Mausam shayari

Barish Hui To Phoolon Ke Tan Chaak Ho Gaye;
Mausam Ke Haath Bheeg Ke Saffak Ho Gaye;
Baadal Ko Kya Khabar Hai Ki Barish Ki Chaah Mein;
Kaise Buland-o-Baala Shajar Khaak Ho Gaye!
~ Parveen Shakir
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Andhera Bahut Ab Suraj Nikalna Chahiye;
Jaise Bhi Ho Yeh Mausam Badalna Chahiye;
Aur Jo Chehre Roz Badalte Hai Naqabo Ki Tarah;
Ab Janaza Dhoom Se Unka Nikalna Chahiye!
~ Navjot Singh Sidhu
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Chandni Raat Badi Der Ke Baad Aayi;
Yeh Mulaqat Badi Der Ke Baad Aayi;
Aaj Aaye Hain Woh Milne Ko Badi Der Ke Baad;
Aaj Kee Raat Badi Der Ke Baad Aayi!
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Tumhare Shehar Ka Mausam Bada Suhana Lage,
Main Ek Shaam Chura Lun Agar Bura Na Lage!
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Na Muskurane Ko Jee Chahta Hai;
Na Khane-Peene aur Na Hi Sone Ko Jee Chahta Hai;
Yeh Garmi Abb Bardasht Karni Hai Badi Mushkil;
Abb To Paharon Pe Chale Jane Ko Jee Chahta Hai!
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Dhoop Mein Niklo, Ghataon Mein Nahaa Kar Dekho;
Zindagi Kya Hai, Kitabon Ko Hataakar Dekho!
~ Nida Fazli
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Nafrat Ki Dhoop Me Barsat Se Pehle;
Halaat Na The Aese Teri Mulaqat Se Pehle;
Har Kisi Ko Hamdard Samajh Lete The;
Hum Bhi Kitne Saada The Muhabbaton Ke Tajurbat Se Pehle!
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Itni Shidat Se To Barsaat Be Kam Kam Barsay;
Jis Traha Ankh Teri Yaad Main Cham Cham Barsay;
Minatien Kon Kary Aik Gharondy Ke Lye;
Keh Do Baadal Se Barasta Hai To Jam Jam Barsay!
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Khuda Kare Kissi Ko Judai Na Mile;
Wah Wah!
Khuda Kare Kissi Ko Judai Na Mile;
Aur Jo Group Message Na Kare, Usse Thand Me Rajai Na Mile!
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Kaale Badal Jaise Gori Ka Ghunghat;
Ek Chhupaye Barkha Aur Doosra Dulhan;
Na Barsein Badal Na Uthe Ghunghat;
Hum Pyaase Idhar Bhi Aur Udhar Bhi!
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Inn Baadlon Ka Mizaaj Bhi Mere Mehboob Jaisa Hai;
Kabhi Toot Ke Barasta Hai, Kabhi Be-rukhi Se Guzar Jat Hai!
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Yuhin Shaakh Se Patte Gira Nahi Karte;
Bichad Ke Log Bhi Zyaada Jiya Nahi Karte!
Jo Aane Waale Hain Mausam Unka Ehatraam Karo;
Jo Din Guzar Gaye Unko Gina Nahi Karte!
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सहम उठते हैं कच्चे मकान, पानी के खौफ़ से;
महलों की आरज़ू ये है कि, बरसात तेज हो!
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तेरे बगैर इस मौसम में वो मजा कहाँ;
काँटों की तरह चुभती है, दिल में बारिश की बूंदे।
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ये गुलाबी ठंड, ये हसीन रात और उस पर तौबा तुम्हारी इतनी याद,
सुनो, कभी तो तुम भी यूँ ही हमसे मिलने चले आओ।
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मौसम बहुत सर्द है,
चल ऐ दिल कुछ ख्वाहिशों को आग लगाते हैं।
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एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध,
बेहाल कर रखा है, इश्क के मौसमों ने।
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हसीन लगते हैं जाड़ों में सुबह के मंज़र,
सितारे धूप पहनकर निकलने लगते हैं।
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बारिश के बाद रात आईने सी थी,
एक पैर पानी में पड़ा, और चाँद हिल गया।
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खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का;
मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी।
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कभी खुशी भी मिले हरपल गम अच्छा नहीं लगता हसीन
कितना भी हो हमेशा एक जैंसा मौसम अच्छा नहीं लगता!
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मजबूरियॉ ओढ के निकलता हूं घर से आजकल,
वरना शौक तो आज भी है बारिशों में भीगनें का
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सर्द मौसम का मज़ा कितना अलग सा है;
तनहा रात में इंतज़ार कितना अलग सा है;
धुंध बनी नक़ाब और छुपा लिया सितारों को;
उनकी तन्हाई का अब एहसास कितना अलग सा है।
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तब्दीली जब भी आती है मौसम की अदाओं में;
किसी का यूँ बदल जाना, बहुत याद आता है।
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​उन्होंने देखा और ​हमारे ​आंसू गि​​र पड़े​;​
​​​​भारी बरसात में जैसे फूल बिखर पड़े​;​
दुःख यह नहीं कि उन्होंने हमें अलविदा कहा​;​
दुःख तो ये है कि उसके बाद वो खुद रो पड़े​।
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आज मौसम में कुछ अजीब सी बात हैं;
बेकाबू हमारे जज्बात है;
जी चाहता है तुमको चुरा ले तुम्ही से;
पर मम्मी कहती है कि चोरी बुरी बात है।
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दुआ बारिश की करते हो मगर छतरी नहीं रखते;
भरोसा है नहीं तुमको खुदा पर क्या जरा सा भी।
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सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहे;
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे;
शाखों से जो टूट जाये वो पत्ते नही है हम;
आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे।
~ Rahat Induri
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तालीमें नहीं दी जाती परिंदों को उड़ानों की;
वे खुद ही तय करते है, ऊंचाई आसमानों की;
रखते है जो हौसला आसमान को छूने का;
वो नही करते परवाह जमीन पे गिर जाने की।
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ये मत पूछ के एहसास की शिद्दत क्या थी;
धूप ऐसी थी के साए को भी जलते देखा।
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गिरा दे जितना पानी है तेरे पास ऐ बादल;
ये प्यास किसी के मिलने से बुझेगी तेरे बरसने से नही।
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बादलों के दरमियान कुछ ऐसी साज़िश हुई;
मेरा मिटटी का घर था वहां ही बारिश हुई;
फ़लक को आदत थी जहाँ बिजलियाँ गिराने की;
हमको भी जिद्द थी वहां आशियाना बनाने की!
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बाहर के सर्द मौसम पर तो तुम्हे ऐतराज़ हो चला है;
रगों में बहते सर्द खून का कभी तुम ज़िक्र नहीं करते।
~ Ankur Karan Singh
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खुद को चुनते हुए दिन सारा गुज़र जाता है;
फिर हवा शाम की चलती है बिखर जाती हूं!
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तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद;
काले सियाह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे!
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आज फिर मौसम नम हुआ, मेरी आँखों की तरह!
शायद कही बादलों का भी, किसी ने दिल तोडा है!
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एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी;
ऐसा तो कम ही होता है, वो भी हो तनहाई भी!
गुलज़ार
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तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे;
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे;
तुम्हारे बस में अगर हो तो भूल जाओ हमें;
तुम्हें भुलाने में शायद मुझे ज़माना लगे!
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लोग कहते है दिल पत्थर है मेरा;
इसलिए इसे पिघलना नही आता!
अब क्या कहूँ क्या आता है, क्या नही आता;
बस मुझे मौसम की तरह, बदलना नही आता!
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बदलना आता नहीं हम को मौसमों की तरह,
हर एक रूप में तेरा इंतज़ार करते हैं!
न तुम समेट सकोगी जिसे कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं!
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मौसम को देखो कितना हसीन है!
ठंडी हवाये और भीगी ज़मीन है!
याद आ रही है आपकी कुछ बाते!
आप भी याद कर रहे होंगे इतना यकीन है!
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"ठंडे-ठंडे पानी से नहाना चाहिए"
ये गाना गर्मियों में अच्छा लगता है।
सर्दियों में इस पर बैन लगा देना चाहिए।
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आखिर वो समय आ ही गया जब हम सुबह उठकर ज़िन्दगी का सबसे मुश्किल फैंसला करते हैं कि...
आज नहाना चाहिए या नहीं।
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जीवन में एक बात याद रखना कि आँसू पोंछने वाले हज़ारों मिलेंगे पर...
नाक पोंछने कोई नहीं आता, ठंड आ गई है।
अपना ध्यान रखना।
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मेरे भारत का हर शहर है नगीना;
बारिश पड़ती है आधा घंटा,
कीचड़ पूरा महीना।
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लगता है बारिश को भी कब्ज हो गयी है...
मौसम बनता है पर अाती नहीं।
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पहले फॉग चल रहा था, अब लू चल रही है।
दोनों साथ-साथ क्यों नहीं चलते?
लगता है यह दोनों भी पति-पत्नी हैं।
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भाड़ में गए अच्छे दिन,
यह बताओ ठन्डे दिन कब आएंगे?
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हे सूर्यदेव,
अब हम लोगों ने गलती मान ली कि देश में फॉग नहीं सिर्फ आप का ही जलवा है।
अब गुस्सा थूक दो यार और अपना पारा थोड़ा नीचे कर लो।
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देश में इतनी ज्यादा गर्म हवायें चल रही हैं कि पूरा देश ही 'Barbeque Nation' बन गया है।
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नहीं मान रहा सूरज!
अब और क्या घर के अंदर घुसने का मूड है।
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प्यारे हनुमान जी,
अब समय आ गया है कि आप फिर से सूरज को खा लें।
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अब की बार 50 के पार
बहन जी दूध गर्म करने की ज़रुरत नहीं, रास्ते में ही उबल गया है।
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काश सूरज की भी बीवी होती...
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कम से कम उसे थोड़ा कंट्रोल में तो रखती।
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आज कल सुबह नहीं होती बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है। सुबह का भूला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नहीं...
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बल्कि भुना हुआ कहते हैं।
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पता नहीं कौन सा मौसम चल रहा है। रात को कम्बल लेकर पंखा चलाकर सोता हूँ और सुबह गर्म पानी से नहाना पड़ता है।
कौनो फिरकी ले रहा है भाई।
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गर्मी आ रही है। लड़कियाँ जहाँ खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के अपने फैशन वाले कपडे पहन कर घूम सकती हैं।
