haryanvi jokes

हरियाणवी: के करे है बेटा?
लड़का: सिविल इंजीनियर हूँ।
हरियाणवी: वो के होवे से?
लड़का: Building बनाता हूँ।
हरियाणवी: अच्छा, मिस्त्री है।
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हरियाणा रोडवेज की बस में लिखा था। किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई चीज़ ना लें, फेर के था...
मनें तो फेर टिकट भी ना ली।
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जाट: तू व्हाट्सएप्प पर है के?
जाटणी: ना, मैं तो म्हारै घरां हूँ।
जाट: मैरो मतलब है, व्हाट्सएप्प यूज करै है के?
जाटणी: ना रै, मैं तो फेयर लवली यूज करुं हूँ।
जाट: अरै बावली, व्हाट्सएप्प चलावै है के?
जाटणी: ना रै बावला, मेरै कनै तो साईकल है, बा ही चलाऊँ हूँ।
जाट: मेरी माँ, व्हाट्सएप्प चलाणो आवै है के तनै?
जाटणी: तू चला लेयी, मैं पीछै बैठ ज्याऊँगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जाटों को आरक्षण की जरुरत नही है।
इस पर हरियाणा के एक ताऊ का कहना है,
"हम्णे भी सुप्रीम कोर्ट की जरुरत ना है"।
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भैंस पर बैठे एक हरियाणवी को ट्रैफिक पुलिस वाले ने पकड़ लिया और पूछा: आपका हैलमेट कहाँ है? फाइन लगेगा।
हरियाणवी: अरे बावले ध्यान से नीचे देख, यो टू व्हीलर नहीं फोर व्हीलर है।
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हरियाणा आल्या के स्कूल ना जान के बहाने:
माँ: आज तू स्कूल मेँ क्यों ना गया रे भुंडी शक्ल के?
बच्चा: वो काल मास्टर स्कूल मैं म्हारा वजन तौलै थे।
माँ: तो?
बच्चा: मैँ न्यूँ सोच्या कदै आज बेच ना देँ।h
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हरियाणा पुलिस के एक हवलदार ने एक अंग्रेज को नाके पे रोक लिया और हाथ में पेन लेकर बोला, "भाई, चालान बनाना पड़ेगा। के नाम सै तेरा?
अंग्रेज: Wilhelm Voncorgrinzksy
हवलदार: इबकै छोड रहा हूँ, फेर ना फस ज्याइए, भाज ज्या।
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एक जाट नै पेपर में किम्मे नी आवे था अररर अगला छोरा (बनिया) जमा जुटा पड़ा लिखण में;
जाट: भाई मन्ने भी दिखा दे किम्मे।
बनिया: मन्ने भी कोनी आंदा।
जाट: फेर इसा तावला तावला के तेरी बुआ का कन्यादान लिखे है?
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एक बार एक हरियाणवी अंग्रेजी सीखण विदेश म्है गया। एक साल पाछै वो वापस हरियाणा आया। 2-3 दिन पाछै उस धोरे फ़ोन आया और फ़ोन पे एक आदमी बोल्या, "मखा राम राम, क कमा रया सै, और सुना किम्मे गाम की।"
हरियाणवी: Who is speaking?
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फ़ोन आला आदमी: रै झकोई पिछाणया कोणी के? मैं बोलू सु Anderson!
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छोरा: माँ, एक बात बूझू?
माँ: हाँ बूझ।
छोरा: मैं गोद लिया था के?
माँ: बेटा गोद ए लेते... तो सुथरा सा न लेते।
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एक लुगाई ने हरियाणवी लड़के से पूछा: अरे बेटा तेरा ब्याह हो लिया के?
हरियाणवी लड़का: ना ताई मैं तो न्युंए दुखी हूँ।
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एक जाट दिल्ली पहुँचा तो रेलवे स्टेशन पै अखबार वाले से बोला,
"एक अखबार देना।"
अखबार वाला: हिन्दी या अंग्रेजी का।
जाट:भाई कोई सा भी दे दे, मने तो रोटी ही लपेटनी है।
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एक हरियाणवी छोरा अपनी गर्लफ्रेंड ने 5 स्टार होटल मे रोटी खवान लेग्या।
छोरा वेटर ने बला के बोल्या, "Sir, With due respect, I beg to say that I am ill so I can not come to school. Kindly grant me Tea for 2 please."
वेटर के कुछ खास समझ नी आया पर फेर बी ओ 2 ग्लास चा ले आया
गर्लफ्रेंड: आए हाए तेरी अंग्रेजी!
छोरा: बस ईतने में ए मेरी फेन होगी, जे तनै मेरा पानी वास्ते "Thirsty Crow" अर रोटियां खातर "Greedy Dog" सून लिया नी तू तो जमा ऐ बावली हो जै गी!
