Jokes on Rajniti

बाकी पैसे कहाँ हैं?
एक मंत्री जी भाषण दे रहे थे उसमें उन्होंने एक कहानी सुनाई:

एक व्यक्ति के तीन बेटे थे, उसने तीनों को 100-100 रूपए दिए और ऐसी वस्तु लाने को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये।

पहला पुत्र 100 रूपए की घास लाया पर उससे पूरी तरह कमरा नही भरा।

दूसरा पुत्र 100 रूपए का कपास लाया उससे भी कमरा पूरी तरह नही भरा।

तीसरा पुत्र 1 रूपए की मोमबती लाया और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया।

आगे उस मंत्री ने कहा हमारे प्रधानमंत्री उस तीसरे पुत्र की तरह है, जिस दिन से राजनीति में आये है उसी दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धि से जगमगा रहा है।

तभी पीछे से किसी आदमी की आवाज आई वो सब तो ठीक है बाकी के 99 रूपए कहाँ है?


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मंत्री जी का सम्मान!
एक मंत्री जी गाँव में किसी सभा को सम्बोधित करने जा रहे थे।

गाँव से पहले ही उनकी कार के नीचे एक कुत्ता आ गया। एक्सीडेंट में कुत्ता भी मर गया और कार भी ख़राब हो गयी।

मंत्री जी ने ड्राइवर को गाँव वालों को मदद के लिए बुलाने भेजा।

करीब 2 घंटे बाद जब ड्राइवर लौटा तो उसके गले में ढेर सारी मालाएं पड़ी हुई थी।

मंत्री जी कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने ड्राइवर से पूछा, "तुमने ऐसा क्या किया जो तुम्हारा इतना सम्मान हुआ?"

ड्राइवर: मैंने तो सिर्फ इतना कहा कि मंत्री जी की कार का एक्सीडेंट हो गया है, और कुत्ता मर गया।


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कौन बनेगा करोड़पति में सोनिया!
अमिताभ: सोनिया जी अब अंतिम सवाल 5 करोड़ के लिए।

गुजरात का मुख्यामंत्री कौन है?

क) लालू प्रसाद

ख) विलासराव देशमुख

ग) अर्जुन सिंह

घ) नरेन्द्र मोदी

सोनिया: नरेन्द्र मोदी।

अमिताभ: क्या आपको पूरा यकीन है?

सोनिया: जी।

अमिताभ: तो क्या मैं नरेन्द्र मोदी को लॉक कर दूँ?

सोनिया: आप उसे लॉक तो करो, बदले में 100 करोड़ रूपए मैं आपको दूंगी।


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मंगल पर पानी!
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की कि उन्होंने मंगल ग्रह पर पानी खोज निकाला है। अब इस घटना पर हमारे देश की राजनीति में कैसी प्रतिक्रियाएं हुई, जरा देखिये:

नरेन्द्र मोदी:
मितरों... 60 साल हो गए देश आज़ाद हुए, आज तक पानी मिला क्या?

जनता: नहीं मिला

तो अब मंगल ग्रह पर पानी मिलने के बाद मैं आप सबसे पूछना चाहता हूँ कि...

आपको बुध पर पानी चाहिए कि नही चाहिए?

जनता: चाहिए

आपको शुक्र पर पानी चाहिए कि नहीं चाहिए?

जनता: चाहिए

आपको शनि पर पानी चाहिए कि नहीं चाहिए?

जनता: चाहिए

तो आपसे मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि इस बिहार चुनाव में मुझे अपना आशीर्वाद दीजिये और भाजपा की सरकार बनवाइए।

राहुल गांधी:
पानी - पानी क्या होता है? आज मैं आपको बताता हूँ कि पानी क्या होता है? पानी, दरअसल पानी होता है। ये जो मंगल ग्रह का पानी है, वो किसानों और मजदूरों का पानी है, गरीबों का पानी है, और ये सूटबूट की सरकार - ये मोदी सरकार उस पानी को उद्योगपतियों को देना चाहती है लेकिन मैं आपको ये बताने आया हूँ कि हम ऐसा होने नहीं देंगे।

अरविन्द केजरीवाल:
मंगल पर पानी ढूँढने के लिए मैं वैज्ञानिकों को बधाई देता हूँ लेकिन ये केंद्र की सरकार पानी का कंट्रोल अपने हाथों में रखना चाहती है, दिल्ली की चुनी हुई सरकार को पानी से दूर रखना चाहती है।