वहीं लड़के दुखी हैं कि बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लाएंगे।
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ठण्ड का एक फायदा तो है,
गर्मी बिल्कुल नहीं लगती।
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वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाइयां;
कभी A.C. सगे हो जाते हैं तो कभी रजाईयां।
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गर्मियों में ठंडी हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि...
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ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
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ठण्ड भी जनवरी के पहले 15 दिन Odd-Even के चक्कर में फंसी रही...
अब अपनी पूरी ताकत से बाहर निकली है।
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दगा तो इस ठंड ने किया है...
दो दिन पहले ही नया स्वेटर खरीदा था और आज टी-शर्ट पहन कर घूम रहा हूँ।
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इससे ज्यादा दुश्मनी की इन्तहा क्या होगी ग़ालिब
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टॉयलेट की टंकी में कोई बर्फ डाल गया।
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Winter Season Special:
ये "नहाना" समझ से परे है। जिस शब्द में आगे "न" है और पीछे "ना" है तो बीच में ये दुनिया "हाँ" कराने पर क्यों तुली है।
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इंसान की मूलभूत आवश्यकता:
रोटी, कपडा और मकान!
सर्दियों में वही
रोटी, कपडा, मकान और रजाई!
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गिरते तापमान को ध्यान में रखते हुए मैंने अगले एक महीने के अपने बाथरूम के सभी दौरों को रद्द कर दिया है।
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जीतो: देखो जानू, इश्क़ मोहब्बत अपनी जगह, पर ये ठण्डे हाथ लगाये तो...
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थप्पड़ मार दूंगी।
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सर्दियों के लिए विशेष:
सुबह-सुबह सोकर उठो तो बीवी पर एक लोटा ठंडा पानी डाल दो, उसके बाद वो उठकर आपको ऐसा गरम करेगी कि पूरे दिन भर ठण्ड नहीं लगेगी।
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जीवन में एक बात हमेशा याद रखना:
आँसू पोंछने वाले तो बहुत मिल जायेंगे लेकिन नाक पोंछने कोई नहीं आएगा। इसलिए ठण्ड आ गई है, अपना ध्यान रखें, कहीं सर्दी न लग जाये।
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गुलाबी ठण्ड ने दस्तक दे दी है, लेकिन जब तक 'युग पुरूष अरविन्द केजरीवाल' मफलर नहीं बाँध लेते तब तक सर्दी की पुष्टि नहीं की जाएगी।
~ मौसम विभाग
---------- नटखट
वर्षा ऋतु बाबत ज़रूरी सूचना:
बारिश के मौसम में सोते समय सारे कपडे उतार कर सोयें।
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बाहर रस्सी पर रह गए तो भीग जायेंगे।
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लगता है बारिश को भी कब्ज़ हो गयी है।
मौसम बनता है पर आती नहीं।
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इस गर्मी में अगर लडकियां पसीने में तर हो जायें तो और सुंदर लगती हैं लेकिन अगर लडके पसीने में तर हो जाये तो...
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भी मजदूर ही लगते हैं।
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जून में ही मानसून दस्तक क्यों देता है, क्योकि...
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बीवियाँ इस समय मायके से सुसराल आती हैं जिसे देखकर आसमान भी फूट फूट कर रो पड़ता है।
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अख़बारों में बारिश की खबरों के साथ जब भी फ़ोटो देखो तो लगता है कि...
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बारिश में खाली लड़कियां ही भीगती हैं लड़के तो साले वाटरप्रूफ़ होते हैं।
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ये मानसून जरुर कोई औरत ही है क्योंकि...
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एक तो आने से पहले 100 नखरे दिखाएगी... दूसरे हमेशा तय समय से देर से ही आएगी।
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प्रिय जून,
तुम रोज़ एक 'Crocin' लिया करो।
तुम्हारा पारा बहुत बढ़ गया है।
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लगता है सूरज की बीवी आ गयी है...
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थोड़ा कंट्रोल में है।
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#Garmi
भाड़ में गए अच्छे दिन
हमें तो बस कोई यह बताओ कि
ठन्डे दिन कब आएंगे।
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जान मांगोगे तो जान भी दे देंगे लेकिन...
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अगर Cooler की पट्टीया अपनी तरफ घुमाई तो चमाट मार देंगे।
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गर्मी के लिए ख़ास:
रहिमन कूलर राखिये... बिन कूलर सब सून;
कूलर बिना ना किसी को... गर्मी में मिले सुकून!
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मई का महीना भी बड़ा विचित्र है...
कोई बीवी के मायके जाने से खुश है तो कोई अपनी पुरानी मोहब्बत के वापस मोहल्ले मे आने से।
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गर्मी आ गई हैं अपना ख्याल रखना।
पानी ज्यादा पीना;
खाना कम खाना;
और सबसे जरूरी बात;
सिर को धूप से बचाना;
क्योंकि...
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भूसे मे आग जल्दी लगती है।
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गर्मी पड़नी शुरू हो गई और लड़कियां भी सुल्ताना डाकू बन के घुमने लगी हैं
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कभी कभी तो मालूम ही नही होता कि अपना शहर है या चम्बल का इलाका।
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सिर से पैर तक कपडे,
हाथो मे दस्ताने,
चेहरे पे लिप्टा स्कार्फ़,
कंधो पर दुपट्टा,
बन्धे हुए बाल
यकिनन, गर्मी लडकियों को संस्कारी बना देती है।
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कभी आप खुले आसमान के नीचे अपनी कमाई रख कर देखिये, रात भर नींद नहीं आएगी।
सोचिये किसान पर क्या गुज़रती होगी?
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कितने अजब रंग समेटे है ये बे-मौसम बारिश खुद में;
अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है तो किसान जहर।
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गर्मी आने से कई जगहों पर लोगों के पंखे चल पड़े हैं लेकिन कुछ अंकल अभी भी 50% डिस्काउंट वाली जैकेट पहने घूम रहे है।
अपने पैसे पूरे करने हैं, चाहे गर्मी से दम घुट जाये।
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बहुत बिगडे है जमाने के रंग क्योंकि
मिल बैठे हैं तीन यार संग संग
Summer
Monsoon
Winter
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हर जगह राजनीति चल रही है।
आलम यह है कि अब तो ठंड और बारिश ने भी गठबंधन करके सरकार बना ली है।
बेचारी गर्मी अल्पमत में हो गई।
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प्रिय इंदर देव जी, अगर अप्सराओं से फुर्सत मिल जाये तो कृपया अपने कैलेंडर का महीना चेक कर लो।
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नारद जी: प्रभु मार्च में बारिश?
इंदर देव: मार्च शुरू हो गया है, टारगेट भी तो पूरा करना है।
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PK के अंदाज़ में मौसम का हाल:
मौसम एक दम लूल होई गवा है। बोले तो... ससुरा कभी गरमी लगत है, तो कभी ठण्डा... काउनो फिरकी ले रहा है, हम लोगन का। ई wrong नंबर है... ई गोला पर मौसम का काउनो भरोसा ही नाहीं... एक तो ठण्डा, ऊपर से ई ससुरा बारिश।
हम तो कनफुजिया गया हूँ... कि साला स्वेटर पहनू या रेन कोट।
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बजट के बाद रोया है फ़ुर्सत से कोई सारी रात यकीनन;
वर्ना रुख़सत-ए- फ़रवरी में यहाँ बरसात नहीं होती!
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उसने मुझसे पूछा: तुम मेरे लिये क्या कर सकते हो?
और इतनी ठंड मे मैने एक मिनट के लिये अपने उपर से रजाई हटा दी।
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गर्मियों में ठंडी हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि...
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ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
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क्या किसी के पास उधार स्वरूप् थोड़ी धूप सप्लाई करने की व्य्वस्था है?
मई जून तक दोगुने भाव से लौटा दूंगा।
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एक जरूरी सूचना:
अत्याधिक ठंड की स्थिति में सुप्रभात या गुडमार्निंग के संदेश दोपहर 3:00 बजे तक स्वीकार किये जायेंगे।
साथ ही शुभ रात्रि के संदेश 8:00 बजे से मान्य किये जायेंगे।
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इस ठण्ड में ग़ालिब का नया शेर:
खुद को कर बुलंद इतना कि, हर सुबह घूमने निकले;
वहाँ खुदा खुद आकर पूछे, बता तेरी रजाई कहाँ है?
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प्रिय दिसंबर तुम वापस आ जाओ, तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे यह जनवरी तो मुँह भी नहीं धोने दे रहा।
समस्त उत्तर भारतीय!
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गर्मीयो में सर्द हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
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ना मैं दिल में आता हूँ, ना मैं समझ में आता हूँ,
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इतनी सर्दी में मैं कहीं नहीं जाता हूँ।
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कड़ाके की ठण्ड को देखते हुए केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला:
"नहाये हुए व्यक्ति को छूने वाला व्यक्ति भी नहाया हुआ माना जायेगा।"
~ जनहित में जारी
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लड़की: मैं तुमसे ब्रेक-अप करना चाहती हूँ।
लड़का: यार, सर्दी-सर्दी तो रुक जाती।
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दुनिया में हर कोई एक दूसरे सें जल रहा है,
फिर भी कम्बख़्त इतनी ठण्ड क्यों पड़ रही है?
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आज सुबह गलती से पंखे का बटन क्या दब गया पूरा परिवार यूँ देखने लग गया जैसे मैं कोई आतंकवादी हूँ।
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धूप निकल आई है!
जिस-जिस को अपनी चड्डी सुखानी हो वो सुखा ले।
बाद में शायरियाँ मत करना।
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कल रात नव वर्ष की पार्टी में ज्यादा होने से सूर्य देव टल्ली हो गए। आज Hangover के कारण काम पर नहीं आ सकेंगे। उनकी जगह आज इंदर देव काम संभालेंगे।
~ जनहित में जारी
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आज की ठण्ड देखते हुए लगता है,
जिनकी शादी हो गयी है वो बधाई के पात्र हैं,
और जिनकी नहीं हुई वो रजाई के पात्र हैं।
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दिल्ली में इतना अधिक कोहरा है कि आज एक चोर ने महिला समझकर कुत्ते की चैन खींच ली!
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शीतकाल को देखते हुए तीन आधुनिक स्नान:

1. Online Bath: कंप्यूटर पर गंगा के संगम की फोटो निकाल कर उस पर 3 बार माउस क्लिक करें। और फेसबुक पर उसे Background Photo के रूप में लगाएं।
2. Mirror Bath: दर्पण में अपनी छवि को देखकर एक-एक कर तीन मग पानी शीशे पर फेंकें और हर बार "ओह्हहा" करें।
3. Virtual Bath: सूरज की ओर पीठ कर अपनी छाया पर लोटे से पानी की धार गिराएँ और जोर-जोर से "हर-हर गंगे" चिल्लाएं।
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क्यों किसी की याद में रोया जाये;
क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाये; मेरा तो यही कहना है ऐ दोस्त;
बाहर मौसम है ख़राब है,
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क्यों ना रजाई ओढ़ के सोया जाये।
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'नहाना' मेरी समझ से परे है - जिस शब्द के आगे 'न' है और पीछे 'ना' है,
उस पर हाँ करवाने पर ये दुनिया क्यों तुली है।
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मत ढूंढो मुझे इस दुनिया की तन्हाई में;
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यहीं हूँ मैं अपनी रजाई में!
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ठण्ड की बात तो कुछ ऐसी है, कि अगर 'WhatsApp' पर भी कोई लिख दे
"Cool"
तो भी बर्दाश्त नहीं होता।
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एक तो मेरी काम वाली की समझ नहीं आती कि मेरे साथ क्या दुश्मनी है!
गर्मियों में आती थी तो झाड़ू मारने के लिए पंखा बंद कर देती थी;
और अब सर्दियों में पोछा सुखाने के लिए पंखा चला देती है।
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हाय मेरी जान
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निकल रही है - सर्दी से!
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ऐसे मौसम में क्यों ना मयख़ाना सजाएँ;
चाय तो वो पीते हैं, जिनके लीवर में दम नहीं होता।
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बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब ये घड़ी भी सर्दियों में;
पाँच मिनट और सोने की सोचो तो, तीस मिनट आगे बढ़ जाती है।
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लड़का बस स्टॉप पर खड़ी लड़की से: मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।
लड़की: चल-चल जा कर मुँह धो कर आ।
लड़का: भाड़ में जा, इतना भी प्यार नहीं करता कि इतनी ठण्ड में मुँह धोने जाऊं।
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लगता है भगवान ने आज दबंग फिल्म देख ली है!
ऐसा मौसम बनाया है कि लोग कन्फ्यूज हैं कि स्वेटर पहने की रेनकोट।
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आज समय है रजाई का अविष्कार करने वाली महान आत्मा को शत-शत नमन करने का।
कसम से कमाल की चीज बनाई है।
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दुनिया में अच्छे आदमी की तलाश में मत निकलना,
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बाहर बहुत ठण्ड है और मैं घर पर ही हूँ।
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ज़िन्दगी एक सफ़र है सुहाना,
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सर्दी आ गई अब भाङ में जाए नहाना।
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एक जरूरी सूचना:
अब से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते करें क्योंकि सर्दी का मौसम है और हो सकता है कि सामने वाले ने नाक साफ करने के बाद हाथ नहीं धोए हों।
~ जनहित में जारी
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वो आज भी सर्दी में ठिठुर रही है दोस्तों;
मैंने एक बार बस इतना कह दिया कि,
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"स्वेटर के बिना कैटरीना लगती हो।"
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हकीकत समझो या फ़साना;
अपना समझो या बेगाना;
हमारा आपका है रिश्ता पुराना;
इसलिए फ़र्ज़ था आपको बताना;
ठंड शुरू हो गयी है, कृपया रोज़ मत नहाना!
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सर्दी से बचने का नुस्खा:

सुबह-सुबह सोकर उठो तो किसी के ऊपर एक लोटा ठंडा पानी डाल दो,
उसके बाद वो उठकर आपको ऐसा गरम करेगा कि पूरे दिन भर ठंड नहीं लगेगी।
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आज मैंने एक बात नोटिस की, कि सर्दियों में नहाने के लिए गरम पानी से ज़्यादा
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जिगर की ज़रूरत पड़ती है।
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आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया;
खत्म सभी का इंतज़ार हो गया;
बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से;
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया।
शुभ सावन!
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रोये वो इस कदर उनकी लाश से लिपटकर कि लाश खुद उठ कर बोली,
"ले तू मरजा पहले,
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उपर ही चढे जा रहा है इतनी गर्मी में।"
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सुबह-सुबह बारिश होने पर कौन क्या सोचता है?
प्रेमी: पक्का आज डेट और भी रोमांटिक हो जायेगी।
बच्चा: पक्का आज स्कूल से छुट्टी मिल जायेगी।
पति: पक्का आज पकोड़े और चाय हो जायेगी।
पत्नी: पक्का आज कामवाली बाई नहीं आयेगी और मेरी बैंड बज जायेगी।
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भीगे मौसम का भीगा सा साथ;
भूला हुआ वक़्त, भूली हुई बात;
वो भीगी सी आँखें, वो भीगी सी याद;
मुबारक हो आपको मौसम की पहली बरसात।
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कोई रास्ता नहीं दुआ के सिवा;
कोई सुनता नहीं खुदा के सिवा;
मैंने भी जिंदगी को करीब से देखा है, ए दोस्त;
गर्मी में कोई साथ नहीं देता...
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AC के सिवा।
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इस भयानक गर्मी में अगर तुम्हें कोई ठंडी बियर पिला दे तो वो किसी मसीहा से कम नहीं, मरते दम तक उसका एहसान मत भूलना।
---------- गुदगुदी
कैसे लोग हो यार, मंत्री की डिग्री कम हो तो परेशान रहते हो,
सूर्य की डिग्री ज्यादा हो तो भी परेशान ही रहते हो।
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अब तो हद हो गयी, बिजली भी दवाई हो गई है।
2 घंटा सुबह नाश्ते से पहले,
2 घंटा दोपहर खाने के बाद,
2 घंटा रात सोने से पहले।
शुभ गर्मी।
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एक औरत क़ब्र पर बैठी हुई थी। तभी वहाँ से गुज़र रहे किसी मुसाफिर ने पूछा, "डर नहीं लगता?"
औरत: क्यों इसमें डरने की क्या बात है? अंदर गर्मी लग रही थी तो बाहर आ गयी।
शुभ गर्मी!
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लड़कियो को 'हॉट' बोल-बोल के बेमतलब सूर्य भगवान से पंगा ले लिया। अब वो पूछ रहे हैं कि अब बता 'हॉट' कौन?
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गर्मी की दोहरी ख़ुशी:
1. अपनी पत्नी मायके जाती है।
2. अपने मोहल्ले की पुरानी सहेली मायके में आती है।
गर्मी के मौसम का आनंद मनाएं।
शुभ गर्मी!
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इस दुनिया में दो ही लोग किस्मत वाले हैं।
एक वो जिनका प्यार सच्चा निकलता है और दूसरे वो जिनका।
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तरबूज़ मीठा और लाल निकलता है।
शुभ गर्मी।
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अपना समझो या बेगाना;
हमारा आपका रिश्ता है पुराना;
इसीलिए फ़र्ज़ था आपको बताना;
गर्मियां शुरु हो गई हैं;
कृप्या
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रोज़ नहाना।
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हम तो निकले थे तलाशे इश्क में;
अपनी तनहाईयों से लड़ कर;
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मगर
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गर्मी बहुत थी, बियर पी के वापिस आ गए।
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गर्मी आ गई हैं अपना ख्याल रखना।
पानी ज्यादा पीना;
खाना कम खाना;
और सबसे जरूरी बात;
सिर को धूप से बचाना;
क्योंकि
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भूसे मे आग जल्दी लगती है।
शुभ गर्मी।
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गर्मी सांग:
सुनो गौर से पेप्सी वालो;
बुरी नज़र ना कोक पे डालो;
चाहे जितना Dew पिला दो;
सबसे आगे होगा नींबू पानी।
शुभ गर्मी!
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एक औरत क़ब्र पर बैठी थी। एक राहगीर ने पूछा, "डर नहीं लगता?"
औरत: क्यों? इसमें डरने की क्या बात है। अंदर गर्मी लग रही थी तो बाहर आ गई।
शुभ गर्मी।
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बहुत अफ़सोस हो रहा है उन बेचारे लड़के-लड़कियों पे जो,
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कंबल, रज़ाई में छुप कर कॉल और मैसेज किया करते थे।
अब करो, हाय रे गर्मी!
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कुछ तकनीकी खराबियों के कारण इस बार सर्दी के बाद गर्मी का मौसम उपलब्ध नहीं हो सकेगा। कृप्या बारिश का मज़ा लें।
धन्यवाद!
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उफ़ सर्दी!
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...
....
.....
जब ऊपर लिखा है कि सर्दी है, तो नीचे कौन सा हीटर लगा है जो देख रहे हो!
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क्यों किसी की याद में रोया जाए;
क्यों किसी के ख्यालों में खोया जाए;
मेरा तो यही कहना है दोस्त;
बाहर मौसम बहुत खराब है;
क्यों ना रजाई ओढ के सोया जाए!
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दिल की धड़कन रुक सी गई है;
सांसे मेरी थम सी गई हैं;
पूछा हमने दिल के डॉक्टर से तो पता चला;
सर्दी के कारण आपकी यादें दिल में जम सी गई हैं।
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सर्दी के लिए खास टिप्स:
सुबह-सुबह सोकर उठो तो बीवी पर एक लोटा ठंडा पानी डाल दो,