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शिवजी ने जब जाट बनाया तो उसे सब कुछ दिया। तेज़ दिमाग़, लंबा चौड़ा शरीर, लेकिन ज़ुबान ना दी, तो पार्वती बोली, "प्रभु आपने कितना सुथरा आदमी बनाया है ये जाट, इसे भी ज़ुबान दे दो ताकि यह भी बोल सके।"
शिवजी बोले, "ना पार्वती यह बिना ज़ुबान के ही ठीक है।"
लेकिन पार्वती ना मानी शिवजी के पैर पकड़ लिए पार्वती की ज़िद के चलते शिवजी ने जाट को ज़ुबान दे दी। ज़ुबान मिलते ही जाट बोला, "रे शिवजी, या सुथरी सी लुगाई कित त मारी?"
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जाट के घर दरवाज़े पे दस्तक हुई।
जाटणी: कौण?
हवलदार: हम पुलिस आले हैं। तेरे पति का एक्सिडेंट हो गया है, उसके ऊपर से गाडी गुजर गई है। वो एकदम पापड़ बन गया।
जाटणी: तो दरवाजा खोलण की के जरुरत सै, नीचे तै ऐ सरका दे।
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हरियाणवी लड़के ने मन्दिर में हाथ जोड़कर कहा, "हे भगवान! म्हारै खात्तर बी भेजदे कोए Miss Call मारण आली।
हमनै कोणसा ईतणा बैलैंस छाती पै धरके ले ज्याणा सै।"
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एक हरियाणवी को चोरी के इलज़ाम में अदालत लाया गया।
हरियाणवी: बचपन में माँ की बात सुनी होती तो आज यह दिन ना देखना पड़ता।
जज: क्या कहती थी तुम्हारी माँ?
हरियाणवी: अरे जब नहीं सुनी ही नहीं तो कैसे बताऊँ क्या कहती थी माँ।
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हरियाणा रोडवेज प्रशासन को शिकायत मिली कि हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर बहुत बदतमीजी से बोलते हैं। उन्होने फौरन आदेश दिया कि सभी कंडक्टर कुछ भी कहने से पहले "कृपया" शब्द का इस्तेमाल करेंगे। दूसरे दिन एक बस में कई आदमी चढ़ गए और दरवाजे पर लटक लिये। थोड़ी देर बाद कंडक्टर आया और बोला,
"कृपा करकै आगे-नै मर ल्यो।"
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टीचर: तुम्हें पता है हमारे पूर्वज बन्दर थे।
जाट: थारे होंगे, हमारे तो चौधरी थे।
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जाट का छोरा स्कूल में पढाई कम और शरारते ज्यादा करता था।
एक दिन तंग आकर उसकी एक मैडम जो बड़ी सुंदर थी, उसे डांटते हुए बोली,
"अगर मैं तेरी माँ बन जाऊं तो तुझे दो दिन में सुधार दूँ।"
छोरा ख़ुशी से उछलते हुए बोला, "मैडम सची? मैं अभी जा कर बापू को बता के आता हूँ कि, बापू पार्टी दे, तेरी तो लॉटरी लगने वाली है।"
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एक बार एक बणिए की और जाट की हाथापाई होगी ।
जोश-जोश मै जाट नीचे जा पङ्या और बणिया उस कै ऊपर बैठकै मुक्के मारै और जोर -जोर तै रोवै।
थोडी देर मै लोग इक्टठे होगे। बणिया और जोर तै रोण लागग्या।
लोग बोले, "एक तो तनै यो नीचै दाब राख्या और तौंए रोवै।"
बणिया रौंदा-रौंदा, "न्यू बोल्या छौडतां ही मारैगा।"
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बस म हरियाणवी छोरा दिल्ली आली से, "मैडम मड़ी सी परे न सरकिए।"
लड़की: थोड़ा तमीज से बोलिए।
हरियाणवी: र तू कृप्या करके परे सी न मरले।
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गर्मियों की छुट्टियाँ में,
बानिये: चलो मनाली चलते हैं।
पंजाबी: चलो कश्मीर चलते हैं।
ब्राह्मण: चलो केदारनाथ चलते हैं।
और जाट: चाल रे मामा के चालांगे।
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सब कहते हैं कि हरियाणवी लोग उलटे जवाब देते हैं मगर ऐसा नहीं है बल्कि लोग सवाल उलटे करते हैं। जैसे एक ताऊ बाल कटवाने गया तो, हज़्ज़ाम ने पूछा, "ताऊ बाल छोटे करने है के?" ताऊ: तू बड़े कर सके है तो बड़े कर दे।
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एक बुड्ढा एक बुड्ढी को घूर रहा था तो बुड्ढी उसे गाली देने लगी।
मैने देखा तो पूछा, "अरा कै हो गया ताऊ?'
बुड्ढा बोला, "अरा कुछ नहीं बेटा, पुराना केलेंडर से, हवा में फड़फड़ा रै से।"
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शहर में...
बेटा: पापा आज बहुत गर्मी है।
पापा: ओ मेरे बेटे को गर्मी लग रही है। हम आज ही A.C. लगवाएँगे।