ओवैसी:
कोई ये न समझे कि मंगल के पानी पर सिर्फ किसी एक कौम का हक है। ध्यान रहे कि उस पानी पर मुसलमानों का भी बराबर का हक है।

लालू यादव:
ई मंगल पे पानी, मंगल पे पानी, मंगल पे पानी का करता है रे? धुत! अरे ऊ तो बिहार का पानी है जो हमरे गया से जाता है। गया में जा के पुरखों को पानी देते हो कि नहीं? बोलिए? उहै पानी पहुँचता है मंगल पे बुडबक!

जी न्यूज़:
यहाँ आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि मोदी जी इस देश के ऐसे पहले प्रधानमन्त्री बन गए हैं जिनके कार्यकाल में मंगल पर पानी मिला है।

दीपक चौरसिया:
इस वक़्त मैं मंगल पर हूँ और जैसा कि यहाँ मैं देख पा रहा हूँ ये दरअसल एक स्विमिंग पूल है, जो ललित मोदी का है, जो अपनी पत्नी के इलाज के लिए पेरिस हिल्टन के साथ यहाँ आये हुए हैं।

मोदी भक्त:
देख लो, इसे कहते हैं अच्छे दिन। तुम लोग साले दाल की मंहगाई का रोना ही रोते रहना, बस।


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मज़बूरी की मार!
बचपन में मेरे गाँव में 5 - 6 तगड़े कुत्ते थे। उन की आपस में ज़बरदस्त दुश्मनी थी। सब एक दूसरे के खून के प्यासे। लेकिन जब कई सालों बाद मैं गांव गया तो देखा वो कुत्ते एक दूसरे को चाट रहे थे, साथ में अठखेलियां कर रहे थे।

एक बुजुर्ग से जब इस बारे में बात की तो बुजुर्ग ने बड़ा ही मज़ेदार ज़वाब दिया। उन्होंने कहा, "गली के कुते, जवानी के दिनों में भले ही एक दूसरे के कट्टर शत्रु हों, किन्तु बुढ़ापे में दाद - खुजली‬ से ग्रस्त बेदम और बेकार होते ही वे दोस्त बनकर एक दूसरे के सारे ज़ख्म चाटने लगते हैं।"

नोट: इस कहानी का लालू, नितीश, मुलायम, शरद यादव या देवगौड़ा आदि से कोई संबंध नही है पर फिर भी आप जोड़ना चाहें तो मेरी तरफ से पूर्ण स्वतंत्रता है।


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प्याज कोई खेल नहीं!
बढती प्याज की कीमतों के हिसाब से जल्दी ही फिल्मो के डायलाग इस प्रकार के होंगे !

मेरे करण अर्जुन आयेंगे;
और दो किलो प्याज़ लायेंगे. . .

ये ढाई किलो के प्याज़ जब आदमी लेता है ना;
तो आदमी उठता नहीं उठ जाता है. . .

मेरे पास बंगला है गाडी है बैंक बैलेंस है रुपया है पैसा है, तुम्हारे पास क्या है?
मेरे पास प्याज़ है!

जिनके घर प्याज़ के सलाद होते हैं;
वो बत्ती बुझा कर खाना खाते हैं. . .

चिनॉय सेठ, प्याज़ बच्चों के खेलने की चीज़ नहीं होती;
कट जाए तो खून निकल आता है. . .

मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता;
प्याज़ हो तो अलग बात है. . .

लगता है सब्जी मंडी में नए आये हो साहेब;
सारा शहर मुझे प्याज़ के नाम से जानता है. . .

11 राज्यों की सरकार मुझे ढूंढ़ रही है;
पर प्याज़ को खरीदना मुश्किल ही नहीं,नामुमकिन है. . .

ये प्याज मुझे दे-दे ठाकुर। . . .

तुम्हे चारो तरफ से पुलिस ने घेर लिया है;
अपनी सारी प्याज कानून के हवाले कर दो. . . .


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नेताओं का विश्वास!
नेताओं से भरी एक बस जा रही थी अचानक बस सड़क से नीचे उतरकर खेत में एक पेड़ से जा टकराई।

खेत मालिक दौड़ता हुआ आया सब कुछ देखकर उसने एक गढ्ढा खोदना शुरू किया और फिर उसमें नेताओं को दफना दिया।

कुछ दिन बाद पुलिस को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा पुलिस ने किसान से पूछा कि सारे नेता कहां गए?

