Rishte shayari

Rishta Banao To Dhokha Mat Dena;
Kisi Ko Ansoon Ka Tohfa Mat Dena;
Dil Se Roye Koi Tumhe Yaad Karke;
Aisa Kisi Ko Tum Moka Mat Dena!
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Rishte Sanson Ke Sath Nahi Marte;
Peedhi Dar Peedhi Karz Chukana Padta Hai!
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Khamosh Chehre Par Hazaron Pehre Hote Hain;
Hansti Aankhon Mein Bhi Zakham Gehre Hote Hain;
Jinse Aksar Rooth Jaate Hain Hum;
Asal Mein Unse Hi Rishte Gehre Hote Hain!
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Saath Chodne Walon Ko To Ek Bahana Chahiye;
Varna Nibhane Wale To Maut Ke Darwaze Tak Saath Nahi Chodte!
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Dushmani Laakh Sahi Khatam Na Kijiye Rishta;
Dil Mile Ya Na Mile Haath Milaate Rahiye!
~ Nida Fazli
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Koi Toote To Use Sajana Seekho;
Koi Roothe To Use Manana Seekho;
Rishte To Milte Hain Muqaddar Se;
Bas Use Khoobsurti Se Nibhana Seekho!
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Khoobsurat Sa Ek Pal Kissa Ban Jata Hai;
Jane Kab Kaun Zindagi Ka Hissa Ban Jata Hai;
Kuch Log Zindagi Mein Milte Hain Aise;
Jinse Kabhi Na Tootne Wala Rishta Ban Jata Hai!
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Koi Samjhe Na Humko Beshak Par Aap To Samajhte Hain;
Apna Banaate Hain Mere Har Gham Ko Tabhi To Hum Sambhalte Hain;
Khuda Har Ek Khushi De Aapko, Har Ek Gham Humko Naseeb Ho;
Bas Yehi Dil Mein Sochkar Har Ek Dua Karte Hain!
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Dushmani Lakh Sahi Khatam Na Kijiye Rishta;
Dil Milen Ya Na Milen Hath Milate Rahiye!
~ Nida Fazli
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Pal Pal Ke Rishte Ka Vaada Hai Aapse;
Apnapan Kuch Inta Jyada Hai Aapse;
Na Sochna Ki Bhool Gaye Hum Aapko;
Zindagi Bhar Chahenge Yeh Vaada Hai Aapse!
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Kareeb Itna Raho Ki Rishton Mein Pyaar Rahe;
Door Bhi Itna Rahein Ki Aane Ka Intezar Rahe;
Rakho Ummeed Rishton Ke Darmiyaan Itni;
Ki Toot Jaaye Ummeed Magar Rishte Barkaraar Rahein!
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Khamosh Chehre Par Hazaron Pehre Hote Hain;
Hansti Aankhon Mein Bhi Zakham Gehre Hote Hain;
Jinse Aksar Rooth Jaate Hain Hum;
Asal Mein Unse Hi Rishte Gehre Hote Hain!
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Muskan Banaye Rakho To Sab Saath Hain Ghalib;
Varna Ansuon Ko Toh Aankhon Mein Bhi Pnaah Nahi Milti!
~ Mirza Ghalib
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Me Akela Hi Chala Tha Janib Manzil Magar;
Log Sath Ate Gae Aur Karwan Banta Gaya!
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Kis Kis Se Rakhiye Dosti, Kis Kis Ko Dushman Janiye;
Chehron Mein Ghir Kr Reh Gayin, Nadaniyan, Danaiyan;
Rishton K Bandhan Tod Kr Hum Tum Yun Hi Milty Rahen;
Roka Krein Ghar Waliyan, Pocha Krein Humsaiyan!
~ Mohsin Naqvi
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Jab Se Dekhi Hai Hamne Duniya Kareeb Se;
Lagne Lage Hain Saare Rishte Ajeeb Se!
~ Mirza Ghalib
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Toot Jayen Na Kahin Pyaar Ke Nazuk Rishte;
Waqt Zaalim Hai Har Ik Mod Pe Takraaye Ga!
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Bara Hai Dard Ka Rishta, Yeh Dil Ghareeb Sahi;
Tumhare Naam Pe Aayen Ge Ghamgusaar Chale!
~ Faiz Ahmad Faiz
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Kuch Rishte Iss Jahaan Mein Khaas Hote Hai;
Hawa Ke Rukh Se Jin Ke Ehsaas Hote Hai;
Yeh Dil Ki Kashish Nahi To Aur Kiya Hai Doston;
Door Reh Kar Bhi Woh Dil Ke Kitne Paas Hote Hai!
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Neend Apni Bhula Ke Sulaya Hum Ko;
Aanson Apne Gira Ke Hasaya Hum Ko;
Dard Kabhi Na Dena Un Hastiyon Ko;
Allah Ne Maa Baap Banaya Jinko!
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Kuch Rishte Upar Bante Hai;
Kuch Rishte Log Banaate Hai;
Woh Log Bahut Khaas Hote Hai;
Jo Bina Rishte, Rista Nibhaate Hai!
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Rishton Ki Dhoop Chaaon Se Azaad Ho Gaye;
Ab Toh Hamein Bhi Saare Sabaq Yaad Ho Gaye!