इधर हरियाणा में...
बेटा: बापू मैंने घनी गर्मी लग्गे से।
बापू: चल तुझे आज गंजा करवा देता हूँ।
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एक बै एक हरियाणवी ताऊ अपनी भैंस बेच रिया था ग्राहक भैंस देखन आया अर ताऊ नै बोल्या,
"थारी भैंस की एक आंख तो खराब स, फेर भी तू इसके 25 हज़ार रुपिये मांगन लाग्र्या स?"
ताऊ: तन्नै भैंस दूध खात्तर चाहिए या नैन-मटक्का करन खात्तर।
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सच्चा दोसत वो हो सै जो पेपर मै झांकी कै धौरै आकै नयु कह...
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रै कितना लिखैगा तावल कर, तेरा आली तो जाण लागरी सै।
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रोहतक में लगाई थी एक नेपाली ने मोमोज़ की रेहड़ी,
एक ताऊ आ गया खाने और खाते ही बोला,
"रै सुसरे, तेरे समोसे तो कच्चे हैं।"
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अगर कोई छोरा परीक्षा में फेल हो जाये
तो माँ तीन शब्द कहती है, "और हांडले कमीने"
गर्लफ्रेंड भी तीन शब्द कहती है, "शर्म नी आयी"
और दोस्त भी तीन शब्द ही कहते हैं लेकिन दिल जीत लेते हैं
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"रै तू भी"।
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एक भूगोल की मासटरनी घणी पतली, बोद्दी सी थी, जमा आइसक्रीम के लाकड़ी जिसी, क्लास नै पाछले दिन का पाठ दोहरावै थी, बोली, "बताओ बच्चो, धरती क्यों घुमै सै?"
एक छोरा बोल्या, "मैडम, किमैं खा-पी लिया करो, ना तै धरती न्यूं ऐं घूमती दीखैगी।"
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एक बै एक मास्टर जी न कक्षा में बचचाँ त पूछा, "पाकिसतान म पानी की कमी क्यों है?"
एक अलबादी खड़ा हौंदे बौलया, "मैं बताऊँ जी।"
मास्टरजी बोले, "शाबाश बेटे! बताओ।"
छोरा बोलया, "ओडे एक ही नलका था अर वो भी सनी देओल न पाङ दिया था।"
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एक आदमी डॉक्टर के धोरे गया आर बोल्या, "डॉक्टर साहब मेरे दस्त लग रे से।"
डॉक्टर भी कसुता माणस था नु बोल्या, "फेर लागे रहण दे तन्ने कौन से गोसे पाथणे से।"
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एक बै एक ताऊ बस में बैठा था। तभी एक महिला चढ़ी, जिसके पास चार-पांच थैले थे।
वह बूढ़े के पास आकर खड़ी हो गई और बोली, "ताऊ, यो एक थैल्ला पकड़ लेगा?"
ताऊ ने थैला ले लिया। धीरे-धीरे करके महिला ने सारे थैले ताऊ को सौंप दिए।
फिर बोली, "ताऊ, तेरा नाम के सै?"
ताऊ: मेरा नाम सै - खूंट्टी! कुछ और टांगणा हो तै और भी टांग दे।
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एक बार हरियाणा के गाम मैं जादूगर आया। उस जादूगर नै जादू तै एक काली सी छोरी कै पंख ला दिए।
छोरी रिफल कै बोली, "मै तो परी बणगी, मै तो परी बणगी।"
एक छोरा खङा सब देखण लाग रा था बोला, "परी कोना बणी 'कालो', तू तो चमगादङ बणगी!"
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एक हरियाणवी छोरे की दिल्ली की एक पतली सी लडकी से फ्रेँडशिप हो गई!
उसने लड़की को मैसेज भेजा:
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मुखडा भी तेरा ख़ास कोन्या;
हड्डियों पर तेरे माँस कोन्या;
प्रपोज तैने मैं क्या ख़ाक करूं बावली;
तेरी तो वैलनटाई डे तक जीने की आस कोन्या!
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एक बै एक छोरा अपनी माँ गैल बस मै किते जावे था।
वो कंडक्टर ती बोल्या, "डेढ़ टिकट दे दे। आधी मेरी आर एक मेरी माँ की।"
कंडक्टर: मूछ आ री है इब्बी आधी टिकट तेरी पूरी टिकट लगेगी।
छोरा भी कसुता था नु बोल्या, "फेर मेरी पूरी दे दे आर मेरी माँ की आधी, उसके मूछ कोनी आरी।"
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एक बार एक आदमी की मौत हो गयी तो लोग उसकी अर्थी लेकर जा रहे थे तो रास्ते में किसी ने उसके बेटे से पूछा,
"अरे मर गया के?"
बेटा: ना ताऊ, बाजार घुमान ले जा रे। शाम को घर छोड़ देंगे, तू कहे तो तेरे घर छोड़ देंगे।
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एक कुंवारा काफी देर तक सोचने के बाद बोला,
"मनैं तो कई बार न्यु लागै अक मेरे आली तो भ्रूण हत्या में मारी गई।"
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डाक्टर: ताई तनै इसी दवाई दूंगा के तूं फेर तै जवान हो जागी।
ताई बोली: ईसा ज़ुल्म मन्ना करिये ढेड के बीज, मेरी पिनसन बन्द करावैगा के?
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एक हरियाणवी लड़की पर अंग्रेजी सीखने का जुनून सवार हो गया।
एक दिन ऑटो में बैठ कर जा रही थी एक दम से धूल आई तो मुंह से निकला, "OMG, रेता!"
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लोग कहते हैं कि हरियाणवी आदमी उल्टे जवाब देता है पर ऐसा नहीं है लोग सवाल उल्टे करते हैं। जैसे एक ताऊ बाल कटवाने गया तो हज़्ज़ाम ने पूछा, "ताउ बाल छोटे करने है?"
ताऊ: बड़े कर सके है तो बड़े कर दे।
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एक बै एक ताऊ बस में बैठा था। तभी एक महिला चढ़ी, जिसके पास चार-पांच थैले थे।
वह बूढ़े के पास आकर खड़ी हो गई और बोली, "ताऊ, यो एक थैल्ला पकड़ लेगा?"
ताऊ ने थैला ले लिया। धीरे-धीरे करके महिला ने सारे थैले ताऊ को सौंप दिए।
फिर बोली, "ताऊ, तेरा नाम के सै?"
ताऊ: मेरा नाम सै - खूंट्टी! कुछ और टांगणा हो तै और भी टांग दे।
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एक गाँव के लड़के ने एक लड़की को बड़े ही प्यार से गुलाब का फूल दिया और लड़की शरमाते हुए बोली,
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"ना यो नी लेंदी मैं। यो तो लाग रा म्हारे घरां।"
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एक बार हरियाणा के गाम मैं जादूगर आया। उस जादूगर नै जादू तै एक काली सी छोरी कै पंख ला दिए।
छोरी रिफल कै बोली, "मै तो परी बणगी, मै तो परी बणगी।"
एक छोरा खङा सब देखण लाग रा था बोला, "परी कोना बणी 'कालो', तु तो चमगादङ बणगी!"
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एक बै एक छोरा अपनी माँ गैल बस मै किते जावे था।
वो कंडक्टर ती बोल्या, "डेढ़ टिकट दे दे। आधी मेरी आर एक मेरी माँ की।"
कंडक्टर: मुछ आ री है इब्बी आधी टिकट तेरी पूरी टिकट लगेगी।
छोरा भी कसुता था नु बोल्या, "फेर मेरी पूरी दे दे आर मेरी माँ की आधी, उसके मुछ कोनी आरी।"
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दिखावों पे ना जाओ अपनी अक्ल लगाओ!
एक ट्रेन मेँ एक पंडित एक गुज्जर एक बनिया और एक जाट सफर कर रहे थे।