आदमी ने बताया कि उसने सभी को दफना दिया है पुलिस ने पूछा, सब मर गए थे क्या?

आदमी बोला, "नही, कुछ कह रहे थे कि वे नही मरे, पर आप तो जानते ही हैं कि ये नेता झूठ कितना बोलते हैं। अब उनकी बात का विश्वास नहीं किया जा सकता न?"


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मोदी और जनता!
चुनाव से पहले:
मोदी : यस, अब सही समय आ गया है
जनता : क्या आप विदेश यात्राओं पर जाओगे?
मोदी : नहीं
जनता : हमारे लिए काम करोगे?
मोदी : हाँ , बहुत
जनता : महगांई बढ़ाओगे?
मोदी : इसके बारे में तो सोचो भी मत
जनता : आप हमे जॉब दिलाने में मदद करोगे?
मोदी : हां, जहाँ कहाँ कर सकता हूँ, वहाँ वहाँ करूंगा
जनता : क्या आप अडानी अम्बानी के लिए काम करोगे?
मोदी : पागल हो गए हो क्या? बिलकुल नहीं
जनता : क्या हम आप पर भरोसा कर सकते है?
मोदी : यस.
जनता : नमो नमो
चुनाव के बाद : अब नीचे से ऊपर पढ़ो


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चिट्ठी आई है!
एक नेता अपने मंत्रियों के साथ बैठकर मेल/पत्र चैक कर रहे थे!

अचानक नेता चिल्लाया: इस पत्र को देखो! ये पत्र इस राज्य के सबसे बेवकूफ आदमी के नाम लिखा है!

उसके मंत्री उसे ये कहकर चुप करवा रहे थे, कि किस की इतनी हिम्मत हुई जो पत्र में इस तरह आपका पता लिखे!

नेता थोड़ा उदास होते हुए बोले: इस का मुझे दुःख नहीं है, पर पोस्टमैन इसे सही पते पर क्यों ले आया?


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दिव्य ज्ञान!
नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।

"चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।

नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

बेटा" पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

बेटा धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"


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99 रूपए का फेर!
एक मंत्री जी भाषण दे रहे थे, उसमें उन्होंने एक कहानी सुनाई...

एक व्यक्ति के तीन बेटे थे... उसने तीनों को 100-100 रुपये दिए, और ऐसी वस्तु लाने को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये!

पहला पुत्र 100 रुपये की घास लाया...पर कमरा पूरी तरह नहीं भरा!

दूसरा पुत्र 100 रुपये की कपास लाया... उससे भी कमरा पूरी तरह नहीं भरा!

तीसरा पुत्र 1 रुपये की मोमबत्ती लाया... और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया!

आगे उस मंत्री ने कहा... हमारे राहुल जी उस तीसरे पुत्र की तरह हैं! जिस दिन से राजनीति में आये हैं उस दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धि से जगमगा रहा है...

तभी पीछे से अन्ना की आवाज़ आई... "बाकी के 99 रुपये कहा है?!"


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पॉलिटिक्स क्या है!
बेटा: पापा 'पॉलिटिक्स' क्या है?

बाप: तेरी माँ घर चलाती है उसे सरकार मान लो!

मैं कमाता हूँ मुझे कर्मचारी मान लो

कामवाली काम करती है उसे मजदूर मान लो!

तुम देश की जनता!

छोटे भाई को देश का भविष्य मान लो!

बेटा: अब मुझे 'पॉलिटिक्स' समझ में आ गयी पापा!

कल रात मैंने देखा की कर्मचारी मजदूर के साथ किचन में मज़े ले रहा था!

सरकार सो रही थी!

जनता की किसी को फ़िक्र नहीं थी और देश का भविष्य रो रहा था!


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मंगल पर पानी!
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की कि उन्होंने मंगल ग्रह पर पानी खोज निकाला है। अब इस घटना पर हमारे देश की राजनीति में कैसी प्रतिक्रियाएं हुई, जरा देखिये:

नरेन्द्र मोदी:
मितरों... 60 साल हो गए देश आज़ाद हुए, आज तक पानी मिला क्या?