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Jahan Yaad Na Aaye Woh Tanhai Kis Kaam Ki;
Bigde Rishte Na Bane Toh Khudai Kis Kaam Ki;
Beshak Apni Manzil Tak Jaana Hai;
Par Jaha Se Apne Na Dikhe Wo Uchai Kis Kaam Ki!
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Khushi Ke Aansu Rukne Na Dena;
Gum Ke Aansu Bahne Na Dena;
Yeh Zindagi Na Jane Kab Ruk Jayegi;
Magar Ye Pyara Sa Rista Kabhi Tutne Na Dena!
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Khubsurat Sa Ek Pal Kissa Banjata Hai;
Jane Kab Kaun Zindagi Ka Hissa Banjata Hai;
Kuch Log Zindagi Me Milte Hain Aise;
Jinse Kabhi Na Tutnewala Rishta Banjata Hai!
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Yaadien Aksar Hoti Hain Satane Ke Liye;
Koi Rooth Jaata Hai Phir Maan Jaane Ke Liye;
Rishte Nibhana Koi Muskil Toh Nahi;
Bas Dilon Me Pyaar Chahiye Use Nibhane Ke Liye!
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Jab Se Dekhi Hai Hamne Duniya Kareeb Se;
Lagne Lage Hai Saare Rishte Ajeeb Se!
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Aata Hai Kaun Kaun Tere Gham Ko Baantne;
Ghaalib Tu Apni Maut Ki Afwaah Udaa Ke Dekh!
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रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते;
रिश्ते एक बार बनते हैं और फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।
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जीत की आदत अच्छी होती है लेकिन कुछ रिश्तों में हार जाना बेहतर होता है।
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किसी को पलकों में ना बसाओ;
क्योंकि पलकों में सिर्फ सपने बसते हैं;
अगर बसाना है तो दिल में बसाओ;
क्योंकि दिल में सिर्फ अपने बसते हैं।
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मैंने रिश्तों को संभाला है मोतियों की तरह,
कोई गिर भी जाये तो झुक कर उठा लेता हूँ।
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खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।
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रिश्तों में सदा प्यार की मिठास रहे;
कभी न मिटने वाला एक एहसास रहे;
कहने को तो छोटी सी है यह जिंदगी;
मगर दुआ है कि सदा आपका साथ रहे।
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रिश्तों की सिलाई:
अगर भावनाओं से हुई है, तो टूटना मुश्किल है;
और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है।
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दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है जहाँ एक हलकी सी मुस्कुराहट और छोटी सी माफ़ी से जिंदगी पहले जैसी हो जाती है।
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रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते,
रिश्ते एक बार बनते हैं, फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।
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कुछ रिश्तों में इंसान अच्छा लगता है और कुछ इंसानों से रिश्ता अच्छा लगता है।
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मशहूर होना लेकिन कभी मगरूर मत होना;
छू लो कदम कामयाबी के लेकिन अपनों से कभी दूर मत होना;
ज़िन्दगी में खूब मिल जाएगी दौलत और शौहरत मगर;
अपने ही आखिर अपने होते हैं यह बात कभी भूल ना जाना।
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बिना विश्वास का रिश्ता बिना नेटवर्क के मोबाइल जैसा है क्योंकि बिना नेटवर्क वाले मोबाइल के साथ लोग सिर्फ "Game" ही खेलते हैं।
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अपने रिश्तों को बारिश की तरह न बनाये, जो आये और चली जाये;
बल्कि रिश्ते ऐसे बनाये जो हवा की तरह हमेशा आपके अंग संग रहें।
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पानी से तस्वीर कहाँ बनती है;
ख्वाबों से तकदीर कहाँ बनती है;
किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से निभाओ;
क्योंकि ये ज़िन्दगी फिर वापस कहाँ मिलती है।
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करीब इतना रहो कि सब रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतज़ार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी;
कि टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरक़रार रहें।
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अकसर वही रिश्ता लाजवाब होता है,
जो ज़माने से नहीं ज़ज़्बातों से जन्मा होता है।
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जो कोई समझ न सके वो बात हैं हम;
जो ढल के नयी सुबह लाये वो रात हैं हम;
छोड़ देते हैं लोग रिश्ते बनाकर;
जो कभी न छूटे वो साथ हैं हम।
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रिश्ते काँच की तरह होते हैं;
टूट जाएं तो चुभते हैं;
इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;
क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;
और बनाने मे बरसो लग जाते हैँ।
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खामोश चेहरे पर हज़ारों पहरे होते हैं;
हँसती आँखों में भी ज़ख़्म गहरे होते हैं;
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं हम;
असल में उनसे ही तो रिश्ते और गहरे होते हैं।
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साथ रहते-रहते यूँ ही वक़्त गुजर जायेगा;
दूर होने के बाद कौन किसे याद आएगा;
जी ले ये पल जब हम साथ हैं;
कल का क्या पता वक़्त कहाँ ले जायेगा।
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रिश्ते और रास्ते एक ही सिक्के के दो पहलू हैं;
कभी रिश्ते निभाते निभाते रास्ते खो जाते हैं;
और कभी रास्ते पर चलते चलते रिश्ते बन जाते हैं।
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कुछ मीठे पल याद आते हैं;
पलकों पर आँसू छोड़ जाते हैं;
कल कोई और मिल जाये तो हमें न भूलना;
क्योंकि कुछ रिश्ते उम्र भर काम आते हैं।
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ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर;
रखना थोड़ा भरोसा हम पर;
हम निभाएंगे प्यार का यह रिश्ता इस कदर;
कि भुलाने पर भी ना भुला पाओगे हमें ज़िंदगी भर।
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दूर हो जाने से रिश्ते नहीं टूटते;
न ही सिर्फ पास रहने से जुड़ते हैं;
ये तो दिलों के बंधन हैं इसलिए;
हम तुम्हें और तुम हमें नहीं भूलते।
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कोई टूटे तो उसे बनाना सीखो;