उसके बाद वो उठकर आपको ऐसा गरम करेगी कि पूरे दिन भर ठंढ नहीं लगेगी।
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आ जा अभी सर्दी का मौसम नहीं गुजरा;
पहाड़ों पर अभी भी बर्फ़ जमी है;
सब कुछ तो है मेरे पास;
सिर्फ एक तेरी ही कमी है।
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दुनिया में अच्छे इंसान की तलाश में मत निकलना;

क्योंकि

आज ठंड बहुत है और मैं घर पर ही हूँ।
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उफ़ सर्दी।
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...
....
.....
......
.......
जब ऊपर लिखा है कि सर्दी है तो नीचे कौनसा हीटर लगा है, जो देख रहे हो?
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चिलगोज़ी की खुश्बू, मूंगफली की बहार;
सर्दी का मौसम आने को बेक़रार;
थोड़ी सी मस्ती थोडा सा प्यार;
मफलर, स्वेटर रखो तैयार;
हैप्पी विंटर सीजन मेरे यार।
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वो आज भी सर्दी में ठिठुर रही है दोस्तों;
मैंने एक बार बस इतना कहा कि;
"स्वेटर के बिना कैटरीना लगती हो।"
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दो बार लिप्स पे;
2 बार गाल पे;
2 बार माथे पे;
2 बार आँखों पे;
चुंबन उम्बन (Kiss wiss) नहीं ओए;
कोल्ड क्रीम जरूर लगाना सर्दी आ गई है न।
हैप्पी सर्दी!
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हल्की सर्दी का ज़माना है;
मौसम भी सुहाना है;
1-2 प्यारे sms तो कर दो;
क्या बैलेंस को अगले जन्म तक चलाना है।
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अगर भीगने का इतना ही शौक है बारिश में तो देखो ना मेरी आँखों में;
बारिश तो हर एक के लिए होती है;
लेकिन ये आँखें सिर्फ तुम्हारे लिए बरसती हैं।
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ये मौसम भी कितना प्यार है;
करती ये हवाएं कुछ इशारा है;
जरा समझो इनके जज्बातों को;
ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा है।
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जब जब आता है ये बरसात का मौसम;
तेरी याद होती है साथ हमदम;
इस मौसम में नहीं करेंगे याद तुझे ये सोचा है हमने;
पर फिर सोचा कैसे बारिश को रोक पायेंगे हम।
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उनका वादा है कि वो लौट आयेंगे;
इसी उम्मीद पर हम जिये जायेंगे;
ये इतंजार भी उन्ही की तरह प्यारा है;
कर रहे थे कर रहे हैं और किये जायेंगे।
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सावन ने भी किसी से प्यार किया था;
उसने भी बादल का नाम दिया था;
रोते थे दोनों एक दूसरे की जुदाई में;
और लोगों ने उसे बारिश का नाम दिया था।
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आज बादल काले घने हैं;
आज चाँद पे लाखों पहरे हैं;
कुछ टुकड़े तुम्हारी यादों के;
बड़ी देर से दिल में ठहरे हैं।
शुभ वर्षा ऋतू!
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भीगे मौसम की भीगी सी सूरत;
भीगी सी याद भूली हुई बात;
वो भीगी सी आँखें;
वो भीगा हुआ साथ;
मुबारक हो आपको आज की खूबसूरत बरसात!
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बारिश के मौसम में क्या आपका दिल मचलता है;
क्या पानी में भीगने का भी आपका दिल करता है;
इसमें आपकी गलती नहीं है;
इस मौसम में हर मेंढक ऐसे ही फुदकता है।
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भीगे मौसम की भीगी सी सूरत;
भीगी सी याद भूली हुई बात;
वो भीगी सी आँखें, वो भीगा हुआ साथ;
मुबारक हो आपको, आज की खूबसूरत बरसात।
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आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया;
खत्म सभी का इंतज़ार हो गया;
बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से;
लगा जैसे फलक को ज़मीन से प्यार हो गया।
हैप्पी मानसून।
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बारिश रिमझिम होनी चाहिए;
जोर से तो सुसु भी आती है।
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आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया;
खत्म सभी का इंतज़ार हो गया;
बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से;
लगा जैसे फलक को ज़मीन से प्यार हो गया।
शुभ वर्षा ऋतू।
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आसमान में काली घटा छाई है;
आज फिर बीवी ने दो बातें सुनाई है;
दिल तो करता है सुधर जाऊं मगर;
बाजूवाली आज फिर भीग कर आई है।
शुभ वर्षा ऋतू।
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ज़िंदगी में एक बात हमेशा याद रखना कि तुम्हारे आँसू पोंछने वाले तो बहुत से लोग मिल जायेंगे।
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मगर तुम्हारी नाक पोंछने वाला कोई नहीं मिलेगा।
इसलिये बच के रहो क्योंकि मौसम ख़राब है और जुखाम हो सकता है।
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हमें बचपन में सिखाया गया था कि ज्यादा गर्मी अच्छी नहीं।
कृपया मुझे यह बतायें की किसी ने भी यह शिक्षा 'सूर्य' को नहीं दी।
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कंबल और रज़ाई को करो माफ़;
ऐ-सी और कूलर कर लो साफ़;
पसीना छूटेगा दिन और रात;
अब बिना नहाये नहीं बनेगी बात;
अब अपने नेचर में रखो नरमी;
मेरी तरफ से आप सभी को शुभ गर्मी।
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सुनो गौर से 'पेप्सी' वालो;
बुरी नज़र न 'कोक' पे डालो;
चाहे जितना 'लिम्का' पिला लो;
सबसे आगे होंगे 'निम्बुं पानी';
हमने पिया है तुम भी पिओ।
शुभ गर्मी।
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Khush nasib hote hain badal,
Jo dur rehkar bhi zameen par baraste hain,
Aur ek badnasib hum hain,
Jo ek hi duniya mei rehkar bhi.. Milne ko taraste hain.