जनता: नहीं मिला

तो अब मंगल ग्रह पर पानी मिलने के बाद मैं आप सबसे पूछना चाहता हूँ कि...

आपको बुध पर पानी चाहिए कि नही चाहिए?

जनता: चाहिए

आपको शुक्र पर पानी चाहिए कि नहीं चाहिए?

जनता: चाहिए

आपको शनि पर पानी चाहिए कि नहीं चाहिए?

जनता: चाहिए

तो आपसे मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि इस यूपी चुनाव में मुझे अपना आशीर्वाद दीजिये और भाजपा की सरकार बनवाइए।

राहुल गांधी:
पानी - पानी क्या होता है? आज मैं आपको बताता हूँ कि पानी क्या होता है? पानी, दरअसल पानी होता है। ये जो मंगल ग्रह का पानी है, वो किसानों और मजदूरों का पानी है, गरीबों का पानी है, और ये सूटबूट की सरकार - ये मोदी सरकार उस पानी को उद्योगपतियों को देना चाहती है लेकिन मैं आपको ये बताने आया हूँ कि हम ऐसा होने नहीं देंगे।

अरविन्द केजरीवाल:
मंगल पर पानी ढूँढने के लिए मैं वैज्ञानिकों को बधाई देता हूँ लेकिन ये केंद्र की सरकार पानी का कंट्रोल अपने हाथों में रखना चाहती है, दिल्ली की चुनी हुई सरकार को पानी से दूर रखना चाहती है।

ओवैसी:
कोई ये न समझे कि मंगल के पानी पर सिर्फ किसी एक कौम का हक है। ध्यान रहे कि उस पानी पर मुसलमानों का भी बराबर का हक है।

लालू यादव:
ई मंगल पे पानी, मंगल पे पानी, मंगल पे पानी का करता है रे? धुत! अरे ऊ तो बिहार का पानी है जो हमरे गया से जाता है। गया में जा के पुरखों को पानी देते हो कि नहीं? बोलिए? उहै पानी पहुँचता है मंगल पे बुडबक!

जी न्यूज़:
यहाँ आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि मोदी जी इस देश के ऐसे पहले प्रधानमन्त्री बन गए हैं जिनके कार्यकाल में मंगल पर पानी मिला है।

दीपक चौरसिया:
इस वक़्त मैं मंगल पर हूँ और जैसा कि यहाँ मैं देख पा रहा हूँ ये दरअसल एक स्विमिंग पूल है, जो ललित मोदी का है, जो अपनी पत्नी के इलाज के लिए पेरिस हिल्टन के साथ यहाँ आये हुए हैं।

मोदी भक्त:
देख लो, इसे कहते हैं अच्छे दिन। तुम लोग साले दाल की मंहगाई का रोना ही रोते रहना, बस।


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सफलता का राज!
एक रिपोर्टर को एक बहुत बड़े नेता का इंटरव्यू लेने का मौका मिला रिपोर्टर ने उनसे पूछा,"सर आपकी सफलता का राज क्या है?"

उसने कहा, "सिर्फ दो शब्द।"

रिपोर्टर: और सर वे कौन से हैं?!

नेता: सही निर्णय।

रिपोर्टर: पर आप सही निर्णय कैसे लेते हो?

नेता: सिर्फ एक शब्द।

रिपोर्टर: सर वो कौन सा?

नेता: अनुभव।

रिपोर्टर: और आप अनुभव कैसे प्राप्त करते हैं।

नेता: सिर्फ दो शब्द।

रिपोर्टर: और वे कौन से?

नेता मुस्कुराते हुए बोला, "गलत निर्णय"।


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स्वर्ग या नरक!
एक नेता मरने के बाद यमपुरी पहुँच गया वहां यमराज ने उसका भव्य स्वागत किया, यमराज ने कहा इससे पहले कि मैं आपको स्वर्ग या नरक भेजूं पहले मैं चाहता हूँ कि आप दोनों जगहों का मुआयना कर लें कि आपके लिए कौन सी जगह ज्यादा अनुकूल होगी!