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो;
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से बस;
उन्हें ख़ूबसूरती से निभाना सीखो।
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यहाँ कौन किसका रकीब होता है;
कौन किसका हबीब होता है;
बन जाते हैं रिश्ते इस दुनिया में;
जहाँ जहाँ जिसका नसीब होता है।
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दौलत की भूख ऐसी थी कि कमाने निकल गए;
दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए;
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत ना मिल सकी;
और जब फुर्सत मिली तो बच्चे खुद ही दौलत कमाने निकल गए।
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रिश्ते काँच की तरह होते हैं;
टूटे जाए तो चुभते हैं;
इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;
क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;
और बनाने मे बरसो लग जाते हैं।
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स्वार्थ से रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करो यह बनेगा नहीं,
और प्यार से बने रिश्ते को तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो यह टूटेगा नहीं।
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जीवन में ज़ख़्म बड़े नहीं होते, उनको भरने वाले बड़े होते हैं;
रिश्ते बड़े नहीं होते लेकिन उनको निभाने वाले लोग बड़े होते हैं।
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हर रिश्ते में मिलावट देखी;
कच्चे रंगों की सजावट देखी;
लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;
उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;
ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।
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कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;
ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;
कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।
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रिश्ते और पौधे दोनों एक जैसे होते हैं;
लगाकर भूल जाओ तो दोनों ही सूख जाते हैं।
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यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।
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छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;
हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;
कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;
इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।
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रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।
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रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;
दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;
ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;
कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।
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यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।
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कुछ रिश्ते इस जहान में ख़ास होते हैं;
हवा के रुख से जिन के एहसास होते हैं;
यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या हैं;
दूर रह कर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।
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लोग झूठ कहते हैं कि दीवारों में दरारें पड़ती हैं;
हक़ीक़त तो यह है कि जब रिश्तों में दरारें पड़ती हैं तब दीवारें बनती हैं।
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फूल इसलिए अच्छे, कि खुश्बू का पैगाम देते हैं;
कांटे इसलिए अच्छे, कि दामन थाम लेते हैं;
दोस्त इसलिए अच्छे, कि वो मुझ पर जान देते हैं;
और दुश्मनों को, कैसे ख़राब कह दूँ वो ही तो हैं;
जो हर महफ़िल में मेरा नाम लेते हैं।
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रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं;
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं;
और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो जाते हैं।
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दिल से बने रिश्तों का नाम नहीं होता;
इनका कभी भी निरर्थक अंजाम नहीं होता;
अगर निभाने का हो जज्बा दोनों तरफ;
तो ये पाक रिश्ता कभी बदनाम नहीं होता।
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अपने रिश्तों को बारिश की तरह न बनाये, जो आये और चली जाये;
बल्कि रिश्ते ऐसे बनाये जो हवा की तरह हमेशा आपके अंग संग रहें।
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लगे न नज़र इस रिश्ते को ज़माने की;
पड़े न ज़रुरत कभी एक-दूजे को मनाने की;
छोड़ना न कभी आप हमारा ये साथ;
तमन्ना हमारी भी है इसे मौत तक निभाने की।
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ज़िंदगी नहीं हमें ये रिश्ता है प्यारा;
रिश्तों के प्यार से ही खिलता है दिल हमारा;
आँखों में हमारी आँसू है तो क्या गम है;
इस बात की ख़ुशी है कि मुस्कुरा रहा है कोई जान से प्यारा।
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रिश्तों में सदा प्यार की मिठास रहे;
कभी न मिटने वाला एक एहसास रहे;
कहने को तो छोटी सी है यह जिंदगी;
मगर दुआ है कि सदा आपका साथ रहे।
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दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी;
कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है।
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यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।
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खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है;
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे;
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।
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हर रिश्ते में मिलावट देखी;
कच्चे रंगों की सजावट देखी;
लेकिन सालों साल देखा है माँ को;
उसके चेहरे पे ना थकावट देखी;
ना ममता में कभी मिलावट देखी।
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रिश्ते इलेक्ट्रिक करंट की तरह होते हैं, गलत जुड़ जायें तो ज़िन्दगी भर झटके देते हैं,
और अगर सही जुड़ जायें तो आपका पूरा जीवन प्रकाशमान कर देते हैं।
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रिश्ते वो होते हैं, जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो;