पंडित ने रौब झाडते हुऐ 100 का नोट निकाला और उस पर तम्बाकू डाल कर उसको बीडी बना कर पीने लगा।

फिर गुज्जर ने 500 का नोट निकाला उसने भी पंडित की तरह बीडी बनायी और पीने लगा।

अब बनिया कहाँ पीछे रहने वाला था, उसने 1000 का नोट निकाला और बीडी बनाकर पीने लगा।

अब आ गयी जाट की बारी।

जाट ने चेकबुक निकाली एक करोड की रकम भर के चेक की बीडी बनायी और पीने लगा।

सब बेहोश और जाट मदहोश!


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जरूरी निवेदन!
सेवा में,
मुख्य अध्यापक जी,

श्रीमान जी,

बात नयुं ए कि इब श्कूल मा जी नई लगता अर रात ने नींद भी ना आती। दरअसल श्कूल में छोरियों की भारी कमी हो रही है। अर मारी क्लास मा तो छोरी है ही कोइनी। बाकी क्लासां मा जो थोड़ी बहुत हैं पूरी भूंडी शक्ल की हैं। देखने ने भी जी ना करता अर नखरे मेरी ससुरियों के आसमान ते ऊँचे सै। इस्ते अलावा कोई माषटरनी भी कोई ख़ास ना सै।

कुछ नी ते चार-पांच सुथरी सुथरी काम आली ही रख लियो।

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

आपका आज्ञाकारी बालक।


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सेर पे सवा सेर!
एक छोरा नया नया ब्याहा था, पहली बार ससुराल गया।

उसनै घणा बोलण की आदत थी, चुपचाप ना रहया जाया करता। उसकी सासू भी कुछ कम ना थी, सारा दिन फिजूल की बात करती रही।

सांझ नै सास परेशान होगी, छोरा तै उसतैं भी घणा बोलै था। वा आपणे उस बटेऊ तैं बोली, "बेटा, सुसराड़ में घणा ना बोल्या करते।"

छोरे नै फट जवाब दिया, "तू के आपणी बूआ कै आ रही सै? तेरी भी तै ससुराड़ सै!!"


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ज़ुल्मी तोता!
अपने हरयाणे आले तो तोते बी जुल्मी होवे सै।

दिल्ली आला आदमी अपने हरयाणे में आ रहा था एक मेले में घुमण।

उड़े उसने एक तोता पसंद आ जा से तो वो दुकान आले ते बुझे से, "अक इसमें के खासियत से?"

दुकानदार उस तोते की एक टाँग खीच दे सै तो तोता बोल्या, "गुड मॉर्निंग।"

भाई वो आदमी उस तोते ने घणा ऐ राजी होके खरीद लेजा से अपने घरा।

आगले दिन तड़के ऐ तड़क वो आदमी तोते की एक टाँग खीच दे सै तो तोता बोल्या, "गुड मॉर्निंग।"

इब उस आदमी ने सोची अक इसकी दूसरी टाँग और खीच दू तो यो और भी बढ़िया बोलेगा, जुकर हैव ए नाईस डे।

उसने तोते की दूसरी टाँग भी खीच दी तो तोता बोल्या, "मेरी सासु के गेरे गा के"


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कुत्ते की नज़र!
यो बात सै म्हारे एक ताऊ की, हुआ नु के एक बै ताऊ पैदल आपणे गांव जावै था।

रास्ते में उसके जूते पाँ में काटण लाग गये।

ताऊ नै जूतियां आपणी लाठी पै टांग ली।

गांम के एक छोरे नै मजाक करण की सुझी अर बोल्या,
"ताऊ, परांठे बहुत दूर टांग राखे सै।"