यमराज ने यमदूत को बुलाया और कहा कि नेता जी को एक दिन के लिए नरक लेकर जाओ और फिर एक दिन स्वर्ग घुमा कर वापिस मेरे पास ले आना, यमदूत नेता को नरक में ले गया नेता तो नरक कि चकाचौंध देखकर हैरान रह गया चारों तरफ हरी भरी घास और बीच में गोल्फ खेलने का मैदान, नेता ने देखा उसके सभी दोस्त वहां घास के मैदानों में शांति से बैठे है और कुछ गोल्फ खेलने का आनंद ले रहे हैं, उन्होंने जब उसे देखा तो वे बहुत खुश हुए और सब उससे गले मिलने आ गए और, बीते हुए दिनों कि बातें करने लगे पूरा दिन उन्होंने साथ में गोल्फ खेला, और रात में शराब और मछली का आनंद लिया!

अगले दिन यमदूत नेता को स्वर्ग लेकर गया जैसे ही वे स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे स्वर्ग का दरवाजा खुला, नेता ने देखा रोशनी से भरा दरबार था स्वर्ग का! सभी लोगों के चेहरे पर असीम शांति कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे, मधुर संगीत बज रहा था, कुछ लोग बादलों के ऊपर तैर रहे थे नेता ने देखा सभी लोग अपने अपने कार्यों में व्यस्त थे, नेता उन सब को गौर से देख रहा था नेता ने बड़ी मुश्किल से एक दिन काटा!

सुबह जब यमदूत उसे लेकर यमराज के पास पहुंचा तो यमराज ने कहा हाँ तो नेताजी आपने अपना एक दिन नरक में गुजारा और एक स्वर्ग में, अब आप अपने लिए स्थान चुनिए जहाँ आप को भेजा जाये!

नेता ने कहा वैसे तो स्वर्ग में बड़ा आनंद है, शांति है फिर भी वहां मेरे लिए समय काटना मुश्किल है, इसलिए आप मुझे नरक भेजिए वहां मेरे सभी साथी भी है, मैं वहां आनंद से रहूँगा यमराज ने उसे नरक भेज दिया!

यमदूत उसे लेकर जैसे ही नरक पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्द रह गया वो एक बिलकुल बंजर भूमि पर उतरा, जहाँ चारों ओर कूड़े करकट का ढेर लगा था, उसने देखा उसके सभी दोस्त फटे हुए गंदे कपड़ों में कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे, वो थोड़ा परेशान हुआ और तभी यमदूत ने डरावनी हंसी हँसते हुए कहा, नेताजी क्या हुआ?

नेता ने कहा मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कल जब मैं यहाँ आया था तो यहाँ घास के हरे भरे मैदान थे, और मेरे सभी दोस्त गोल्फ खेल रहे थे फिर हमने साथ बैठकर शराब पी और मछली खायी थी और हमने खूब मस्तियाँ की थी!

आज यहाँ पर बंजर भूमि है, कूड़े करकट के ढेर है और मेरे दोस्तों का तो हाल ही बुरा है!

यमदूत हल्की सी हंसी के साथ: नेताजी कल तो हम चुनाव प्रचार पर थे आज आपने हमारे पक्ष में मतदान किया है!


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स्माइल प्लीज!
तीन मरे हुए राजनीतिज्ञों के शव शमशान में उठ खड़े हुए सभी के मुहं में बड़ी मुस्कान थी, पुलिस ने डाक्टर को बुलाया ये देखने के लिए की क्या हो गया है, एक जासूस पुलिस वाले को भी बुलाया गया की देखें क्या हुआ है!

पहले शव को देखकर डाक्टर ने कहा, ये बी.जे.पी का नेता है जो हर्ट अटैक से मरा जब ये अपनी नौकरानी के साथ प्यार कर रहा था इसीलिए बड़ी हंसी हंस रहा है डाक्टर ने कहा!

पुलिस ने दूसरा शव बाहर निकाला तो डाक्टर ने कहा ये सतासीन पार्टी का नेता है, इसकी उम्र 70 साल है सरकारी कोष में घोटाले करके सारा पैसा शराब में उड़ाया लीवर ख़राब होने से मरा फिर भी मुस्करा रहा है ये कुछ खास नहीं है!

पुलिस ने सोचा और तीसरे शव को देखा, डाक्टर ने कहा ये सबसे अनोखा है, बिहार का सांसद, उम्र 60 साल ये आसमानी बिजली के गिरने से मर गया!

पुलिस वाले ने पूछा पर ये हंस क्यों रहा है?