जिसमे तकरार कम और प्यार ज्यादा हो;
जिसमे आशा कम और विश्वास ज्यादा हो।
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मशहूर होना पर कभी मगरूर न होना;
कामयाबी के नशे में कभी चूर न होना;
अगर मिल भी जाये सारी कायनात आपको;
अपनों से फिर भी कभी दूर न होना।
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छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;
हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;
कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का रिश्ता;
इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।
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करीब इतना रहो कि रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतज़ार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी;
कि टूट जाये उम्मीद मगर रिश्ते बरक़रार रहें।
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कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते हैं;
पहले दिल से फिर ज़िंदगी से जुड़ जाते हैं;
क्या कहते हैं उस दौर को;
जिसमे अनजाने न जाने कब अपने बन जाते हैं।
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लोग रिश्ते बना कर यूँ तोड़ जाते हैं;
बेवजह हमसे यूँ ही रूठ जाते हैं;
मिलने पर राह में अजनबी कहते हैं;
लगता है शायद यही दुनिया का दस्तूर कहलाता है।
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जो कोई समझ न सके वो बात हैं हम;
जो ढल के नयी सुबह लाये वो रात हैं हम;
छोड़ देते हैं लोग रिश्ते बनाकर;
जो कभी न छूटे वो साथ हैं हम।
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रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
दिल से इन्हें निभाने वाला ही रोता है;
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
क्योंकि हर रिश्ता एक नाजुक समझौता होता है।
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नहीं बन जाता कोई अपना यूँ हीं दिल लगाने से;
करनी पड़ती है दुआ रब से किसी को पाने में;
रखना संभाल कर ये रिश्ते अपने;
टूट ना जायें ये किसी के बहकाने से।
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जख्म जब मेरे सीने के भर जायेंगें, आसूं भी मोती बन कर बिखर जायेंगें;
ये मत पूछना किस-किस ने धोखा दिया, वर्ना कुछ अपनों के चेहरे उतर जायेंगें।
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सच बोलता हूँ तो रिश्ते टूट जाते हैं;
झूठ कहता हूँ तो खुद टूट जाता हूँ।
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कुछ मीठे पल याद आते हैं;
पलकों पर आँसू छोड़ जाते हैं;
कल कोई और मिल जाये तो हमें न भूलना;
क्योंकि कुछ रिश्ते उम्र भर काम आते हैं।
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दूर हो जाने से रिश्ते नहीं टूटते;
न ही सिर्फ पास रहने से जुड़ते हैं;
ये तो दिलों के बंधन हैं इसलिए;
हम तुम्हें और तुम हमें नहीं भूलते।
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कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो;
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो;
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से बस;
उन्हें ख़ूबसूरती से निभाना सीखो।
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कुछ खूबसूरत पल याद आते हैं;
पलकों पर आँसू छोड जाते हैं;
कल कोई और मिले तो हमें ना भूलना;
क्योंकि कुछ रिश्ते जिंदगी भर याद आते हैं।
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लोग अक्सर कहते हैं, "I need a break."
मगर ब्रेक चाहिए कहाँ?
ज़ुबान पर?
पैरों पर?
दिमाग़ पर?
या रिश्तों पर?
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कुछ रिश्ते उपरवाला बनाता है;
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं;
पर वो लोग बहुत खास होते हैं;
जो बिना रिश्ते के कोई रिश्ता निभाते हैं।
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करीब इतना रहो कि रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतजार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियां इतनी;
कि टूटे उम्मीद मगर रिश्ता बरकरार रहे।
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प्यार चीज़ नहीं जताने की;
हमें आदत नहीं किसी को भुलाने की;
हम इसलिए कम मिलते हैं आपसे;
क्योंकि कुछ रिश्तों को नज़र लग जाती है ज़माने की।
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साथ नहीं रहने से रिश्ते नहीं टूटा करते;
वक़्त की धुंध से रिश्ते नहीं छूटा करते;
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया;
टूटती है नींद कभी सपने नहीं टूटा करते!
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दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता;
हर रास्ते का मुक़ाम नहीं होता;
अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ;
तो क़सम से कोई रिश्ता नाक़ाम नही होता।
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रिश्ते एहसास के होते हैं;
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने;
अगर एहसास न हो तो अपने भी अजनबी होते हैं।
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कदर करनी है तो जीते जी करो;
अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं।
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अगर कुछ सीखना है तो आँखों को पढ़ना सीख लो;
वरना लफ़्ज़ों के मतलब तो हज़ारों निकलते हैं।
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दो चार लोगों से रिश्ते बनाये रखिये;
कब्र तक लाश को दौलत नहीं ले जाया करती।
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रिश्ते काँच की तरह होते हैं;
टूटे जाए तो चुभते हैं;
इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;
क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;
और बनाने मे बरसो लग जाते हैँ।
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इस शहर में हमारा कौन हैं;
हर कोई अपनों से बेगाना क्यों हैं;
सब तरफ फैली मायूसी, बेबसी, तन्हाई;
यहाँ दिल का सहारा कौन हैं।
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कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रुठे;
जिंदगी में अपनो का साथ ना छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसा निभाओ कि;
उस रिश्ते की डोर जिंदगी भर ना टूटे।
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सब कहते हैं कि 'OPEN' और 'CLOSE' दो विपरीत शब्द हैं;
लेकिन वास्तव में आप सबसे ज्यादा उसी व्यक्ति के सामने 'OPEN' रहते हैं जिससे आप सबसे ज्यादा 'CLOSE' हैं!