ताऊ भी कोई कम ना था। ताऊ बोल्या,
"भाई खाण-पीण की चीज़ कहीं भी टांग ल्यो, सुसरे कुत्ते की निगाह वहीं चली जा सै।"


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थम पंछी एक डाल के!
बिल गेट्स ने अपने माइक्रोसॉफ्ट के कनाडा के बिज़नेस के लिए चेयरमैन की जॉब लिए एक इंटरव्यू रखा। इंटरव्यू के लिए तकरीबन 5000 लोग एक बड़े से हॉल में इकट्ठा हुए। इन सब में एक उमीदवार करनाल, हरियाणा से भी था। नाम था राज कुमार।

बिल गेट्स: इंटरव्यू में आने के लिए आप सबका शुक्रिया, जो लोग JAVA नहीं जानते हैं, वो जा सकते हैं।
(ये सुन कर 2000 लोग उठ कर चले गए।)

राज ने मन में सोचा, "मुझे कौन-सा ससुरी JAVA आती है लेकिन रुकने में भी क्या नुकसान है, देखते हैं आगे-आगे क्या होता है।"

बिल गेट्स: जिन लोगों को 100 लोगों से बड़ी टीम को मैनेज करने का तजुर्बा नहीं हैं, वो भी जा सकते हैं।
(ये सुन कर 2000 लोग और उठ कर चले गए।)

राज ने फिर मन में सोचा, "मैंने तो ससुरी भैंस भी एक साथ 3 से ज्यादा ना चराई, यो 100 लोगों की टीम मैनेज करने की बात कर रहा है लेकिन रुकने में भी क्या नुकसान है देखते हैं आगे-आगे क्या होता है।"

बिल गेट्स: जिन लोगों के पास मैनेजमेंट का डिप्लोमा नहीं है, वो भी जा सकते हैं।
(ये सुन कर 500 लोग और उठ कर चले गए।)

राज ने मन में सोचा, "मैंने तो 8वी क्लास में ही स्कूल छोड़ दिया था ये ससुरा डिप्लोमा की बात कर रहा है लेकिन रुकने में ही क्या नुकसान है देखते हैं आगे-आगे क्या होता है।"
सबसे आखिर में बिल गेट्स ने कहा: जो लोग जापानी भाषा में बात नहीं कर सकते, वो जा सकते हैं।
(ये सुन कर 498 लोग चले गए।)

राज ने मन में सोचा, "मुझे तो जापानी भाषा का एक शब्द भी नहीं आता लेकिन रुकने में क्या नुकसान है देखते हैं आगे-आगे क्या होता है।"
अब राज ने देखा कि वो खुद और सिर्फ़ एक ही और उमीदवार इंटरव्यू के लिए बचे हैं बाकी सब जा चुके थे।

बिल गेट्स उन दोनों के पास आया और उनसे कहा, "जैसा की आप देख सकते हैं कि अब सिर्फ़ आप दोनों ही हैं जो जापानी भाषा जानते हैं, इसलिए मैं चाहूँगा कि आप दोनों आपस में जापानी में बात करके दिखाएँ।"

राज कुमार धीरे से दूसरे उमीदवार से बोला, "कुण से जिले का सै?"
दूसरे ने जवाब दिया, "हिसार अर तू?"


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जाट से होशियारी मंहगी!
एक जाट के पड़ोस में बनिया रहता था। बनिया की बीवी गुजर गई। जाट ने सोचा बनिया के पास बहुत पैसे हैं, कुछ आमदनी की जाये।

जाट छाती पीटता हुआ बनिये के घर जा कर रोते हुए कहने लगा, "मेरा तुम्हारी बीवी से बहुत प्यार था। मैं उसके बिना कैसे जीऊंगा, मुझे भी इसके साथ जला आओ।"

बनिया हाथ जोड़ कर बोला, "चौधरी दूर- दूर से रिस्तेदार आने वाले हैं। ऐसे मत कर। बहुत बेइज्जती होगी।"

जाट: ठीक है, एक लाख रुपए दे दे, मैं चुपचाप चला जाऊंगा।

बनिये ने एक लाख रुपए दे दिए और जाट खुशी खुशी अपने घर चला गया।

कुछ दिन बाद जाट की घरवाली मर गई। बनिये ने सोचा अब मौका आया है जाट से ब्याज समेत पैसे वापिस लाऊंगा।

बनिया रोता हुआ जाट के घर जा कर बोला, "मेरा और तुम्हारी घरवाली का बहुत प्यार था। मैं भी इसके साथ मरूंगा, मने भी इसके साथ फूँक आओ।"

यह सुनकर जाट अपने लड़कों से बोला, "छोरो, थारी माँ कहे तो करै थी कि मेरा एक बनिये तै प्यार है। अच्छा तो ये ही है वो बनिया, फूँक आओ इस ने भी अपनी माँ के साथ।"

बनिया: चौधरी माफ कर दे। मैं तो मजाक कर रहा था।

जाट: ठीक है, दो लाख रुपये ले आ, वरना लड़के तनै फूकण नै तैयार खड़े हैं।


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ज़रूरी बात!
एक बार एक जाट नै रेडियो स्टेशन पर कॉल किया और पूछा, "क्या आप FM स्टेशन से बोल रहे हैं?