पहले रिम-झिम फिर बरसात और अचानक कडी धूप,
मोहब्बत ओर अगस्त की फितरत एक सी है..!!

किस मुँह से इल्ज़ाम लगाएं बारिश की बौछारों पर,
हमने ख़ुद तस्वीर बनाई थी मिट्टी की दीवारों पर !!

बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,
बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे.

Mausam Hai Barish Ka Aur Yaad Tumhari Aati Hai,
Barish Ke Har Qatre Se Awaz Tumhari Aati Hai.
Badal Jab Garajte Hain, Dil Ki Dharkan Badh Jati Hai,
Dil Ki Har Ek Dharkan Se Awaz Tumhari Aati Hai.
Jab Tez Hawayein Chalti Hai To Jaan Hamari Jati Hai,
Mausam Hai Barish Ka Aur Yaad Tumhari Aati Hai.

Ye Baarisho’n K Mausam
Bas Tum Hi Se Hyn Wabasta
K Mohabbato’n Main Baarish
Bari Lazmi Si Shey Hy
Chahey Aasman Se Barsey
Chahey Chashm-e-Nam Se

Barish Ka Ye Mousam Koch Yaad Dilata Hai,
Kisi Kay Saath Honay Ka Ehsaas Dilata Hai,

Fiza Bhi Sard Hai Yaadain Bhi Taaza Hai,
Ye Mousam Kisi Ka Pyaar Dil May Jagata Hai,

Bheegi Hoye Raatain Khamosh Si Baatain,
Aisay Main Koch Kaho Tu Her Lafz Madhem Ho Jata Hai,

Barsat Ki Hain Bondain, Bondon May Hai Khushbo,
Ye Lumha Tu Dil Ka Ehsaas Chuu Jata Hai,

Aisay Main Tum Bhi Keh Do Dil Ki Baat,
Ye Mousam Tu Pal Bhar Main Beet Jata Ha.

Agar Bhigne Ka Itna Hi Shoq Hai Baarish Me,
To Dekho Na Meri Aankhon Me,
Baarish To Har Ek Ke Liye Hoti Hai,
Lekin Ye Aankhein Sirf Tumhare Liye Barasti Hain.

खुद भी रोता है,
मुझे भी रुला के जाता है,
ये बारिश का मौसम,
उसकी याद दिला के जाता है।

आज भीगी है पलके किसी की याद में
आकाश भी सिमट गया हैं अपने आप में
ओस की बूँद ऐसी गिरी है ज़मीन पर
मानो चाँद भी रोया हो उनकी याद में.…

Aaj bhigi hai palke kisi ki yaad mein,
Aakash bhi simat gaya hai apne aap mein,
Oas ki boonde aisi giri hai jameen per,
Maano chand bhi roya ho uski yaad mein.

आज मौसम कितना खुश गंवार हो गया,
खत्म सभी का इंतज़ार हो गया,
बारिश की बूंदे गिरी कुछ इस तरह से,
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया|

Badalon se keh do,
Jara soch samjh kar barse,
Agar mujhe unki yaad aa gayi,
To mukabla barabari ka hoga.

🌂 ऐ बारिश मेरे अपनो को यह पैगाम देना 💦
🌂 खुशियों का दिन हँसी की शाम देना, 💦
🌂 जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को, 💦
🌂 तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना.. 💦

रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,
बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!
क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारों
अपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !

Aye barish zara tham ke baras,
Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki woh ja na sake.

Dharti se sawan ki bundein milne jab bhi aati hain,
Uski shikayat karti hain kuchh apna dard sunati hain.
Kuchh rishte naye banati ehsaas naya de jati hain,
Har ek kali ko phool baag ko gulshan kar jati hain.
Chahat nayi si hoti hai armaan naya de jati hain,
Kuchh khushi ke pal kuchh muskan nayi de jati hain.
Dharti se sawan ki bundein milne jab bhi aati hain,
Uski shikayat karti hain kuchh apna dard sunati hain.
Sukhe kheton se jab saundhi si khushboo aati hai,
Suni aankhon mein phir se ek khwab naya de jati hai.
Kahin pyar naya hota hai kahin judaai de jati hai,
Kahin sawan ke jhoole kahin birha ke geet sunati hai.
Dharti se sawan ki bundein milne jab bhi aati hain,
Uski shikayat karti hain kuchh apna dard sunati hain.


Barsat ki bheegi raaton mein fir koi suhani yaad aayi,
Kuchh apna jamana yaad aaya kuchh unki jawani yaad aayi,
Hum bhool chuke the jisne hamein duniya mein akela chhor diya,
Jab gaur kiya to ek surat jaani pehchani yaad aayi.


Khyalon mein wahi, sapno mein wahi,
Lekin unki yaadon mein hum the hi nahi,
Hum jaagte rahe duniya soti rahi,
Ek baarish hi thi, jo humare sath roti rahi.

Aaj barish main tere sang nahana hai,
Sapna yeh mara sadioon purana hai..
Barish ka qatra jo tujh par gire..
Us qatre ko apne hantoon se lagana hai.

Tumko barish pasand hai… mujhe barish me TUM,
Tumko hasna pasand hai… mujhe hastey hue TUM,
Tumko bolna pasand hai… mujhe boltey hue TUM,
Tumko sab kuch pasand hai.. aur mujhe bas TUM


Ae barish zara thamke baras,
Jab mere yaar aa jaye to jamke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki wo jaa na sake

Happy Rainy Day
Dua Hai Barish Ke Jitne Qatre Girain
Utni Hi Apko Khusyan mile.


Na wo mausam rahe,
na wo numaishe,
na wo ghata rahi,
na wo khawahishe,
lamho ki barish ne aisa bhigoya hai hame,
ki na wo sawan rahe, na wo barishe.


Lo aaj Phir Ronay Laga hai Asmaan,
Ban ke Barish ..
Shayad Aaj us ko Phir
Ehsas Hua Hai Meri Tanhai ka!

Mausam hai barish ka aur yad tmhari aati hai,
Barish k har aik katre se aawaz tmhari aati hai,
Badal jab garajte hain dil ki dharkan barhti hai,
Aur dil ki har ek dharkan se aawaz tumhari aati hai,
jab taiz hawaein chalti hain to jaan humari jati hai,
Mausam hy barish ka aur yaad tumhari aati hai.