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रिश्ते हमेशा तितली जैसे होते हैं;
जोर से पकड़ो तो मर जाते हैं;
छोड़ दो तो उड़ जाते हैं;
अगर प्यार से पकड़ो तो अपना रंग छोड़ जाते हैं।
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एक प्यारा सा दिल जो कभी नफरत नहीं करता;
एक मुस्कुराहट जो फीकी नहीं पड़ती;
एक एहसास जो कभी दुःख नहीं देता;
एक रिश्ता जो कभी ख़त्म नहीं होता।
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लोग उस वक़्त हमारी कदर नहीं करते जब हम अकेले हों;
बल्कि लोग उस वक़्त हमारी कदर करते हैं जब वो अकेले हों।
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ग़म में हँसने वालों को रुलाया नहीं जाता;
लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता;
होने वाले हो जाते हैं खुद ही अपने;
किसी को कह कर अपना बनाया नहीं जाता।
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अगर कोई आपका दिल दुखाए तो बुरा मत मानना।
कुदरत का नियम है कि जिस पेड़ पर सबसे अधिक मीठे फल होते हैं, उसको सबसे अधिक पत्थर पड़ते हैं।
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एक दिन किसी ने पूछा, कोई अपना तुझे छोड़ कर चला जाये तो क्या करोगे?
किसी ने कहा, "अपने कभी छोड़ कर नहीं जाते और जो जाते हैं वो अपने नहीं होते।
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रिश्ते चाहे कितने भी बुरे हों, लेकिन कभी भी उन्हें मत तोड़ना;
क्योंकि पानी चाहे कितना भी गंदा हो, प्यास नहीं तो आग तो बुझा ही देता है।
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किसी भी रिश्ते को तोड़ने से पहले एक बार अपने आप से पूछ जरुर लीजिएगा कि आज तक उस रिश्ते को निभा क्यों रहे थे।
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किसी भी मोड़ पर अगर हम बुरे लगें, तो ज़माने को बताने से पहले एक बार हमें जरुर बता देना।
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पूरी दुनियां की सबसे खूबसूरत जोड़ी "मुस्कराहट और आंसू" हैं।
इन दोनों का मिलना मुश्किल है लेकिन जब ये दोनों मिलते हैं वो पल सबसे खूबसूरत होता है।
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थोड़े ही समय में दिल में जगह बनाने वाले लोग, थोड़े ही समय में दिल से उतर भी जाते हैं।
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दिल हमेशा वो लोग ही तोड़ते हैं, जो हमारे दिल में रहते हैं!
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इंसान को इंसान धोखा नहीं देता;
बल्कि इंसान को उसकी उम्मीदें धोखा देती है, जो वो दूसरों से रखता है।
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झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ, सुबह और शाम मैं;
सच बोलने की अदा ने हमसे, कई अजीज़ 'यार' छीन लिये।
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एहसास बदल जाते हैं बस और कुछ नहीं;
वरना मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।
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एक बात हमेशा याद रखना;
बदलती चीज़ें हमेशा अच्छी लगती हैं, लेकिन बदलते हुए अपने कभी अच्छे नहीं लगते।
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दौलत की भूख ऐसी की, कि कमाने निकल गए;
दौलत मिली तो हाथ से रिश्ते निकल गए;
बच्चों के साथ रहने की फुर्सत ना मिल सकी और जब फुर्सत मिली तो बच्चे खुद ही दौलत कमाने निकल गए!
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किसी ने सच कहा है: जब दीवारों में दरार पड़ती है तो दीवारें गिर जाती हैं,
लेकिन जब रिश्तों में दरार पड़ती है तो कभी ना गिरने वाली दीवारें बन जाती हैं।
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सप्ताह में सात वार होते हैं;
और आठवाँ वार है 'परिवार'।
अगर आपका आठवाँ वार ठीक रहेगा तो सातों वार सुखद रहेंगे।
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ज़िंदगी की इस कश्मकश में वैसे तो मै भी बहुत उलझा हूँ, लेकिन वक़्त का बहाना बना कर अपनों को भूल जाना मुझे आज भी नही आता।
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क्या फ़र्क है दोस्ती और मोहब्बत में, रहते तो दोनों दिल में ही हैं लेकिन फ़र्क तो है;
बरसों बाद मिलने पर दोस्ती सीने से लगा लेती है, और मोहब्बत नज़र चुरा लेती है।
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कुछ लोग यादों को दिल की तस्वीर बनाते हैं;
दोस्तों की यादों में महफ़िल सजाते हैं;
हम थोड़े अलग हैं;
जो किसी की याद आने से पहले उनको अपनी याद दिलाते हैं।
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मशहूर होना पर मगरूर न होना;
कामयाबी के नशे में चूर न होना;
मिल जाए सारी कायनात आपको, मगर इसके लिए;
अपनों से कभी दूर न होना!