FM वाला: जी हाँ।"

जाट: क्या मेरी आवाज पूरा हरियाणा सुन रहा है।

FM वाला: जी हाँ बिलकुल।

जाट: यानि घर में मेरा दादा जो रेडियो सुन रहा है उस तक मेरी आवाज पहुँच रही है।

FM वाला (गुस्से मैं): अरे हाँ भाई हाँ। पर तुम यह सब क्यों पूछ रहे हो?

जाट: मैंने बहुत ही ज़रूरी बात कहनी है, इसलिए पूछ रहा हूँ।

FM वाला: तो फिर बोलो न क्या कहना है, सब सुन रहे हैं।

जाट: हैल्लो दादा, अगर मेरी आवाज सुन रहया है तो किसी पै भेज के भैंस की धार कढवा लिए। मैं युरिया खाद लेण खातिर लाईन में खडया सुं।


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ना निगला जाये, ना थूका जाये!
एक बै एक जाट भाई अपनी एक नई रिश्तेदारी में चल्या गया, साथ में उसका नाई भी था।

नई रिश्तेदारी थी, खातिरदारी में फटाफट गरमा-गरम हलवा हाजिर किया गया।

दोनूं सफर में थक रहे थे, भूख भी करड़ी लाग रही थी। हलवा आते ही दोनूंआं नै चम्मच भरी और मुंह में गरमा-गरम हलवा धर लिया।

ईब इतना गरम हलवा ना निगल्या जा और ना बाहर थूक्या जा। बुरा हाल हो-ग्या, आंख्यां में आंसू आ-गे।

नाई ने हिम्मत करी और बोल्या, "चौधरी, के होया?"

जाट बोल्या, "भाई, जब घर तैं चाल्या था, तै थारी चौधरण बीमार सी थी, बस उस की याद आ गी।"

नाई की आंख्यां में भी पाणी देख कै जाट बोल्या, "र, तेरै के होया?"

नाई बोल्या, "चौधरी, मन्नै तै लाग्गै सै चौधरण मर ली।"


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हरियाणवी ही हरियाणवी को जानता है!
एक हरियाणवी अपने स्कूटर पर जा रहा था, रास्ते में एक आदमी ने उससे लिफ्ट मांग ली। आगे लाल बत्ती थी हरियाणवी ने बड़ी तेजी से स्कूटर निकाल दिया पीछे बैठा आदमी डर गया।

आदमी: भाई साहब लाल बत्ती थी।

हरियाणवी: हम लाल बत्ती पर नहीं रुकते।

फिर लाल बत्ती आई फिर निकाल दिया, आदमी और ज्यादा डर गया।

आदमी: भाई साहब मरवाओगे क्या लाल बत्ती थी।

हरियाणवी: हम हरियाणवी हैं हरियाणवी लाल बत्ती पर नहीं रुकते।

आगे हरी बत्ती आई तो हरियाणवी ने जोर से ब्रेक मारी और वही रुक गया।

आदमी: भाई साहब, अब तो चलो हरी बत्ती है।

हरियाणवी: अबे मरवाएगा क्या, उधर से कोई दूसरा हरियाणवी आ रहा हुआ तो?


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जाट का खूंटा!
एक जाट ने सार्वजनिक स्थान पर भैंस बांधने के लिए खूटा गाड़ रखा था। अन्य चौधरियो ने खूटा उखाड़ने का अनुरोध किया किन्तु जाट ने बात नहीं मानी। अंत में पंचायत बुलायी गयी।

पंचों ने जाट से कहा, "तूने खूटा गलत जगह गाड़ रखा है।"

जाट: मानता हूँ भाई।

पंच: खूटा यहाँ नहीं गाड़ना चाहिए था।

जाट: माना भाई।

पंच: खूंटे से टकरा कर बच्चों को चोट लग सकती है।

जाट: मानता हूं।

पंच: भैंस सार्वजनिक स्थान पर गोबर करती है, गंदगी फैलती है।

जाट: मानता हूं।

पंच: भैंस बच्चों को सींग पूँछ भी मार देती है।

जाट: मानता हूं, मैंने तुम्हारी सभी बातें मानी। अब पंच लोगो मेरी एक ही बात मान लो।

पंच: बताओ अपनी बात।

जाट: खूंटा तो यहीं गडेगा।


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हरियाणा की ताई!
एक बार एक मुक़ददमे में ताई गवाह बणा दी गई। ताई जा कर खड़ी होई, दोनो वकील भी ताई के गाँव के ही थे।

पहला वकील बोला, "ताई तू मन्ने जाने है?"

ताई: हाँ भाई तू रामफूल का है ना, तेरा बापु घणा सूधा आदमी था पर तू निक्कमा एक नम्बर का झूठा। एर झूठ, बोल बोल कर के तूं लोग ने ठगै है। झूठे गवाह बना कर के तू केस जीते से। तेरे से तो सारे लोग परेशान है, तेरी लुगाई भी परेशान हो कर के तन्ने छोड़ गै भाज गी।

वकील बेचारा चुप हो कर के सोचा कि मेरी तो बेज्जती हो गई अब दूसरे की कराता हूँ।

उस वकील ने थोडी देर में दूसरे वकील की तरफ इशारा कर के पूछा, "ताई, तू इसने जाणे से के?"

