मेरे मालिक;
क्योंकि
ज़रूरत से ज्यादा रोशनी भी इंसान को अंधा बना देती है।
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कर ऐसी इनायत अए साहिबा तेरा शुकर मनाना आ जाए;
हम बन्दे हैं बन्दों की तरह हमें प्यार निभाना आ जाए।
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मैं और मेरा इश्वर, दोनों एक जैसे हैं। हम रोज़ भूल जाते हैं।
वो मेरी गलतियों को और मैं उसकी
.
..
...
मेहरबानियों को।
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तू अगर मुझे नवाज़े तो तेरा करम है मालिक;
वर्ना तेरी रहमतों के काबिल मेरी बंदगी नहीं।
ॐ साईं राम।
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दुख मे सिमरन सब करे सुख में करे न कोए;
जो सुख में सिमरन करे तो दुख काहे को होए।
~ Bhagat Kabir
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मंदिर में फूल चढ़ाने गए तो एहसास हुआ;
कि पत्थरों की ख़ुशी के लिए फूलों का क़त्ल कर आये हम;
मिटाने गए थे पाप जहाँ पर, वहीँ एक और पाप कर आये हम।
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सारा जहाँ है उसका जो मुस्कुराना सीख ले;
रोशनी है उसकी जो समां जलाना सीख ले;
हर गली में मंदिर है;
हर गली में मस्ज़िद है;
पर ईश्वर है उसका जो सर झुकाना सीख ले।
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जब अपने लिए दुआ करो तो दूसरों को भी याद किया करो।
क्या पता, किसी के नसीब की खुशी आपकी एक दुआ के इंतज़ार में हो।
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चार अक्षर पड़कर कोई ज्ञान नहीं मिलता;
मंदिर जाकर भगवान नहीं मिलता;
पत्थर लोग पूजते हैं इसलिए;
क्योंकि विश्वास के लायक इंसान नहीं मिलता!
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ईश्वर से पूछा, "आपके और मानव के प्रेम में क्या अंतर है?"
ईश्वर ने कहा, आसमान में उड़ता पंछी मेरा प्रेम है;
और पिंजरे में कैद पंछी मानवीय प्रेम है!
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दुनियां में सबसे तेज रफ़्तार प्रार्थना की है, क्योंकि दिल से जुबान तक पहुँचने से पहले यह भगवान तक पहुँच जाती है!
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Gayatri Mantra:

ॐ भूर्भुवः॒ स्वः ।
तत्स॑वितुर्वरे॑ण्यं ।
भ॒र्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि। ।
धियो॒ यो नः॑ प्रचो॒दया॑त्॥ ।

God is dear to me like my own breath;
He is the dispeller of my pains, and giver of happiness.
I meditate on the supremely adorable Light of the Divine Creator, that it may inspire my thought and understanding!
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