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दूर हो जाने से रिश्ते नहीं टूटते;
ना ही सिर्फ पास रहने से जुड़ते;
यह तो दिलों के बंधन हैं;
इसीलिए हम तुम्हें और तुम हमें नहीं भूलते।
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तुम आए ज़िंदगी में कहानी बनकर;
तुम आए ज़िंदगी में रात कि चाँदनी बन कर;
बसा लेते हैं जिन्हें हम आँखों में;
वो अक्सर निकल जाते हैं आँखों से पानी बनकर।
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जिंदगी में कुछ दोस्त खास बन गये;
मिले तो मुलाकात और बिछड़े तो याद बन गये;
कुछ दोस्त धीरे-धीरे फिसलते चले गये;
पर जो दिल से ना गये वो आप बन गये।
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आपका रिश्ता मेरे सुरों का साज़ है;
आप जैसे अपनों पर हमें नाज़ है;
चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में;
ये रिश्ता कल भी वैसा ही रहेगा जैसा आज है।
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प्यार करने वालों की किस्मत ख़राब होती है;
हर वक़्त दुःख की घड़ी साथ होती है;
वक़्त मिले तो रिश्तों की किताब पढ़ लेना;
दोस्ती हर रिश्ते से लाज़वाब होती है।
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जहाँ याद न आये वो तन्हाई किस काम की;
बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की;
बेशक अपनी मंजिल तक जाना है;
पर जहाँ से अपने न दिखें, वो उंचाई किस काम की।
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कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो;
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो;
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से;
बस, उन्हें खूबसूरती से निभाना सीखो।
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अच्छा हृदय और अच्छा स्वभाव दोनों आवश्यक हैं;
अच्छे हृदय से कई रिश्ते बनेंगे, और अच्छे स्वभाव से रिश्ते जीवन भर टिकेंगे।
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दिल से बने जो रिश्ते उनका नाम नहीं होता;
इनका कभी भी निरर्थक अंजाम नहीं होता;
अगर निभाने का जज्बा दोनों तरफ से हो;
तो ये पाक रिश्ता कभी बदनाम नहीं होता।
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आजकल बाजारों में बिकते हैं रिश्ते;
जब तक जरुरत हो तभी तक टिकते हैं रिश्ते;
अब तो लाभ-हानि के पलड़ो में तुलते हैं रिश्ते;
लेकिन न जाने क्यों, अब भी लोग बुनते हैं रिश्ते।
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हाथ छूटे तो रिश्ते नहीं छूटा करते;
वक़्त की दहलीज़ से लम्हें नहीं टूटा करते;
मिलते हैं कुछ इंसान ऐसे जिंदगी में;
जिनसे कभी नाते नहीं टूटा करते।
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रिश्ता बनाना इतना आसन है जैसे मिट्टी पर मिट्टी से लिखना;
और;
रिश्ता निभाना इतना मुश्किल है जैसे पानी पर पानी से लिखना।
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इतने करीब रहो कि रिश्तों में एतबार रहे;
इतने भी दूर मत जाओ कि इंतज़ार रहे;
उम्मीद रखो रिश्तों के बीच इतनी;
कि उम्मीद टूटे पर रिश्ते बरकरार रहें।
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रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
दिल से इन्हें निभाने वाला ही रोता है;
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
क्योंकि हर रिश्ता एक नाजुक समझौता होता है।
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सभी लोग तो कभी अच्छे नहीं रहते;
जिनसे सच सीखा है वो भी सच्चे नहीं रहते;
क्यों ऐसा होता है ऐतबार की टूटी देहलीज़ पर;
जो बहुत अपने हैं, अक्सर अपने नहीं रहते।
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करीब इतने रहो कि रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो की आने का इंतज़ार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरम्यान इतनी कि;
टूट जायें उम्मीद मगर रिश्ते बरकरार रहें।
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दिल के घर में बसने वाले अजनबी नहीं होते;
हर वक़्त याद आने वाले अजनबी नहीं होते;
ख़ुशी देने वाले तो अपने होते हैं;
पर गम देने वाले भी कभी अजनबी नहीं होते।
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खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ;
लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह करता हूँ;
मालूम है कोई मोल नहीं मेरा;
फिर भी अनमोल लोगों से रिश्ता रखता हूँ।
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वो दिल नहीं रहे वो जज्बे नहीं रहे;
अपने भी इस दौर में अपने नहीं रहे;
हालात-ऐ-जमाने पर गौर किया तो जाना;
रिश्ते सिर्फ जुबान के रह गए दिल के नहीं रहे।
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मशहूर होना पर मगरूर ना होना;
कामयाबी के लिए कभी चूर मत होना;
मिल जायेगी आपको सारी कायनात यहीं पर;
मगर इसके लिए कभी अपनों से दूर मत होना!
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कुछ गहरे रिश्ते भी अजीब होते हैं;
सब अपने-अपने नसीब होते हैं;
रहते हैं जो निगाहों से दूर;
वही दिल के करीब होते हैं।
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कुछ रिश्ते ऊपर वाला बनाता है;
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं;
पर वो लोग बहुत ख़ास होते हैं;
जो बिना रिश्ते के कोई रिश्ता निभाते हैं।
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तेरी ख़ुशी से ही नहीं गम से भी रिश्ता है हमारा;
तू जिंदगी का एक अहम हिस्सा है मेरा;
ये प्यार का रिश्ता तुमसे सिर्फ लफ़्ज़ों का नहीं;
तेरे दिल से दिल का रिश्ता है हमारा।
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नहीं बन जाता कोई अपना यूहीं दिल लगाने से;
करनी पड़ती है दुआ रब से कोई अपना पाने में;
रखना संभालकर ये रिश्ते अपने;
टूट ना जायें ये किसी के बहकाने से।
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करीब इतना रहो कि रिश्तों में प्यार रहे;
दूर भी इतना रहो कि आने का इंतज़ार रहे;
रखो उम्मीद रिश्तों के दरमियान इतनी;
कि टूट जायें उम्मीद मगर रिश्तें बरकरार रहें।
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जिंदगी की किताब के कुछ पन्ने होते हैं;
कुछ अपने, कुछ बेगाने होते हैं;
प्यार से सँवर जाती है ज़िंदगी;
बस प्यार से रिश्ते निभाने होते हैं!