तो डाक्टर ने कहा, ये अभी भी यही सोच रहा है की इसकी फोटो खिंची जा रही है!


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सब मर गए क्या!
नेताओं से भरी एक बस जा रही थी अचानक बस सड़क से नीचे उतरकर खेत में एक पेड़ से जा टकराई!

खेत मालिक दौड़ता हुआ आया सब कुछ देखकर उसने एक गढ्ढा खोदना शुरू किया और फिर उसमें नेताओं को दफना दिया!

कुछ दिन बाद पुलिस को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा पुलिस ने किसान से पूछा कि सारे नेता कहां गए?

रामू ने बताया कि उसने सभी को दफना दिया है पुलिस ने पूछा, सब मर गए थे क्या?

रामू बोला, नही! कुछ कह रहे थे कि वे नही मरे, पर आप तो जानते ही हैं कि ये नेता झूठ कितना बोलते हैं!


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राजनीती का सबक़!
नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं। चलो सबसे पहले मैं तुम्हें पहला और सबसे अहम नियम समझाता हूँ। यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़ा हो गया।

नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

बेटा: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

बेटा धड़ाम से औंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

नेता जी: ये है पहला सबक, "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"


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मैं भी नेता बन जाऊं!
2G, 3g, CWG, सब कुछ चट कर जाऊं,

एक चुनाव मुझे जीता दे बस संसद में चढ़ जाऊं,

देश का सारा रूपया-पैसा लूट कर घर ले आऊं,

गांधी का फ़ोटो लटका कर दफ्तर बड़ा बनाऊं,

काले धन से फिर चंदन की माला उस पर चढ़ाऊँ,

मोबाइल की घण्टी में फिर देश भक्ति गीत सुनाऊं,

रिश्वत की बहती गंगा में डुबकी रोज़ लगाऊं,

गाड़ी बड़ी सी ले आऊं, सैर विदेश की कर आऊं,

बस एक मुझे तू मौका दे दे, पीढ़ी तक तर जाऊं,

माँ एक खादी की चादर दे दे, मैं भी नेता बन जाऊं!


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नेताओं का विश्वास!
नेताओं से भरी एक बस जा रही थी अचानक बस सड़क से नीचे उतरकर खेत में एक पेड़ से जा टकराई।

खेत मालिक दौड़ता हुआ आया सब कुछ देखकर उसने एक गढ्ढा खोदना शुरू किया और फिर उसमें नेताओं को दफना दिया।

कुछ दिन बाद पुलिस को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा पुलिस ने किसान से पूछा कि सारे नेता कहां गए?

आदमी ने बताया कि उसने सभी को दफना दिया है पुलिस ने पूछा, सब मर गए थे क्या?

आदमी बोला, "नही, कुछ कह रहे थे कि वे नही मरे, पर आप तो जानते ही हैं कि ये नेता झूठ कितना बोलते हैं। अब उनकी बात का विश्वास नहीं किया जा सकता न?"


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नेता जी का प्यार!
एक नेताजी की दोस्ती एक फिल्म अभिनेत्री से हो गई। कुछ महीनों के बाद नेताजी को लगने लगा कि उन्हें अभिनेत्री से प्यार हो गया है। उन्होंने मन ही मन तय किया कि वे उससे शादी करेंगे। पर चूंकि लड़की फिल्मों में काम करती थी और उसका मिलना-जुलना काफी लोगों से था, अतः नेताजी ने सोचा कि शादी का प्रस्ताव रखने के पहले उसके चरित्र, परिवार आदि के बारे में जानकारी ले लेना बेहतर होगा।

उन्होंने अपने सेक्रेटरी से लड़की के पीछे एक प्राइवेट जासूस लगाने को कहा, साथ ही हिदायत दी कि जासूस को यह पता नहीं चलना चाहिए कि वह यह काम मेरे लिए कर रहा है।

लगभग दो महीनों की छानबीन के बाद जासूस की रिपोर्ट सेक्रेटरी के माध्यम से नेताजी को मिली, जो कुछ इस तरह से थी:
लड़की का चरित्र एकदम बेदाग़ है। आजतक उसका किसी के साथ कोई अफेयर नहीं रहा है। लड़की का परिवार, उसके रिश्तेदार और दोस्त सभी बड़े ही भले एवं संभ्रात लोग हैं, परन्तु हाँ ऐसी जानकारी मिली है कि पिछले कुछ महीनों से यह लड़की अक्सर एक निहायत ही चरित्रहीन एवं घटिया किस्म के नेता के साथ देखी जा रही है।