Har Haseen Mousam Ki
Har Haseen Barish Main
Dard Tum Jagati Ho
Bewajah Sataati Ho
Mousamoon K Lutf Ko
Tum Dard Main Bahaati Ho
Zindagi Ke Naam Say
Tum Gee Mera Jalaati Ho
Lutf K Sab He Lamhay
Yaad Main Ganwaati Ho
Har Haseen Mousam Ki
Har Haseen Barish Main
Tum Kion Itna Yaad Aati Ho ..??



Kafi Arsa Beet Gaya Jane Ab Woh Kaisa Hoga,
Waqt Ki Sari Kerwi Batain Chup Chap Sehta Hoga,
Ab Bhi Bhegge Barish Mein Woh Ban K Chatri Chalta Hoga,
Mujhse Bichre Arsa Beeta Ab Wo Kis Se Larta Hoga,
Acha Tha Jo Sath Hi Rhete Baad Mein Os Ne Socha Hoga,
Apne Dil Ki Sari Baatain Khud Se Khud Hi Karta Hoga.

Suna hai barish usko bhi pasand hai,
Wo bhi meri tarhan barasti bundon ko hathon main samayte leti hai,
Suna hai Phool usko bhi pasand hain,
Wo bhi meri tarhan phoolon se ghanton batain karti rehti haai,
Suna hai chand usko bhi pasand hai,
Wo bhi meri tarhan raat raat bhar ushe takti rehti hai,
Suna hai tanhai usko bhi pasand hai,
Wo bhi meri tarhan?????.
Par wo tanha beth kar kis ko sochti hai?
Sari batain sachi hain magar
Ye bhi sach hai
Main jo uss k bare main har baat ki khabar rakhta hu,
Ye bhi janta hon k uss ki sochon ka mahwar main nahi.




Mausam hai barish ka aur yaad tumhari aati hai,
Barish ke har qatre se awaz tumhari aati hai,

Badal jab garajte hain, dil ki dharkan badh jati hai,
Dil ki har ek dharkan se awaz tumhari aati hai,

Jab tez hawayein chalti hai to jaan hamari jati hai,
Mausam hai barish ka aur yaad tumhari aati hai.


Duao me shamil ho is tarah,
fulo me hoti hai khushbu jis tarah,
MATA aapki zindagi me khushiya de is tarah..
dharti par hoti hai Barish jis tarah.

Barish Ka Mousam Bahut Tadpata Hai, Shayari
Category: Funny Shayari, Hindi Shayari, Rain-Barish Shayari
Barish Ka Mousam Bahut Tadpata Hai,
Unki Yaad Aati Hai Jinhe Dil Chahta Hai,
Lekin Wo Aayein Bhi To Kaise,
Na Unke Paas Rain Coat Hai Aur Na Chhata Hai.



Phool barse kahin sabnam kahi moti barse
Aur is dil ki taraf barse toh pathar barse,

Barishein chhat par khuli jagah par hoti hai magar
Gham woh sawan hai jo in band kamron mein barse,

Koun kahta hai ke rango ke fariste utrein
Koi bhi barse magar is bar toh ghar ghar barse,

Hum jaise majbur ka gussa bhi ajib badal hai
Apne hi dil se uthe apne hi dil pae barse.





Koshishen tmaam nakam ho gayi,
Ankhon se ansuon ki barish aam ho gayi,
Bewafai humse karke wo chale gaye,
aur wafa hamari badnaam ho gayi…



Kaise woh lot aye ke fursat usse nahi,
Duniya samajh rahi hai Mohabbat usse nahi,
Lagta hai aa chuki hai kami us ki chah main,
Kafi dinon se Mujh se shikayet usse nahi,
Dil ki zameen us ki hai banjar issi liye,
Jazbon ki barishon ki jo aadat usse nahi.



Aaj aasman mein tare kam dikhe,
Barish me patte nam dikhe,
Jinki najaro me jagah nahi ti hamare liye,
Khuda ki kasam aaj unki aankho me hum dikhe



Ae barish zara thamke baras,
Jab mere yaar aa jaye to jamke baras,
Pehle na baras ki woh aa na sake,
Phir itna baras ki wo jaa na sake…


1. Her Khushi, Hansi Mange Ap Se,
Her Phool, Khushbu Mange Aap Se,
Itni Roshni Ho Apki Zindagi Me K,
Khud WAPDA Connection Mangay Apse,
“HAPPY LOAD SHEDDING”

2. Dimaag Par Soraj Ki Aag Mat
Parhne Dena
Q K
BHOOSA JALDI
AAG PAKARTA HE
Enjoy Summer Season. Happy Summer.

3. Aamo ki khsuhbu,Barish ki bahar,Garmi ka mosam,aney ko tayar,Thori si masti,Thora sa payar,Load shading k liye,raho tayaar,HAPPY SUMMER SEASON YAAR..

4. Vanila ki khusbu, Icecream ki bahar,Garmi ka mausam,Aane ko Taiyar,Thodi si masti,thoda sa pyar,Freeze kular rakho taiyar! HAPPY SUMMER.

5. Raat ko neend nhi, subah chain nhi har pal pyas hi pyas he, aag hi aag he kya yhi pyar he? Nhi yar ye to garmi Ki shurwat hai.HAPPY SUMMER

6. Apna samjo ya begaanaa,Hamara aapka hai rista purana,Is liye farz tha aapko batana,Garmiya shuru ho gayi hai..Pa-lease “ROZ NAHANA”

7. Garmi or bezzati Jitni Mehsoos karoge Utni jyada lagegi, So be brave & be besharam and enjoy the life.
Think Hatke !!!

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1. Besan ki roti, Nimbu ka achaar,
Doston ki khushi, Apnon ka pyar,
Sawan ki rain, Kisi ka intezar,
Mubark ho aapko,
Barish ki bahar,
/ / / /
/ / /
Happy Rainy Day

2. Ae Baarish tu itna na baras ki mera Mehboob aa na sake
Aur Mehboob aa jaye to Baarish tu itna baras ke wo ja na sake. Happy Rainy Day! Happy Monsoon…

3. Barish me aaj Bheeg jaane Do.
Bundo ko aaj baras jane bhi do.
na rokoo yu khud ko abhi,
bhig jane do is dil…. ko hi aaj bheeg jane d o.

4. Jab Mausam Rang Badalta Hai,
Jab Badal Khoob Barasta Hai,
Jab Hawa Se Khushbu Aati Hai,
Jab Chandni Bhi Sharmati Hai,
Tab Yaad Tumhari Aati Hai.. !!

5. BARISH KI TARAH TUJH PE BARASTI RAHEN KHUSHIYAN
HER BOOND TERAY DIL SE HER EK GHUM KO MITA DE.”
happy Rainy day. Enjoy ds WEATHER.

6. Koi tou barsat aisi ho jo tere sang brse “mohsin”
Tanha to meri Aankhein hr roz brsti hein… hapy rainy Day

7. Ek Gujarish Hai Tujhse Zara Tham Ke Barasna, Aa Jaaye Jab Mera Mehboob To Phir Jamm Ke Barasna, Yun Pehle na Barasna Ki Wo Aa na Sakey, Aa Jaaye Mere Pass To Itna Barasna Ki Wo Ja Na Sakey..