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कोशिश करो की कोई हमसे न रूठे;
जिन्दगी में अपनों का साथ न छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;
कि उस रिश्ते की डोर ज़िन्दगी भर न छूटे!
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दूर होने से रिश्ते नहीं टूटते;
और ना ही पास आने से जुड़ते हैं;
ये तो दिलों के एक बंधन हैं;
इसलिए हम आपको और आप हमें नहीं भूलते!
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कुछ मीठे पल याद आते हैं;
पलकों पर आंसू छोड़ जाते हैं;
कल कोई और मिल जाये तो हमें न भूल जाना;
दोस्ती के रिश्ते जिंदगी भर काम आते हैं।
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किसी भी रिश्ते को तोड़ने से पहले एक बार अपने आप से ज़रूर पूछ लीजियेगा कि आज तक उस रिश्ते को निभा क्यों रहे थे।
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रिश्ते खून के नहीं होते;
रिश्ते एहसास के होते हैं;
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने;
अगर एहसास न हो तो अपने भी अजनबी होते हैं।
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जिंदगी की किताब के कुछ पन्ने होते हैं;
कुछ अपने, कुछ बेगाने होते हैं;
प्यार से सँवर जाती है ज़िंदगी;
बस प्यार से रिश्ते निभाने होते हैं!
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साथ नहीं रहने से रिश्ते नहीं टूटा करते;
वक्त की धुंध से लम्हें नहीं टूटा करते;
लोग कहते हैं मेरा सपना टूट गया;
टूटी नींद है सपने नहीं टूटा करते!
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साथ छोड़ने वालों को तो बस एक बहाना चाहिए;
वर्ना
निभाने वाले तो मौत के दरवाजे तक साथ नहीं छोड़ते।
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मुलाकातें जरूरी हैं अगर रिश्ते निभाने हैं, वरना लगातार भूल जाने से तो पौधे भी सूख जाते हैं।
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हर रिश्ते को अजमाया है हमने;
कुछ पाया पर बहुत गवाया है हमने;
हर उस शख्स ने रुलाया है;
जिसे भी हमने इस दिल में बसाया है।
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रिश्ते बर्फ़ के गोले जैसे होते हैं।
जिनको बनाना तो सरल है;
लेकिन
बनाकर रखना बहुत मुश्किल है।
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जिंदगी भर एक रहस्य ये रहता है कि हम जानते हैं हम किसके लिए जी रहे हैं।
लेकिन ये कभी नहीं जान पाते कि हमारे लिए कौन जी रहा है।
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केवल उन पर भरोसा करें जो आप में निम्न तीन बातें देख सकें:
आपकी हंसी के पीछे का दर्द।
आपके गुस्से के पीछे का प्यार।
आपकी ख़ामोशी के पीछे का कारण।
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कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठे;
ज़िंदगी में अपनों का साथ कभी ना छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसा निभाओ;
कि ज़िंदगी भर उस रिश्ते की डोर न टूटे।
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जिंदगी शुरू होती है रिश्तों से;
रिश्ते शुरू होते हैं प्यार से;
प्यार शुरू होता है अपनों से;
और अपने शुरू होते हैं आप से।
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मैसेज एक मस्ती है;
ये कॉल से सस्ती है;
नींद को उड़ाती है;
मन को बहलाती है;
दिमाग को पकाती है;
पर कुछ भी हो, यार;
एक दूसरे की याद तो दिलाती है।
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जिंदगी में हमेशा सबकी जरुरत रखो पर कभी किसी की कमी नहीं;
क्योंकि
जरुरत और कोई भी पूरी कर सकता है पर किसी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता।
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दुनिया में बेहतरीन रिश्ता वही होता है जहाँ हल्की सी मुस्कुराहट और थोड़ी सी गलती मानने से ही जिंदगी पहले जैसी हो जाती है।
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वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं;
वक्त वक्त पे रिश्तो के अंदाज बदल जाते हैं;
कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया;
दिन और रात की तरह जिन्दगी के ऐहसास बदल जाते हैं।
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रिश्तों में प्यार की मिठास रहे;
एक न मिटने वाला एहसास रहे;
कहने को छोटी सी है यह जिंदगी;
लंबी हो जाये अगर आपका साथ रहे।
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एक जरा सी बात पर इतना अहम रिश्ता तोड़ दिया।
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मूँगफली में दाना नहीं;
हम तुम्हारे नाना नहीं।
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वक्त की आँधियों में तूफ़ान बदल जाते हैं;
जिंदगी की राहों में तूफ़ान बदल जाते हैं;
बदलते नहीं प्यार के रास्ते कभी;
प्यार करने वाले इंसान बदल जाते हैं।
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करनी मुझे खुदा से कुछ फरियाद बाकी है;