ताई: हाँ यो फुलीयो काणे का छोरा से इसके बापु ने निरे रपिये खर्च करके इने पढाया पर इसने 'आंक' नही सीखा सारी उमर छोरिया क पीछै हांडे गया। इसका चक्कर तेरी बहू से भी था।

कोर्ट में जनता हांसन लाग गी।

जज: आर्डर-आर्डर।

जज ने दोनो वकील बुलाये।

जज: अगर तुम दोनो वकीलो मे से किसी ने भी इस ताई से यो पुछा के "इस जज न जाणे से" तो मैं तुम दोनों को कंटेम्प्ट में अंदर कर दूँगा।


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दरोगा, जज से बड़ा!
भरी अदालत में मुकदमा जीतने के बाद जज साहब ने बुजुर्ग को बधाई देते हुए कहा, "बाबा आप केस जीत गए।"

बुजुर्ग किसान: राम तनै... इतनी तरक्की दे कि तू "दरोगा" बण जा।

वकील बोले, "रे ताऊ "जज" तो "दरोगा" तै बहुत बड़ा हो हैं।

बुजुर्ग बोले, "ना रै मेरी नज़र मा तो दरोगा बडा है।"

वकील: वो कैसे?

बुजुर्ग: इस जज ने मुकदमा खत्म करै मे "दस साल" लगा दिये जबकि "दरोगा जी" शुरू म ही कह रहे थे 'पांच हजार रुपया दे दयो, दो दिन मे मामला रफा दफा कर दूंगा', तो हुए ना दरोगा जी जज से भी बड़े।


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जाट और बाबा!
जाट को खेत में टयूबवेल लगवाना था। सोचा कि बाबा जी से पूछ लूँ कि पानी कहाँ होगा? बाबा जी ने सारे खेत में घूम कर एक कोने में हाथ रख दिया और बोला कि यहाँ टयूबवेल लगा ले और 1100/- रु. ले लिये।

जाट बेचारा भुरभुरे स्वभाव का था। बाबा जी से बोला, "मैं बहुत खुश हूँ... आप मेरे घर खाना खाने आओ।"

बाबा ने सोचा कि फंस गई मुर्गी आज तो और हाँ कर दी।

जाट घर जा कर अपनी पत्नि से बोला, "बाबा जी जिम्मण आवेंगे पकवान बना ले और एक कटोरी में नीचे देसी घी और उपर चावल डाल दिये।"

पत्नि बोली कि घी तो उपर होता है।

जाट बोला कि आज तू घी नीचे रखिये।

बाबा जी आ गये और चावल वाली कटोरी देख कर बोले, "बेटा इस में घी तो है ही नहीं।"

जाट ने चप्पल निकाल के एक धरी बाबा के कान के नीचे और बोला, "तन्नै खेत में 250 फुट नीचे का पानी देख लिया, कटोरी में 2 इंच नीचे घी नी दिक्खया?"


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अंग्रेजी से हरियाणवी भाषा में अनुवाद!
Excuse me - सुण ले झकोई

Let him go - जाण दे उसन

Fast - तावळा

Smooth - चिकणा

Ladies - लुगाई

Father - बाबू

Resolved - सुलटा दिया

Slapping - सपोड़ा

Let's go - डिग ले

Go - गोली हो ले

Wife - बहु

Come here - अड़े नै आ

Same to same - नु का नु

Sunlight - घाम

Go There - पड़ ज्या

Very- घणा

Basket - झोला

Bed - खाट

Gate - बारणा

Neck - गुद्दी

Knee - गोडा

Finger - आंगळी

Animal - डांगर

Ox - बलैद

Rat - मूसा

Sugarcane - गंडा
Confused - बावळी तरेड्!


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चौधरी का हिसाब!
एक बै एक चौधरी साहब की लाटरी लाग गी, अर लाटरी भी थोड़ी नहीं, पूरे 50 करोड़ की लागी। पूरे गोहान्ड मै रुक्का पङग्या अर मीडिया आले चौधरी कै पाच्छै पाच्छै चक्कर काटैं। एक मीडिया आला चौधरी कै मुह आगै माईक लगा कै बोल्या, 'चौधरी साहब। आप नै के बेरा लाग्या के इस नम्बर पै ऐ लाटरी लागै गी?"

चौधरी: जब मैं पहली रात नै सोया तो मन्नै सूपने मैं 8 दिख्या। अर दूसरी रात नै सोया तो सूपने मै 9 दिख्या। मन्नै 8 अर 9 की गुणा करकै 53 नम्बर पै लाटरी लगा दी।
मीडिया आला ( अचम्भे मै ): रै चौधरी साहब। यो के कर्या आप नै। 8 अर 9 की गुणा तो 72 होव सै।

चौधरी: रै बावलीबूच। तेरै हिसाब तै चालदा तो लाग ली थी लाटरी।


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भावुक हो गया ताऊ!
एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे


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दूर की ख़बर!
एक बै एक छोरा खेत म्ह रेडियो सुणे था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी, बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली म्ह... ।

छोरे नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या सै, अर पाणी दूसरे के खेत म्ह जाण लाग रहया सै।

छोरे छोंह म्ह आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या, "दूर-दूर की बताण लाग री सै, लवै नाका टूट्या पड़या सै, यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै सै।"


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चौधरी की तपस्या!
एक बै हरियाणा मै बारिस ना होवै थी। तो कुछ शायने माणस कठे हो कै नै एक चौधरी साहब तै नु बोले, "चौधरी साहब तपस्या कर लो, बारिस हो ज्यागी।"