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राजनीती का सबक़!
नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं। चलो सबसे पहले मैं तुम्हें पहला और सबसे अहम नियम समझाता हूँ। यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़ा हो गया।

नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

बेटा: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

बेटा धड़ाम से औंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

नेता जी: ये है पहला सबक, "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"


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नेता जी!
एक दिन संसद के मध्य सत्र में एक सांसद जो अपने गुस्से और सनकीपन के लिए मशहूर था, बहुत ही गुस्से में जोर-जोर से चिल्लाने लगा, इस सदन में बैठे आधे नेता डरपोक और भ्रष्टाचारी है!

सदन में बैठे अन्य नेतागण जोर से चिल्लाने लगे या तो ये महोदय अपनी स्टेटमेंट वापिस ले या फिर इन्हें बचे हुए सत्र से बर्खास्त कर बाहर भेज दिया जाये!

थोड़ी देर के लिए सदन में बिल्कुल सन्नाटा छा गया!

फिर वह सांसद बोला ठीक है, मैं अपने शब्द वापिस लेते हुए कहता हूँ कि इस सदन में बैठे आधे नेता न तो डरपोक है और न ही भ्रष्टाचारी है!


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पत्र पर नाम!
एक मंत्री को सुबह सुबह एक पत्र मिला जब उसने खोलकर देखा तो पत्र में केवल एक ही शब्द लिखा था 'मूर्ख' उसे थोड़ा सा बुरा लगा!

अगली सुबह पत्रकार वार्ता में जब पत्रकारों ने पूछा कि आप को कल ऐसा पत्र मिला था, जिसमें केवल एक ही शब्द लिखा था 'मूर्ख' तो आप को कैसा लगा?

तो मंत्री जी बोले देखिये! मैं बहुत से ऐसे लोगों को जानता हूँ, जो मुझे अक्सर पत्र भेजते हैं पर अपना नाम नहीं लिखते पर कल पहली बार मुझे ऐसा पत्र आया जिसमें किसी ने सिर्फ अपना नाम लिखा था और पत्र लिखना भूल गया!


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99 रूपए कहाँ है?
एक मंत्री जी भाषण दे रहे थे उसमें उन्होंने एक कहानी सुनाई:

एक व्यक्ति के तीन बेटे थे, उसने तीनों को 100-100 रूपए दिए और ऐसी वस्तु लाने को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये!

पहला पुत्र 100 रूपए की घास लाया पर पूरी तरह कमरा नही भरा!

दूसरा पुत्र 100 रूपए का कपास लाया उससे भी कमरा पूरी तरह नही भरा!

तीसरा पुत्र 1 रूपए की मोमबती लाया और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया!

आगे उस मंत्री ने कहा हमारे प्रधानमंत्री उस तीसरे पुत्र की तरह है, जिस दिन से राजनीति में आये है उसी दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धि से जगमगा रहा है!

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तभी पीछे से किसी आदमी की आवाज आई बाकि के 99 रूपए कहाँ है?


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नेता जी!
एक दिन संसद के मध्य सत्र में एक सांसद जो अपने गुस्से और सनकीपन के लिए मशहूर था, बहुत ही गुस्से में जोर-जोर से चिल्लाने लगा, इस सदन में बैठे आधे नेता डरपोक और भ्रष्टाचारी है!

सदन में बैठे अन्य नेतागण जोर से चिल्लाने लगे या तो ये महोदय अपनी स्टेटमेंट वापिस ले या फिर इन्हें बचे हुए सत्र से बर्खास्त कर बाहर भेज दिया जाये!

थोड़ी देर के लिए सदन में बिल्कुल सन्नाटा छा गया!

फिर वह सांसद बोला ठीक है, मैं अपने शब्द वापिस लेते हुए कहता हूँ कि इस सदन में बैठे आधे नेता न तो डरपोक है और न ही भ्रष्टाचारी है!