हमें उनसे कहनी कुछ बात बाकी है;
मौत आएगी तो कह देंगे जरा रुक;
अभी मेरे दोस्त से एक मुलाकात बाकी है।
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जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं;
पर जो रिश्ते हैं उसमें में जीवन रहना जरूरी है।
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कहते हैं हाथों की लकीरे अधूरी हो तो किस्मत में मोहब्बत नहीं होती। लेकिन सच तो ये है कि हाथों में हो कोई पराया हाथ तो किस्मत की भी जरुरत नहीं होती।
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शायर-ए-फ़ितरत हूँ मैं जब फ़िक्र फ़र्माता हूँ;
तो रूह बन कर ज़र्रे-ज़र्रे में समा जाता हूँ;
आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ;
जैसे हर शै में किसी शै की कमी पाता हूँ।
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कुछ ख़ास रिश्ते कुछ ख़ास समय में परखे जाते हैं।
औलाद: बुढ़ापे में
दोस्त: मुसीबत में
पत्नी: गरीबी में
रिश्तेदार: जरुरत में
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हम बेबस हैं, बे-परवाह नहीं;
हम उदास हैं, खफ़ा नहीं;
कदर करते हैं दोस्तों की दिल से;
हम जिंदगी में मजबूर तो हो सकते हैं, लेकिन बेवफ़ा नहीं।
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स्वार्थ से रिश्ते बनाने कि कितनी भी कोशिश करो, रिश्ते बनेगें नहीं।
और प्यार से बने रिश्ते तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो, रिश्ते टूटेगें नहीं।
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कोशिश करो कोई आपसे ना रूठे;
जिंदगी में अपनों का साथ ना छूटे;
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसा निभाओ;
कि उस रिश्ते की डोर जिंदगी भर ना टूटे!
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आपकी पसंद हमारी चाहत बन जाये;
आपकी मुस्कुराहट दिल की राहत बन जाये;
खुदा खुशियों से इतना खुश कर दे आपको;
कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाये!
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जरूरी नहीं कि हर इंसान प्यार की मूरत हो;
समुंदर और भी खुबसूरत हो;
अच्छा तो वह इंसान होता है;
जो तब आपके साथ हो;
जब आपको उसकी जरुरत हो!
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अपने दिल की बात उनसे कह नहीं सकते;
यह मीठा सा दर्द अब सह नहीं सकते;
अये खुदा ऐसी तकदीर बना;
कि वो हमसे खुद आकर कहें, "हम आपके बिना रह नहीं सकते"!
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दुनिया में याद बड़ी खास होती है;
जो दूर हैं उनके दिल के पास होती है;
याद करने के लिए वजह जरूरी नहीं;
लेकिन याद तो दो लोगों के बीच का एहसास होती है!
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लोग तो अपना बना कर छोड़ देते हैं;
कितनी आसानी से गैरों से रिश्ता जोड़ लेते हैं;
हम एक फूल तक ना तोड़ सके कभी;
कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड़ देते हैं!
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माना कि मैं अमीर नहीं हूं, यह बात तो सच है;
लेकिन अगर कोई अपना बना ले तो, उसका हर गम खरीद सकता हूं!
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अगर दो लोगों में कभी लड़ाई न हो तो समझ लेना कि रिश्ता दिल से नहीं, दिमाग से निभाया जा रहा है!
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कह दो ज़माने से किसी रिश्ते में न बांधे हमको;
हम साथ रहेंगे मगर दरिया के दो किनारे बनकर!
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खुद को खुद की खबर न लगे;
कोई अच्छा भी इस कदर न लगे;
आपको देखा है बस उस नजर से;
जिस नजर से आपको नजर न लगे!
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कह दो समुंदर से कि लहरों को संभालकर रखें;
जिंदगी में तूफान लाने के लिए मेरे अपने ही काफी हैं!
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आंसू होते नहीं बहाने के लिए;
गम होते हैं पी जाने के लिए;
दोस्त कभी दिल से मत सोचना, किसी को पाने के लिए;
नहीं तो सारी जिंदगी बीत जाएगी, उसको भुलाने के लिए!
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कह दो समुंदर से कि लहरों को संभालकर रखें;
जिंदगी में तूफान लाने के लिए मेरे अपने ही काफी हैं!
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कोई गिला, कोई शिकवा ना रहे आपसे;
यह आरजू है कि सिलसिला रहे आपसे!
बस इस बात कि उम्मीद है आपसे;
खफा ना होना, अगर हम खफा रहें आपसे!
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किसी को पलकों में ना बसाओ;
क्योंकि पलकों में सिर्फ सपने बसते हैं!
अगर बसाना है तो दिल में बसाओ;
क्योंकि दिल में सिर्फ अपने बसते हैं!
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एहसास बहुत होगा, जब छोड़ कर जायेंगे;
रोएंगे बहुत, मगर आंसू नहीं आयेंगे;
जब साथ कोई न दे, तो आवाज़ हमें देना;
आस्मा पर होंगे, तो भी लौट आयेंगे!
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