चौधरी साहब नै सोचा चलो कोई बात ना सबकी भलाई खातर काम सै कर लेते हैं।

तो चौधरी साहब मंडगया तपस्या करण। चौधरी साहब की तपस्या तै खुश हो कै इन्दर देव प्रकट होगे अर चौधरी साहब तै बोले, "वर मांगो।"

चौधरी साहब बोले, "मनै किसी चीज़ की कमी ना स खेत खलियान पोता पोती सब है। भगवान की दया तै बस तू बारिस करवा दे।"

इतना सुण कै इंद्र बोले, "बारिस तो मै करवा ही दूंगा, पर आप कोई वर मागो।"

चौधरी साहब बोले, "चाल इतनी ए जिद कर रहा है तो नु कर एक बै मनै फूफा कह दे।"


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सौ जमात की पढ़ाई!
शगाई आले लड़का देखण आ रे थे।

लड़की के बाप ने लड़के के दादा ते पुछेया: चौधरी शाब, छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै?

ताऊ: भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै।

"सौ जमात? न्यूं किक्कर चौधरी?"

"भाई आठ जमात तै म्हारे गाम के श्कूल (Middle School) में पाश करी। फेर बड्डे श्कूल (High School) में दस जमात (Matric) पाश करी। अठारह जमातां तो यो हो गी।"

"ओर बाकी?"

"भाई रे, बाकी ब्याशी (B.Sc) जमातां उसनै हिशार के जाट कालेज ते पाश करी। न्यू हो गया पूरा सैंकड़ा।"


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लँगड़ाने का राज़
हड्डियों के विशेषज्ञ दो डॉक्टर सुबह-सुबह घूमने निकले।

आगे एक आदमी लंगड़ाता हुआ जा रहा था।

एक डॉक्टर बोला, "लगता है इसकी टखने की हड्डी टूटी हुई है।"

दूसरा डॉक्टर बोला, "नहीं यार, घुटने की हड्डी टूटी है।"

दोनों में बहस होने लगी। आखिर तय हुआ कि उसी व्यक्ति से पूछा जाए।

उसके पास जाकर एक डॉक्टर ने पूछा, "भाईसाहब, आपकी घुटने की हड्डी टूटी है या टखने की?"

आदमी ने गौर से डॉक्टर को देखा और बोला, "मेरी न तो घुटने की हड्डी टूटी है और न ही टखने की, मेरी तो बस चप्पल टूट गयी है।"


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हरियाणे का भी रिवाज न्यारा है!
हरियाणे का भी रिवाज न्यारा है।
उल्टे सीधे नाम निकालने का भी स्वाद न्यारा है;

किसी कमजोर को पहलवान कहण का,
दूसरे की गर्ल फ्रैंड को सामान कहण का स्वाद न्यारा है;

पहलवान को माडू कहण का,
और फलों में आडू कहण का।स्वाद न्यारा है;

एक अन्धे को सूरदास कहण का,
किसी लुगाई न गंडाश कहण का स्वाद न्यारा है।

चादर को दुशाला कहण का,
लंगड़े को चौटाला कहण का स्वाद न्यारा है।

सब्जी को साग कहण का,
और काले को नाग कहण का स्वाद न्यारा है।


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हरियाणवी मेट्रो!
मेट्रो हरियाणा में प्रवेश करने जा रही है तो फिर Anouncement भी हरियाणवी में होनी चाहिए। कैसी होगी Announcement:

आगला टेसन बहादुरगढ़ "सै, किवाड ओले हाथ नै, खुल्लैंगे, गाड्डी में तै सुथरी ढाल उतरियो अर उतरती हाण एक-दुसरे कै ख्स्सन की कोय जरुत ना है।

गाड्डी में जो भी माणस होक्का-बीड़ी पींता पाया, तो पकड़ के तोड्या जागा, कदै पाछै न्यू कहो अक बताई ना थी।

खागडां तै निवेदन है बडे-बूढ्ढ्यां नै अर बालक आली बीरबानियां ताईं सीट छोड दें।

चालती गाड्ड़ी की सूध में पहलडा डिब्बा लुगाईयां ताईं है, मलंग भिरड के छत्ते की ढाल उडै ना मंडरावैं।

गाड्डी में चोर-डाकुवां तै चौकस रहियो ।


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डॉक्टर बेटे!
एक जाट के 4 जवान छोरे थे। जाट चाह रहा था कि उनकी जल्द से जल्द शादी हो जाये। इसी के चलते उसने अपने किसी नज़दीकी से रिश्ते की बात चलाई।

रिश्ते की बात करने लड़की वाले जाट के घर आये। सब कुछ देख परख के लड़की के पिता ने जाट से पूछा, "चौधरी साहब, लड़के क्या करते हैं?"

चौधरी: मुझे लगता है ये चारों के चारों डॉक्टर हैं।

लड़की का पिता: लगता है क्या मतलब? आपको इन के बारे में कुछ नहीं पता क्या? ये बात तो जँची नहीं चौधरी साहब।

चौधरी: जँच तो मेरे भी ना रही पर बात यह है कि, मैं इन चारों से कुछ भी पूछ लूँ तो फौरन कहते हैं, "तेरे को क्या बीमारी है?"