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मोदी चालीसा!
जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर |
जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||

राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा |
दामोदर पुत्र नरेन्दर नामा ||

तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा |
कच्छ संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||

माया, मुलायम थर थर काँपैं |
काँग्रेस को चिंता व्यापै ||

नासहि सपा मिटैं बसपाई |
खिलै कमल फूलैं भजपाई ||

साधु संत के तुम रखबारे |
असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||

संत रसायन तुम्हरे पासा |
सदा रहहु भारत के दासा ||

भारत विश्वगुरु बन जावै |
जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||

चीन पाक दोउ निकट न आवै |
जब मोदी को नाम सुनावै ||

नासहिं दुष्ट और अपराधा |
भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||

करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर |
बनहि राम को सुंदर मंदिर ||

असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं |
राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||

मोदी मंत्र एक सम जाना |
करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||

भारत राष्ट्र पराक्रमशाली |
होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||

|| जय मोदी ||


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राजा और मलाई!
एक राजा को मलाई रबड़ी खाने का शौक था। उसे रात में सोने से पहले मलाई रबड़ी खाए बिना नीद नहीं आती थी। इसके लिए राजा ने सुनिश्चित किया कि खजांची (जो राज्य के धन का लेखा जोखा रखता है) एक नौकर को रोजाना चार आने दे मलाई लाने के लिए।

यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा। कुछ समय बाद खजांची को शक हुआ कि कहीं नौकर चार आने की मलाई में गड़बड़ तो नहीं कर रहा। उसने चुपचाप नौकर पर नजर रखनी शुरू कर दी। खजांची ने पाया कि नौकर केवल तीन आने की मलाई लाता है और एक आना बचा लेता है। अपनी चोरी पकड़ी जाने पर नौकर ने खजांची को एक आने की रिश्वत देना शुरू कर दिया।

अब राजा को दो आने की मलाई रबड़ी मिलती जिसे वह चार आने की समझ कर खाता। कुछ दिन बाद राजा को शक हुआ कि मलाई की मात्रा में कमी हो रही है। राजा ने अपने खास मंत्री को अपनी शंका बतलाई और असलियत पता करने को कहा। मंत्री ने पूछताछ शुरू की। खजांची ने एक आने का प्रस्ताव मंत्री को दे दिया।

अब हालात ये हुए कि नौकर को केवल दो आने मिलते जिसमें से एक आना नौकर रख लेता और केवल एक आने की मलाई रबड़ी राजा के लिए ले जाता। कुछ दिन बीते। इधर हलवाई जिसकी दुकान से रोजाना मलाई रबड़ी जाती थी उसे संदेह हुआ कि पहले चार आने की मलाई जाती थी अब घटते घटते एक आने की रह गई।

हलवाई ने नौकर को पूछना शुरू किया और राजा को बतलाने की धमकी दी। नौकर ने पूरी बात खजांची को बतलाई और खजांची ने मंत्री को। अंत में यह तय हुआ कि एक आना हलवाई को भी दे दिया जाए।

अब समस्या यह हुई कि मलाई कहां से आएगी और राजा को क्या बताया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी मंत्री ने ले ली। इस घटना के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि राजा को मलाई की प्रतीक्षा करते नींद आ गयी। इसी समय मंत्री ने राजा की मूछों पर सफेद चाक(खड़िया) का घोल लगा दिया।

अगले दिन राजा ने उठते ही नौकर को बुलाया तो मंत्री और खजांची भी दौड़े आए। राजा ने पूछा , "कल मलाई क्यों नही लाऐ ?"

नौकर ने खजांची और मंत्री की ओर देखा। मंत्री बोला, "हुजर यह लाया था, आप सो गए थे इसलिए मैने आपको सोते में ही खिला दी। देखिए अभी तक आपकी मूछों में भी लगी है।"

यह कहकर उसने राजा को आईना दिखाया। मूछों पर लगी सफेदी को देखकर राजा को विश्वास हो गया कि उसने मलाई खाई थी।

अब यह रोज का क्रम हो गया, खजाने से चार आने निकलते और बंट जाते। राजा के मुंह पर सफेदी लग जाती।

बचपन की सुनी यह कहानी आज के समय में भी सामयिक है। आप कल्पना करें कि आम जनता राजा है, मंत्री हमारे नेता हैं और अधिकारी व ठेकेदार क्रमश: खजांची और हलवाई हैं। पैसा भले कामों के लिए निकल रहा है और आम आदमी को चूना दिखाकर संतुष्ट किया जा रहा है।