8. Ab barish hoti hai, Tum yaad aate ho.
Jab kali ghata chaye, Tum yaad ate ho,
Jab bheegte hain tum yaad aate ho,
Bataoo Meri umbrella Kab wapis kro ge!

9. Aaj Ki Is Baarish Mei
Phir Wohi Saa Manzar Hy
Phir Wohi Si Boondain Han
Phir Wohi Si Thandak Hy
Phir Wohi Sa Sub Kuch Hy

Par

Aaj Ki Is Baarish Mei
Saath Tm Nhi Ho To
Aankh Nm Si Kitni Hy
Saans Tang Si Ktni Hy
Rooh Pyasi Ktni Hy
Yeh Udaasi Ktni Hy
Aaj Ki Is Baarish Mei….

10. Barish K Bad Aksar Mera Dil Doob Sa Jata HI DOST K Tu Bhi Kahin Muje Chor Kr Chala Na Jaey In Badloon Ki Tarah
Happy Rain Day .

11. Usay kehna, Lout Aao K Meri Sansain,
Ab Tinka Tinka Jhulasti Hain…
Kahin Meri Jaan Na Le Le,
Ye ‘BARISH’ January ki !!

12. Itni Shidat Se To Barsaat Be Kam Kam Barsay Jis Traha Ankh Teri Yaad Main Cham Cham Barsay Minatien Kon Kary Aik Gharondy Ke Lye Kah Do Baadal Se Barasta Hai To Jam Jam Barsay..

13. Ae barish(rain) jara tham k baras,
jab mera yaaar aa jaye to jam k baras,
pehle na baras ki woh aa na sake,
phir itna baras ki wo jaa na sake.

14. Barish ki trha tujh pe barasti rahen khushyan.
Har b0ond tere dil se hr ik ranj mita de
Happy Rainy Day

15. Hamary naseeb mein barish ki bondein kahan kami
arry hm to vo makeen hein jo apni ansooun ko bi tarasty hain

16. Wo mere roo baroo aya bhi to Barishon k mosam mein
Mere aansoo beh rahe thay wo barsat samajh betha..

17. KaL raaT BrasTi rahi saWan ki GhaTa bi
Aur Hum bi Teri Yaad mein DiL khooL ke rooYe
Loog Daitay rahe zakhm, sulagti rahi Ankhain,
Hum Dard ke Maaro’n ko Na soona tha na sooYe..

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1. Wo Yaad Bhi Ab k Aaya Hai,
Aur Jaag Uthi Hai Khwaish Bhi,
Taaza Dard Aur Sard Hawa Hai,
Aur Saal Ki Pehli Baarish Bhi.
..HaPpY MoNsOoN..

2. Yun To Kai Baar Bhigoya Sawan Ne,
Magar Khayalo Ka Aangan Suukha Hi Raha,
Jab Zehan Ki Deewarein Geeli Huyi Us k Tasawwur Se,
Tab Hii Jana Hum Ne Baarish Kya Hoti Hai.

3. Suno Mehsoos karo Badal ki garaj Bijli ki chamak Barish ki ek ek boond Tumse Cheekh cheekh ker kah rahi hai ? ? ? ? “NAHA LO”

4. Kash K Baras Jae Yahan Bhi Kuch Noor Ki Barish Ya Rab,
K Emaan K Shishon Pe Bari Gard Jami Hai,
us tasveer ko bhi kar de taza,
jinki yaad humare dil me dhudhli huyi hai.

5. Ho gai Barish Bheeg gaye hum
Wah Wah
Ho gai Barish Bheeg gaye hum
.
.
.
Phir
.
.
.
Phir Kiya
.
.
.
Ruk gai Barish Aur Sookh gaye hum…:-p Happy Rim Jhim

6. Us ny usy Badal ka naam diya tha
Roty thy dono ek dusray ki judaai me
Aur logon ny usy Barish ka naam diya tha
Happy Rim Jhim

7. Barishon Mein Chalny Se
Ik Bat Yad Ati Hai.
Phisalny K Khouf Se Woh Haath Thaam Leta Tha…!!!

8. Aaj badal kale gehre hain,
aaj chand pe lakhon pehre hain,
Kuch thukraye tumhari yaadon k,
badi der say dil mein thehray hain.

9. kL uski yaad puri raat aati rahi
hum jaage puri duniya soti rhi
aasman me bijli puri raat hoti rhai
bas 1 BARISH thi jo mere saath roti rahi .

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1.Pehan lo tum sweater tumse yehi hy hamari guzarish,
Mubarak ho aap sabko sardi ki pehli barish 🙂
Happy first rain of winter

2. Ek aadmi apni biwi ka antim sanskar kar ke,
Ghar ja raha tha ke achanak bijli, Chamki, Badal garje,
Zor se barish(rain) shuru hoi,
Aadmi bola lagta hai pahunch gai.

3. Bheegy Mosam Ki Bheegi Si Raat
Bheegi Si Yaad
Bhuli Hui Baat
Bhula Hua Waqt
Wo Bheegi c Aankhai’n
Wo Beeta Hua Saath
Mubarak Ho Aap Ko
December Ki Pehli Barsaat

4. Jab barish hoti hai, Tum yaad aate ho.
Jab kali ghata chaye, Tum yaad ate ho,
Jab bheegte hain tum yaad aate ho,
Bataoo Meri umbrella Kab wapis kro ge!

5. In barisho se adab-e-mohobbat seekho faraz,
agar ye ruth b jayen to barasti bohot hian..

6. Aaj phir teri yaad aayi barish ko dekh kar
Dil pe zor na raha apni bebasi ko dekh kar
Roye is qadar teri yaar me
Kay barish bi thum gai meri Ashqo ki barish dekh kar…

7. Kal raat maine sare gum aasman ko suna diya…
aaj mai chup hu aur aasman baras rah h.

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1. Ae barish(rain) jara tham k baras,
jab mera yaaar aa jaye to jam k baras,
pehle na baras ki woh aa na sake,
phir itna baras ki wo jaa na sake.

2. Ab ke sawan(rain) mein paani barsa bahut,
Paani ki har boond mein woh aaye yaad bahut.
Is suhaane mausam mein saath nahi tha koi,
Baadlon ke saath in aankhon se paani baha bahut.

3. Besan ki roti,
Lemo ka achaar,
Doston ki khushi,
Apnon ka pyar,
Sawan ki rain,
Kisi ka intezar,
Mubark ho aapko,
Barish ki bahar,
/ / / /
/ / /
/ /
Happy Rainy Day

4. Aaj to bohot khush hoongay aap?
.
.
Kiyon k, barish jo ho rahi hai
.
.
aur barish main to
.
.
sab hi maindak khush hotay hain..

5. Aaj badal kalay gehray hain,
aaj chand pay lakhon pehray hain,
Kuch tukray tumhari yaadon k,
bari dair say dil mein thehray hain..

6. Aaj halki halki baarish hay,
aaj sard hawa ka raqs bhi hay,
Aaj phool bhi nikhray nikhray hain,
aaj un main tumhara aks bhi hay..